मन्नू भण्डारी का परिचय (Mannu Bhandari Ka Parichay)

💐💐 मन्नू भंडारी 💐💐

◆ जन्म – 3 अप्रैल, 1931 ई०

◆ जन्म स्थान :- (भानपुर मंदसौर (म०प्र० )

◆ मृत्यु :- 15 नवंबर  2021, गुरुग्राम, हरियाणा

◆ बचपन का नाम :- महेंद्र कुमारी

◆  घर में सबसे छोटी होने के कारण सब उन्हें प्यार से ‘मन्नू’ बुलाते थे और वही नाम आगे जाकर प्रचलित हुआ।

◆ पिता का नाम :- श्री सुखसंपतराय (हिन्दी पारिभाषिक शब्दकोश के रचयिता)

◆ माता का नाम :- अनूप कुंवारी

◆ मन्नू जी अपने माता-पिता की पांचवीं संतान है, उनसे बड़े दो भाई और दो बहिनें भी हैं।

◆ पति  का  नाम :-  राजेंद्र यादव

◆ पुत्री का नाम :- रचना जन्म  (1961)【 प्यार से उसे ‘टिकू’ पुकारते थे।】

◆ शिक्षा :- कोलकाता विश्वविद्यालय (1949), बी०एच०यू० ( 1953 ई०) ।

◆ अध्यापन :- मिरांडा हाउस, दिल्ली में

◆ प्रसिद्धि :- धर्मयुग’ में आपका बंटी’ उपन्यास के धारावाहिक प्रकाशन से।

◆ श्रीमती मन्नू भण्डारी के व्यक्तित्व पर अपने पिताजी के व्यक्तित्व का सर्वाधिक प्रभाव पड़ा है ।

◆ मन्नू भण्डारी के पिता श्री सुखसंपतराय भण्डारी जी अंग्रेज़ी हिन्दी – शब्द कोश (विषयवार) के निर्माता थे। हिन्दी पारिभाषिक शब्दकोश की रचना उन्होंने आठ भागों में की है।

◆ मन्नू भण्डारी ने कहा है- ‘पिता का चरित्र अपनी सारी गरिमा, सारी करुणा और सारे अंतर्विरोधों के साथ मेरे मन में ज्यों का त्यों अंकित है- बार बार मुझे लिखने केलिए प्रेरित भी करता है।

◆ मन्नू भण्डारी की माता उदार तथा स्नेहल थी।

◆  मन्नू भण्डारी ने अपनी माँ का बारे कहा  “धरती से ज्यादा ही धैर्य और सहन शक्ति थी। शायद उनमें पिता जी की हर ज्यादती को अपना प्राप्य और बच्चों की हर उचित अनुचित फर्माइश और जिद को – अपना फर्ज समझकर बड़े ही सहज भाव से स्वीकार करती थीं ।”

◆ मन्नू भण्डारी का प्रिय लेखक यशपाल थे।

◆ साहित्यिक लेखन :-

★ उपन्यास :-
1.  एक ईंच मुस्कान(1962 ई., पति राजेंद्र यादव के सयुंक्त रूप से)
2.   आपका बंटी (1971 ई.),
3.   महाभोज (1979 ई.),
4.   कलवा (1971 ई.),
5. स्वामी (1982 ई.)

★कहानी :-
1. मैं हार गई (1957 ई., प्रथम कहानी संग्रह,पिताजी को समर्पित )
2.  यही सच है(1966 ई.)
3.  तीन निगाहों की एक तस्वीर (1968 ई.)
4.   एक प्लेट सैलाब (1968 ई.),
5.  त्रिशंकु (1978 ई०)

★ नाटक :-
1. बिना दीवारों के घर (1966 ई.)
2. महाभोज (1982 ई.,महाभोज उपन्यास रूपान्तरण,)
3. उजली नगरी चतुर राजा

★एकांकी :- प्रतिशोध तथा अन्य एकांकी (संपादित)

★  पटकथाएँ :-
1.  कथा-पटकथा
2.  रजनी
3.  निर्मला
4.  स्वामी
5. दर्पण

★आत्मकथा :- एक कहानी यह भी

★  बालोपयोगी :-
1. आँखों देखा झूठ
2. आसमाता

★ संपादन :-
1.   संकल्प का सौंदर्यशाला (आलोचना)
2.  प्रतिशोध तथा अन्य एकांकी

★ पुरस्कार सम्मान :-

1. उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, ‘महाभोज’ पर, 【1980-81】
2.  भारतीय भाषा परिषद्, कलकता,【1982】
3.  कला-कुंज सम्मान, दिल्ली, 【1982 】
4.  भारतीय संस्कृति संसद कथा समारोह, कलकत्ता,【 1983】
5. बिहार राज्य भाषा परिषद्, 【1991】
6.  राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, 【2001-02】
7.  महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी, 【2004】
8.  हिंदी अकादमी, दिल्ली श्लाका सम्मान, 【2006-07】
9.  मध्यप्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन, भवभूति अलंकरण,【 2006-07 】
10. के०के० बिरला फाउंडेशन की ओर से ‘एक कहानी यह भी’ पर व्यास सम्मान, 【2008】
11.  शब्द साधक शिखर सम्मान, 【2014】

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