रामानन्द का जीवन परिचय(Ramanand ka jeevan parichay)

🌺रामानन्द का जीवन परिचय🌺

* जन्म-1368ई.मृत्यु-1468ई.

• जाति – कान्यकुन्ज ब्राह्मण

* शिक्षा – काशी

• गुरु- राघवनन्द

* नाभादास की भक्तमाल में रामानंद के बारह शिष्यों का उल्लेख है।

* रामावत सम्प्रदाय के प्रवर्तक

* रामावत सम्प्रदाय का मूल मंत्र- राम या सीताराम

* दो ग्रन्थ :-

1. वैष्णव मताब्ज भास्कर(संस्कृत भाषा में)

2. श्रीरामार्चन पद्धति(संस्कृत भाषा में)

* रामानुजाचार्य रामानन्द से 14 पीढ़ी ऊपर थे।(आ.रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार)

* हिन्दी रामकाव्य के मुख्य प्रेरणास्त्रोत – रामानन्द

* रामानुजाचार्य ने जो भक्तिमार्ग केवल द्विजातियों के लिए खोला था उसे रामानन्द ने सबके लिए खोल दिया ।

* रामानन्द ने हनुमान की प्रसिद्ध आरती लिखी “आरति कीजै हनुमान लला की।”

* रामानन्द सम्प्रदाय की गद्दी :- गलताजी(राजस्थान) में रामानन्द के शिष्य अनन्तानन्द के शिष्य कृष्णदास पयहारी ने स्थापित की।इसे उत्तर तोताद्रि भी कहा जाता है।

* गुरु ग्रन्थ साहब में भी रामानन्द के दो पद संकलित है।

* योग साधना को प्रमुखता देने वाले वैरागी शाखा को तपसी शाखा भी कहा गया।जिसका पल्लवन इसी परम्परा के कील्हदास के शिष्य द्वारकादास ने किया।

* रामानन्द के 12 शिष्यों का नामः-
◆ कब से दास पीपा लेकर धन्ना को बुलाने का अनंत प्रयत्न कर रहा है और उधर सुरसुरा एव सुरसरीपदमावती का नर का भाव देखकर सुख मिला है।
1. कबीर (कब)

2. सेन (से)

3. रैदास (दास)

4. पीपा (पीपा)

5. धन्ना (धन्ना)

6. अनंतानंद(अनंत)

 

7. सुरसुरानंद (सुरसुरा)

8. सुरसुरी (सुरसरी)

 

9. पदमावती (पदमावती)

10. नरहयनिंद (नर)

 

11. भावानन्द (भाव)

12. सुखानंद(सुख)

 

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