हिंदी काव्य संग्रह (hindi kaavy sangrah) 【short trick】

     

💐काव्य Short trick 💐

      ◆ सुभद्रा कुमारी चौहान

त्रिधारा और मुकुल ने मिलकर झाँसी की रानी कविता को गाया।
1. त्रिधारा(काव्य संग्रह, 1930 ई.)

2. मुकुल (काव्य संग्रह,1930 ई.)

3. झाँसी की रानी (कविता)

      ◆ सोहन लाल द्विवेदी

वासवदत्ता एवं कुणाल की तीन बहनें भैरवी,प्रभाती और पूजागीत

1. वासवदत्ता

2. कुणाल

3. भैरवी

4. प्रभाती

5. पूजागीत

      श्यामनारायण पाण्डेय

हल्दीघाटी में त्रेता के दो वीर (तुमूल) इनकी पत्नी बाली वध मेंं जौहर करना चाहती है।

1. हल्दीघाटी(देवी पुरस्कार -1939)

2. त्रेता के दो वीर (तुमूल)

3. बाली वध

4. जौहर (द्विवेदी पुरस्कार -1944)

          ◆ नरेन्द्र शर्मा

द्रौपदी और उत्तरजय पलाश वन मे प्रभात फेरी के समय प्रवास के गीत गा रही है।

1. द्रौपदी

2 . उत्तरजय

3. पलाश वन

4. प्रभात फेरी

5. प्रवास के गीत

6. मिट्टी और फूल

7. रक्त चन्दन

8. सुवर्णा

9. प्यास निर्झर

       ◆ रामेश्वर शुक्ल ‘अचंल‘ ◆

वर्षांत के बादल के बाद किरण वेला से करील लाल चुनर जैसे दिखता है।

1. वर्षांत के बादल

2. किरण वेला

3. करील

4. लाल चुनर

     ◆ केदारनाथ मिश्र ‘प्रभात’

ज्वाला ऋतम्बरा से कहती है, बैठो मेरे पास

1. ज्वाला

2. ऋतम्बरा

3. बैठो मेरे पास

          ◆ डॉ. देवराज

इला और अमिताभ ने कहा आहत आत्मा हैं।

1. इला और अमिताभ

2. आहत आत्मा

          ◆ भवानी प्रसाद मिश्र

सतपुड़ा के जंग मे सन्नाटा के साथ ही वीणा की दीनता देखी जा सकती है।

1. सतपुड़ा के जंग

2. सन्नाटा

3. वीणा की दीनता

4. गीत फरोश

      ◆ शमशेर बहादुर सिंह

• शमशेर बहादुर सिंह कल तुझसे दौड़ है मेरी मैं बहादुरी से दौड़ चुका भी हूँ नही डरता हार जीत से यह बात बोलेगी कल

1. कल तुझसे हौड़ है मेरी मैं

2. चुका भी हूँ(साहित्य अकादमी पुरस्कार – 1977)

3. यह बात बोलेगी कल

 

       ◆ केदारनाथ सिंह

अभी बिल्कुल अभी जमीन पक रही है यहॉ से देखो

1. अभी बिल्कुल अभी

2. जमीन पक रही है

3. यहॉ से देखो

   

   सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

काठ की घंटिया देखने खूँटियों पर टॅगे लोग

1. काठ की घंटिया

2. खूँटियों पर टॅगे लोग(साहित्य अकादमी पुरस्कार –
1983)

         

 ◆ माखन लाल चर्तुवेदी

हिम किरीटिनी और हिम तरंगिनी युग चरण में जाती है वहॉ मरण ज्वार का अभिनय करती है।

1. हिम किरीटिनी

2. हिम तरंगिनी(साहित्य अकादमी पुरस्कार – 1955)

3. युग चरण

4. मरण ज्वार

         

   शम्भुनाथ सिंह

दिवलोक के माध्यम मेंं समय की शिला पर रूप रश्मि नृत्य कर रही है।

1. दिवलोक

2. माध्यम में

3. समय की शिला

4. रूप रश्मि

5. वक्त की मीनार

6. माता

7. भूमि

 

           ◆ ठाकुर प्रसाद सिंह

ठाकुर प्रसाद सिंह ने वंशी और मादल के बीच हारी हुई लडाई लड़ते हुए समाप्त करवायी।

1. वंशी और मादल

2. बीच हारी हुई लडाई

3. लड़ते हुए

 

           ◆ उदय प्रकाश

सुनो कारीगर क से कबूतर पढ़ो/बोलो ।

1. सुनो कारीगर

2. क से कबूतर

           

         ◆ भारतेन्दु हरिश्चन्द्र

प्रेम मालिका एव प्रेम माधुरी प्रेम सरोवर मेंं वर्षा विनोद से प्रेम फुलवारी लेकर जाती है।

