रचनाओं संबंध में आलोचकों के विचार

क्रम संख्या

रचना

कहा जाता है

1.        

कामायानी

(1935,जयशंकर प्रसाद)

मानवता का रसात्मक इतिहास

(आचार्य नंददुलारे वाजपेयी)

मानव चेतना के विकास का महाकाव्य

(डॉ. नगेंद्र)

छायावाद का उपनिषद्

(शांतिप्रिय द्विवेदी)

मानवता का रसात्मक महाकाव्य

(आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने कहा)

नए युग का प्रतिनिधि काव्य

 (नंददुलारे वाजपेयी)

 आधुनिक सभ्यता का प्रतिनिधि काव्य

(नामवर सिंह ने कहा)

रहस्यवाद का पहला महाकाव्य

(निराला ने कहा)

हिंदी में ताजमहल के समान

(पंत ने कहा)

फैटेन्सी महाकाव्य

(मुक्तिबोध ने कहा)

चिंता का विराट वपु मंगल

(डॉ. बच्चन सिंह)

प्रतिनिधि काव्य ग्रंथ

(नंददुलारे वाजपेयी)

 

2.        

वैराग्य संदीपनी (तुलसीदास)

अखिल ज्ञान का सार (तुलसीदास ने कहा)

3.        

सूरसागर(सूरदास)

स्त्रीचरित्र का विशाल काव्य(आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदीने कहा)

4.        

सूरसारावली(सूरदास)

सूरसागर की विषय सूची

5.        

भ्रमरगीत का प्रथम भाग(सूरदास)

श्रीमद्भागवत अनुवाद कहा जा सकता है

6.        

रासपंचाध्यायी(नंददास)

हिंदी का गीत गोविंद

(वियोगी हरि ने कहा)

7.        

उर्वशी (जयशंकर प्रसाद)

कामायानी की श्रद्धा पूर्व संस्करण

चंपू काव्य

8.        

झरना [काव्य]

जयशंकर प्रसाद

छायावाद की प्रयोगशाला का प्रथम आविष्कार

(नंददुलारे वाजपेयी े कहा)

9.        

प्रेमपथिक

(जयशंकरप्रसाद)

 

कामयाबी की पूर्व पीठिका

10.    

अंधेरे में

(मुक्तिबोध)

आधुनिक जन इतिहास का स्वतंत्रता से पूर्व और पश्चात् का एक दहकता इस्तापी दस्तावेज

(शमशेर बहादुर सिंह)

 अस्मिता की खोज की बात

 (नामवर सिंह ने कहा)

अपराध भावना का अनुसंधान,आरक्षित जीवन की कविता

 (रामविलासशर्मा)

 आत्म संशोधन का अनुसंधान

(इंद्रनाथ मदान)

अंतस्थल का विप्लव

(निर्मला जैन)

लावा

(प्रभाकरमाचवे)

अंधेरे में कविता के लम्बे खण्डों में कवि की समस्या

(रामस्वरूप चतुर्वेदी

11.    

चंद्रावली[नाटिका]

(भारतेंदुहरिश्चंद्र)

भारतेंदु की आत्मा का प्रतिरूप

(डॉ रामविलास शर्मा ने कहा)

12.    

रंगभूमि उपन्यास

[उर्दू उपन्यास चौगाने हस्ती का हिंदी रूपांतरण]

(प्रेमचंद)

भारतीय जन जीवन का रंगमंच

गांधीवादी जीवनदर्शन का महाकाव्यात्मक उपन्यास (एपिकनॉवेल)

                (बच्चन सिंह ने कहा)

13.    

गोदान

(प्रेमचंद)

इर्ष्येय महाकाव्यात्मक गरिमा

(नलिन लोचन शर्मा)

14.    

रस सिद्धांत (डॉ. नगेंद्र)

यह डॉ नगेंद्र की सिद्धांत समीक्षा की मेरुदंड हैं।

15.    

हरिवंश राय बच्चन की अपनी आत्मकथा को

स्मृति यात्रा यज्ञ कहा है।

16.    

शिवसिंह सरोज

(शिवसिंह सेंगर)

हिंदी साहित्य के इतिहास का प्रस्थान बिंदु

17.    

चित्रावली

(1613,उसमान)

पद्मावत की छाया

18.    

जय भारत [काव्य]

(मैथिलीशरण गुप्त)

हिंदू संस्कृति का स्वच्छ दर्पण

19.    

साकेत

(मैथिलीशरण गुप्त)

जीवन वादी काव्य

(डॉ नगेंद्र ने कहा)

20.    

दीवार में एक लड़की रहती है(1996, उपन्यास)

 विनोद कुमार शुक्ल

निम्न मध्यवर्गीय जीवन का जादू

 

21.    

मैला आंचल (उपन्यास)

(फणीश्वराथ रेणु)

सतीनाथ भादुरी कृत ढीडामचरित मानस की कार्बन कॉपी

(मधुकर गंगाधर ने कहा)

22.    

हिंदी पुस्तक साहित्य

आधुनिक साहित्य संपत्ति का बीजक

(माता प्रसाद गुप्त ने कहा)

23.    

भविष्यत कथा/ कहा

(धनपाल)

रोमांटिक महाकाव्य

(विंटरनित्ज महोदय ने कहा)

24.    

परमाल रासो

जगनिक

 

बैलेड

(.रामचन्द्र शुक्ल ने कहा)

वीरगाथा

(रामकुमार वर्मा ने कहा)

25.    

