बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ की प्रमुख काव्य-कृतियां(Badrinarayan Chaudhary ‘Premghan’ ki pramukh kavy krtiyan)

बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ (1857-1921) हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण कवियों में से एक थे उनकी रचनाएँ हिंदी साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। उनके काव्य में देशभक्ति, सामाजिक सुधार, और व्यक्तिगत भावनाओं का सजीव चित्रण मिलता है। यहाँ बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ की प्रमुख काव्य-कृतियों है:

🌺बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ की प्रमुख काव्य-कृतियां🌺

● जीर्ण जनपद

 

● आनन्द अरुणोदय

 

● हार्दिक हर्षादर्श

 

● मयंक-महिमा

 

● अलौकिक लीला

 

● वर्षा-बिन्दु

 

● भारत-वंदना

गद्य पद्य के अलावा आपने लोकगीतात्मक कजली, होली, चैता आदि की रचना भी की है जो ठेठ भावप्रवण मीरजापुरी भाषा के अच्छे नमूने हैं और संभवत: आज तक बेजोड़ भी। कजली कादंबिनी में कजलियों का संग्रह है।

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