आदिवासी साहित्य पर लिखे गए उपन्यास(aadivasi sahity par likhe gae upanyas)

                                        🌺आदिवासी साहित्य(aadivasi saahity)🌺

🌺 आदिवासी शब्द का तात्पर्य:- वनवासी,जंगली

🌺आदिवासी लोगों को भूमिपुत्र या वन पुत्र कहा जाता है।

🌺 भारत में आदिवासियों की संख्या अफ्रीका के बाद सबसे अधिक है।

🌺 आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में रखा जाता है।

🌺आदिवासी साहित्य पर लिखे गए उपन्यास:-

1. बसंती मालती (1899) :- जगन्नाथ प्रसाद चतुर्वेदी
* यह सर्वप्रथम उपन्यास है जो आदिवासियों जीवन के संबंध में लिखा गया।
* मुझे उपन्यास मलयपुर अंचल के आदिवासी जीवन पर आधारित है।

2. वन विहंगिनी(1909ई.) :- रामचीज सिंह

3. अरण्य बाला (1904ई.) :- ब्रजनंदन सहाय

4. रामलाल(1904ई.) :- मन्नन द्विवेदी

5. कोरी कुमारी(1934ई.) :- रामदीन पांडे

6. रथ के पहिए(1952ई.) :- देवेंद्र सत्यार्थी

7. कचनार (1947ई.) :- वृन्दावन लाल वर्मा

8. मैला आंचल(1954ई.) :- फणीश्वर नाथ रेणु
* इसमें सथाल आदिवासी समाज का चित्रण।

9. वनलक्ष्मी(1956ई.) :- योगेंद्र नाथ सिन्हा

10. धरती मेरा घर(1960ई.) :- रांगेय राघव
* गाड़िया लोहारों के खानाबदोश जीवन पर आधारित।

11. कब तक पुकारूँ(1958ई.) :- रांगेय राघव

12. जंगल के फूल(1960ई.):- राजेंद्र अवस्थी

13. वरुण के बेटे (1957ई.):- नागार्जुन

14. आठवीं भाँवर (1969ई.) :- आनंद प्रकाश जैन

15. वन पाखी (1961ई.) :- गुरबचन सिंह

16. वन के मन में :- योगेंद्र नाथ सिन्हा

17. मादल का दर्द (1963ई.):- श्याम व्यास

18. पिंजरे में पन्ना (1981) :- मणि मधुकर

19. अंधेरा और (1982ई.) :- हिमांशु जोशी

20. जंगल के आस- पास(1982ई.) :- सुरेश चंद्र श्रीवास्तव

21. शैलूष :- शिव प्रसाद सिंह

22. पांव तले दूब :- संजीव

23. सावधानी से नीचे आग है :- संजीव

24. धार :- संजीव

25. पार :- वीरेंद्र जैन

26. अल्मा कबूतरी :- मैत्रेयी पुष्पा

27. काला पादरी :- तेजिन्दर

28. जहां बांस फूलते हैं :- प्रकाश मिश्र

28. जंगल जहां शुरू होता है (2010):- संजीव

 

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