एकांकी(ekaanki) परिभाषा ,विशेषताओं एवं प्रमुख एकांकी 【short trick】

            💐 एकांकी का अर्थ 💐

• एकांकी का शाब्दिक अर्थ :- एक अंक वाला
• एकांकी वास्तव में कार्य – व्यापार द्वारा रंगमंच पर अभिनीय जीवन के एक पहलू का घटना, एक परिस्थिति विशेष का चित्रण है।
• हिंदी साहित्य में ‘वन एक्ट प्ले’ के अर्थ में एकांकी का प्रयोग शुरू हुआ।
• यूरोप में प्रसिद्ध ‘वन एक्ट प्ले’ का विकास एकांकी के रूप में सामने आया।
• एकांकी नाटक का लघु संस्करण कहा जा सकता है

      💐एकांकी की विशेषताएं 💐

1. एकांकी में एक संक्षिप्त रचना जिसे 30 मिनट के लगभग समाप्त होना चाहिए।
2. आंतरिक संघर्ष एवं कौतूहल एकांकी के लिए आवश्यक है
3. एकांकीकार को अनुभूति एवं अभिव्यक्ति में समन्वय रखना पड़ता है।
4. एकांकी में एक अंक होता है।
5. एकांकी में किसी एक ही मूल विचार घटना या समस्या स्थिति विशेष का प्रस्तुतीकरण किया जाता है।
6. एकांकी में घटना स्थान व समय के ऐक्य(संकलन त्रय) का महत्व है।

      💐 एकांकी short trick 💐

              ◆ उदय शंकर भट्ट
स्त्री का हृदय पर्दे के पीछे ही नही रह सकता है तो एक ही कब्र मे कहा रहा सकता है।
1. स्त्री का हृदय
2. पर्दे के पीछे
3. कब्र

             ◆ उपेन्द्र नाथ अश्क
उपेन्द्र नाथ अश्क के विवाह के दिन लक्ष्मी का स्वागत किया तब वहां अन्धेरी गली मे पर जोंक थे।
1. विवाह के दिन
2. लक्ष्मी का स्वागत
3. अन्धेरी गली 
4. सूखी डाली
5. जोंक

                ◆ मोहन राकेश
मोहन राकेश ने रात बीतने के बाद कहा की यह शायद अण्डे के छिलके हो सकते है। 
1. रात बीतने तक
2. शायद
3. अण्डे के छिलके

                 ◆ सुरेन्द्र वर्मा
सुरेन्द्र वर्मा अपने मित्र से कहते है नींद क्यों रात भर नही आती है।
® नींद क्यों रात भर नही आती

          💐 प्रमुख एकांकी 💐

• भोर का तारा :- जगदीश चन्द्र माथुर

• मेरी बांसुरी जगदीश :- जगदीश चंद्र माथुर

• रीढ की हड्डी :- जगदीश चंद्र माथुर

• खंडहर :- जगदीश चंद्र माथुर

• मकड़ी का जाल :- जगदीश चंद्र माथुर

• कबूतरखाना :- जगदीश चंद्र माथुर

• पंचभूत :- सेठ गोविंद दास

• सप्त रेशमी :- सेठ गोविंद दास

• सुहाग बिंदी :- गणेश प्रसाद द्विवेदी

• उमर कैद :- गिरिजाकुमार माथुर

• मनुष्य की कीमत :- चंद्रगुप्त विद्यालंकार

• प्रकाश और परछाई :- विष्णु प्रभाकर

• दस बजे रात :- विष्णु प्रभाकर

• ये रेखायें ये दायरे :- विष्णु प्रभाकर

• पर्वत के पीछे :- लक्ष्मीनारायण लाल

• दूसरा दरवाजा :- लक्ष्मीनारायण लाल

• नदी प्यासी थी :- धर्मवीर भारती

• टकराहट :- जैनेन्द्र कुमार

• राजपूत की हार :- सुदर्शन

• ताजमहल के आंसू :- लक्ष्मी नारायण लाल

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3 comments

  1. अति सुन्दर उत्तर है अति सुंदर प्रस्तुति

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