1. प्रेम मालिका

2. प्रेम माधुरी

3. प्रेम सरोवर

4. वर्षा विनोद

5. प्रेम फुलवारी

         

        ◆ भारतेन्दु हरिश्चन्द्र

प्रबोधिनी फूलों का गुच्छा प्रातः समीरन को देती है।

1. प्रबोधिनी

2. फूलों का गुच्छा

3. प्रातः समीरन

4. विजयिनीविजय वैयन्ती

5. भारत शिक्षा

6. विजयवल्लरी

7. रिपनाष्टक

 

      ◆ बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमधन’

लालित्य लहरी और आनन्द अरूणोदय दोनोंं मिलकर मयंक महिमा मेंं हार्दिक हृर्षादय एवं आर्याद्भिनंदन के जीर्णं जनपद के बारे में लिखते है।

1. लालित्य लहरी

2. आनन्द अरूणोदय

3. मयंक महिमा

4. हार्दिक हृर्षादय

5. आर्याद्भिनंदन

6. जीर्णं जनपद

 

       ◆ प्रतानारायण मिश्र

प्रेम पुष्पावली के नया सवंत् होली महापर्व है
1. प्रेम पुष्पावली

2. नया सवंत्

3. महापर्व

4. होली है

5. मन की लहर

6. तृप्यन्ताम्

7. हरगंगा

8. बुढापा

9. कंकाराष्टक

          ◆ ठा.जगमोहन सिंह

श्यामालता और श्यामा सरोजिनी प्रेम संपत्तिलता की साथ लेकर देवयानी में स्नान करने जाती है।

1. श्यामालता

2. श्यामा सरोजिनी

3. प्रेम संपत्तिलता

4. देवयानी

         ◆ अंबिकादत्तव्यास

हो होरी, बिहारी विहार में कंस वध का वर्णन है।

1. बिहारी विहार(दोहो का कुड़लियों में काव्यानुवाद)

2. कंस वध(खडी बोली अपूर्व प्रबन्धकाव्य)

3. हो हो होरी

 

               ◆ राधाकृष्णदास
भारत बारहमासा का वर्णन देश – दशा के आधार पर किया जाता है।

1. भारत बारहमासा

2. देश- दशा

3. विजयिनी विलाप

4. जुबिनी

5. मेक्डानल्ड पुष्पांजलि

        ◆ नाथूराम शर्मा ‘शंकर’

शंकरसरोज गर्भरडारहस्य का पता लगाया है इस पर शंकर सर्वस्व है।

1. शंकरसरोज

2. गर्भरडारहस्य

3. शंकर सर्वस्व

         

          ◆ श्रीधरपाठक

भारत गीत कश्मीर सुषमा को माध्यम मनाकर गाया गया था ।

1. भारत गीत

2. कश्मीर सुषमा (ब्रजभाषा ,1904)

 

       ◆ आ.महावीर प्रसाद द्विवेदी

काव्य मंजुषा मे कान्यकुब्ज अबला विलाप और कविता कलाप देखने को मिलते है।

1. काव्य मंजुषा

2. कान्यकुब्ज

3. अबला विलाप

4. कविता कलाप

 

अयोध्यासिह उपाध्याय ‘हरिओध’

प्रियप्रवास और पद्यप्रसुन ने मिलकर चुभते चौपादे की रचना की ।

1. प्रियप्रवास(खडी बोली का प्रथम महाकाव्य,1951)

2. पद्यप्रसुन

3. चुभते चौपादे

4. चौखे चौपदे

5. रसकलस(ब्रजभाषा)

6. वैदेही वनवास

     ◆ राय देवी प्रसाद ‘पूर्ण’

राय देवी प्रसाद ‘पूर्ण’  स्वदेशी कुंडली पहनते है।

1. स्वदेशी कुंडली

2. मृत्युंजय

3. राम रावण विरोध

4. वसंत वियोग

    ◆ लाला भगवान दीन

लाला भगवान दीन वीर बालक है।
® वीर बालक

      ◆ लोचन प्रसाद पाण्डेय

मेवाड़ गाथा प्रवासी को इक निगाह देखते ही मालूम हो जाती है।

1. मेवाड़ गाथा

2. प्रवासी

3. इक निगाह

      ◆ सियारामशरण गुप्त

मौर्य विजय बापू के साथ पाथेय में रहता है।

1. मौर्य विजय

2. बापू

3. पाथेय

4. अनाथ

5. विषाद

   

       ◆ सत्यनारायण कविरत्न
            【ब्रजभाषा के कवि

सत्यनारायण हृदय तरंग के बारे में जानते है।
® हृदय तरंग (प्रेम कलि एवं भ्रमरदूत)

       ◆ जगन्नाथदास रत्नाकर
         【ब्रजभाषा के कवि
श्रृंगारलहरी ने गंगावतरण पर उद्धवशतक लिखा।