पृथ्वीराज रासो

(चन्दबरदायी)

[68 प्रकार के छंद]

शुकशुकी संवाद [तोता मैना]

(हजारी प्रसाद द्विवेदी ने कहा)

 छंदों का अजायबघर

(शिवसिंह सेंगर ने कहा)

हिंदी का व्रत महाभारत

(दशरथ शर्मा ने कहा)

राजनीति की महाकाव्यात्मक त्रासदी

(डॉ.नगेंद्र ने कहा)

26.    

रामचंद्रिका

  (केशवदास )

[125 प्रकार के छंदों का प्रयोग]

छन्दों अजायबघर

(डॉ.रामस्वरूप चतुर्वेदी ने कहा)

छन्दों का वैविध्य या छन्दों की भरमार

27.    

वीणा संग्रह

(पंत)

दुधमुंहा ्रयास, बाल कल्पना

(पंत ने कहा)

कवि की काव्यभावना का शिशु संसार

28.    

कीर्ति लता

(विद्यापति)

भृंगभृंगी ंवाद

(. हजारी प्रसाद द्विवेदी ने कहा)

कहाणी

(विद्यापति ने कहा)

29.    

बीसलदेव रासो

(नरपति नाल्ह)

विरहकाव्य,नारीकाव्य, अमृत काव्य

 

 

वीर गीत

(आचार्य रामचंद्र शुक्ल)

30.    

बिहारी सतसई

(बिहारी)

लड़कियों की अदायें

(सत्येंद्रनाथ ने कहा)

31.    

कुरुक्षेत्र

(दिनकर)

आधुनिक युग की गीता

32.    

पद्मावत

(जायसी)

[15 सितंबर 1590]

हिंदी में अपने ढंग की अकेली ट्रेजिक कृति  कहां है

(विजय देव नारायण साही ने)

33.    

पद्मावत का नागमती वियोग खंड

हिंदी साहित्य के अनुपम निधि

34.    

ठेठ हिंदी का ठाठ (उपन्यास)

[हरिऔध]

 इस उपन्यास को मुहावरों पाठ्यक्रम पुस्तक कहा जाता है।

35.    

शेखर एक जीवनी(उपन्यास)

[अज्ञेय]

आसमान का पुच्छलतारा

कहा बुद्धि की नक्काशी

( नलिन विलोचन शर्मा )

36.    

नदी के दीप

(अज्ञेय)

रसस्खलन

(नलिन विलोचन शर्मा)

37.    

मुक्तिबोध के काव्य को

डॉ नामवर सिंह ने निषेध का निषेध का है

38.    

श्यामा स्वप्न (उपन्यास)

[ ठाकुर जगमोहन सिंह]

गद्य काव्य

(अंबिकादत्त व्यास ने कहा)

39.    

पल्लव की भूमिका (1928)

[पंत]

छायावाद का घोषणा पत्र (मेनीफेस्टो)

40.    

गुंजन(1932)

[पंत]

प्राणों का उन्मन गुंजन

(पंत ने कहा)

छायावाद और प्रकृतिवाद का संधिस्थल

41.    

स्वर्ण किरण

(पंत)

स्वर्ण काव्य

पुनरुज्जीवन का काव्य

42.    

कला और बूढ़ा चांद (1959)

[पंत]

रश्मिपदी काव्य

43.    

सत्यकाम (1975)

[पंत]

एक तापस की भावनाओं को वाणी देने वाला काव्य

(पंत ने कहा)

औपनिषदि ककथा से अनुस्युत का काव्य

44.    

हुंकार(1939)

[दिनकर]

वैतालिक का जागरण गान

(बच्चन सिंह ने कहा)

45.    

चांद का मुंह टेढ़ा है

(मुक्तिबोध)

रूपक प्रधान कथात्मक काव्य

46.    

बुनी हुई रस्सी

(काव्य संग्रह 1968)

【भवानी प्रसाद मिश्र】

रंध्रवती कविताओं का संग्रह

47.    

खंड खंड पाखंड पर्व(1968)

एक नाराज कवि की कविता (नरेंद्र मोहन ने कहा)

48.    

यह तीरथ विद्यापति कहानी

कहानी विद्यापति निकाल

49.    

 प्रतिहिंसा की स्थायी भाव है

(कविता)

(नागार्जुन)

इस कविता को नागार्जुन ने नागार्जुन साहित्य की मेनिफेस्टो कहा है।

50.    

आधे अधूरे (नाटक,1969)

[मोहन राकेश]

मील का पत्थर,

समकालीन जिंदगी का पहला सार्थक हिंदी नाटक

51.    

अनुष्ठान (नाटक)

[ज्ञानदेव अग्निहोत्री]

मानव की भी दिग्भ्रान्ति यात्रा का नाटक

52.    

शुतुरमुर्ग  (1968,नाटक)

[ज्ञानदेव अग्निहोत्री]

राजनीतिक फैटेसी या सामाजिक राजनैतिक फोर्स

53.    

त्रिशंकु (नाटक 1973)

 बृजमोहन सहाय

हिंदी का आधुनिक युग में पहला तेज,तर्श और तल्ख नाटक

(डॉ. दशरथ ओझा ने कहा)

54.    

शह ये मात यह मात

(नाटक,1976)

[बृज्र मोहन शाह]

 

हिंदी का एक गिनी फिकेन्ट नाटक

55.    

दीवार में एक लड़की रहती है(1996, उपन्यास)

 विनोद कुमार शुक्ल

निम्न मध्यवर्गीय जीवन का जादू

56.    

लखन सेन पद्मावती

(दामोदर कवि)

दामोदर कवि ने इसे वीर कथा का

57.    

बृज भाषा का व्याकरण

किशोरदास

 

हिंदी की व्याकरण का व्याकरण

58.    

जगद्विनोद

श्रृंगार रस का सार ग्रंथ

59.    

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