शारंगधर का जीवन परिचय

• शारंगधर का आयुर्वेद का ग्रंथ प्रसिद्ध है।

• यह अच्छे कवि और सूत्रकार भी थे।

• इन्होंने शारंगधर पद्धति के नाम से एक सुभाषित संग्रह भी बनाया और अपना परिचय भी दिया है।

रणथम्भौर के सुप्रसिद्ध वीर महाराज हम्मीरदेव के प्रधान सभासदों में राघवदेव थे।

• राघव दास के तीन पुत्र- भोपाल, दामोदर, देवदास

• दामोदर के तीन पुत्र – शारंगधर, लक्षमीधर,कृष्ण

• शारंगधर के ग्रंथों का समय – वि. स. 14वीं शताब्दी का अंतिम चरण

• शारंगधर पद्धति में बहुत से शाबर मंत्र और भाषा – चित्र – काव्य दिये गये है। जिनमें बीच-बीच में देश भाषा के वाक्य आये हैं ।

• शारंगधर ने ‘हम्मीररासो’ नामक एक वीर गाथा काव्य की भी रचना की।

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