1. श्रृंगारलहरी

2. गंगावतरण

3. उद्धवशतक

      ◆ मैथिलीशरण गुप्त
              [ राष्ट्र कवि

साकेत यशोधरा एंव विष्णुप्रिया मिलकर स्वदेश संगीत सीखने द्वापर के पास जाती है वह संगीत की झंकार की सुनायी जयद्रथ वध को लगती है जो रंग मे भंग डाल देता है।

1. साकेत(महाकाव्य ,1931)

2. यशोधरा

3. विष्णुप्रिया

4. स्वदेश संगीत

5. द्वापर

7. झंकार

8. जयद्रथ वध

9. जय भारत(महाकाव्य,1952)

10. रंग मे भंग

    ◆ मैथिलीशरण गुप्त
          [ राष्ट्र कवि

भारत भारती ने किसान को पंचवटी दिखाने ले जाती है।

1. भारत भारती

2. किसान

3. पंचवटी

         ◆ ईश्वरदास
अंगदपैज ने भरत मिलाप और सत्यवती कथा लिखी है।

1. अंगदपैज

3. भरत मिलाप

3. सत्यवती

        ◆ नंददास
नंददास की रास पंचायध्यायी में भंवरगीत भी है।

1. भंवरगीत

2. रास पंचायध्यायी

 

        ◆ चिन्तामणि त्रिपाठी

कविकुलकल्पतरू ने काव्य विवेक मे छन्द विचार पिंगल का वर्णन किया है।

1. कविकुलकल्पतरू

2. काव्य विवेक

3. छन्द विचार

4. पिंगल

5. रसविलास

     

        ◆ कुलपति मिश्र

द्रोणपर्व का संग्राम सार एवं रस रहस्य लिखा गया है।

1. द्रोणपर्व

2. संग्राम सार

3. रस रहस्य

           

             ◆ भिखारी दास

श्रृंगार निर्णय एवं काव्य निर्णय करने बाद छन्दार्णन पिंगल एव रस सारांश

1. श्रृंगार निर्णय

2. काव्य निर्णय

3. छन्दार्णन पिंगल

4. रस सारांश

5. अमरकोश या शब्दनामकोश

💐💐 अन्य काव्य 💐💐

1. बनारसी दास :-
• अर्द्ध कथानक (1641 ,हिन्दी की प्रथम आत्म चरितात्मक कृति)

2. सोमनाथ :- रसपीयूष विधि

3. प्रतापि साहि :- व्यंग्यार्थ कौमूदी (1825)

4. ग्वाल :-

• रसिकान्द (1827)

• साहित्यनन्द (1848)

5. सुखदेव मिश्र :-

• अध्यात्मक प्रकाश

• रसार्णव

5. मतिराम :-

• व्रत कौमुदी(अथवा छन्द सार संग्रह)

• ललित ललाम (1661-64)

6. गोप : – रामचन्द्रभूषण

7. भूषण :-

• शिवराज भूषण (1673)

• शिव बासनी

• छत्रसाल दशक

8. दूलह :- कवि कुल कंठाभरण(1743-68,इसका सम्पादन कार्य – जगन्नदास रत्नकार)

9. बिहारी :- बिहारी सतसई (1662,पहली टीका कृष्ण कवि ने लिखी)

10 वृन्द :- यमक सतसई

11. घनानन्द :-

• इश्क लता

• सुजान हित

12. आलम :- आलमकेलि(1683 से 1703)

13. द्विजदेव :- श्रृंगारलतिका सौरभ

                 💐प्रथम काव्य💐

• हिंदी साहित्य का प्रथम महाकाव्य :- पृथ्वीराज रासो

• हिंदी काव्य में प्रथम बारहमासा वर्णन :- बीसलदेव रासो

 

•  हंसावली(1370ई,असाइत,राजस्थानी भाषा)
(प्रथम सूफी रचना मानने वाले विद्वान डॉ.गणपति चन्द गुप्त)

 

•   चन्दायन(1379ई,मुल्लादाउद,अवधी भाषा)
【प्रथम सूफी रचना मानने वाले विद्वान डॉ.राम कुमार वर्मा

•  सत्यवतीकथा(1501ई,ईश्वरदास,अवधी भाषा)
【प्रथम सूफी रचना मानने वाले विद्वान आ.हजारी प्रसाद द्विवेदी

•  मृगावती(1503 ई.,कुतुबन,अवधी भाषा)
【प्रथम सूफी रचना मानने वाले विद्वान आ.रामचन्द्र शुक्ल

• हिंदी का प्रथम वक्रोति कथात्मक महाकाव्य:- पद्मावत(जायसी)

• कृष्ण भक्ति काव्य का सबसे प्रसिद्ध काव्य:- सूरसागर (सूरदास)

• राम भक्ति का सबसे प्रसिद्ध काव्य :- रामचरितमानस (तुलसीदास )

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