New Update

Author Archives: Puran Mal Kumhar

पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिलाएं(puraskar pane vali pratham mahilaen)

🌺 पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिलाएं 🌺 1. *बुकर पुरस्कार जीतने वाली प्रथम महिला :- अरुंधति रॉय 2. *अंतरराष्ट्रीय बुकर प्राइज जीतने वाली प्रथम महिला :- गीतांजलि श्री 3. पद्म विभूषण पुरस्कार (हिन्दी) पाने वाली प्रथम महिला :- अमृता प्रीतम (दिल्ली, 2004 में) 4. पद्म भूषण पुरस्कार (हिन्दी) पाने वाली प्रथम महिला :- महादेवी वर्मा (उत्तर प्रदेश, 1956ई.) 5. पद्मश्री ...

Read More »

वे रचनाऐं जिन पर फिल्में बनायी गई( ve rachanaye jin par film banayi gyi)

भारतेंदु युग में लिखी गई कई रचनाएं थीं, जिन पर फिल्में बनाई गई हैं और उनका बहुत अच्छा प्रदर्शन हुआ है। यहाँ कुछ ऐसी रचनाएँ हैं जिन पर फिल्में बनी हैं: “भारतेंदु हरिश्चंद्र”: यह फिल्म भारतेंदु हरिश्चंद्र के जीवन पर आधारित है, जो भारतीय साहित्य के इस काल के महान कवि थे। “सत्यवादी हरिश्चंद्र”: इस फिल्म में भारतेंदु हरिश्चंद्र की ...

Read More »

लिंग की परिभाषा और हिन्दी में लिंग के प्रकार

     लिंग * लिंग :- शब्द के जिस रूप या चिह्न से उसके पुरुष अथवा स्त्री जाति के होने का बोध हो, उसे लिंग कहते हैं। ◆ लिंग के भेद:- हिंदी में लिंग के दो भेद होते हैं: पुल्लिंग स्त्रीलिंग पुल्लिंग :- शब्द के जिस रूप या चिह्न से उसके पुरुषवाचक होने का बोध हो, उसे पुल्लिंग कहते हैं। ...

Read More »

अमीर खुसरो(ameer khusaro) का जीवन परिचय

• जन्म 1255ई. मृत्यु – 1324ई. • जन्म स्थान – एट जिला पटयाली गाँव(उत्तरप्रदेश) • अमीर खुसरो के पूर्वज तुर्की थे और बलखट देश से भारत आए थे। • 13वीं शताब्दी में जब दिल्ली पर गुलाम वंश का शासन था तब अमीर खुसरो के पिता बलख हजारा (बैक्ट्रिया) से भागकर भारत आ गए तथा एटा जिला के पटियाली नामक ग्राम ...

Read More »

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के आलोचनात्मक ग्रंथ(Acharya Hazari Prasad Dwivedi ke aalochanatmak granth)

🌺आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की प्रमुख आलोचनात्मक कृतियाँ🌺 ◆ सूर साहित्य (1930 ई.) ◆ हिन्दी साहित्य की भूमिका (1940 ई.) ◆ कबीर उदात्त (1941 ई.) ◆ हिन्दी साहित्य का आदिकाल (1952 ई.) ◆ सहज साधना (1963 ई.) ◆ कालिदास की लालित्य योजना (1965 ई.) ◆ मध्यकालीन बोध का स्वरूप (1970 ई.)   🌺हजारी प्रसाद द्विवेदी भारतीय साहित्य के प्रसिद्ध और ...

Read More »

नंददुलारे वाजपेयी के आलोचनात्मक दृष्टिकोण[nandadulaare ka aalochanatmak drshtiko]

⭐ नंददुलारे वाजपेयी के आलोचनात्मक ग्रंथ⭐ ◆ जयशंकर प्रसाद (1940 ई.) ◆ साहित्य : बीसवीं शताब्दी (1942 ई.) ◆ प्रेमचंद, आधुनिक साहित्य (1950 ई.) ◆ महाकवि सूरदास (1952 ई.) ◆ नया साहित्य : नये प्रश्न (1955 ई.) ◆ महाकवि निराला (1965 ई.) ◆ नयी कविता (1973 ई.) ◆ कवि सुमित्रानंदन पंत (1976 ई.) ◆ रस सिद्धान्त (1977 ई.) ◆ साहित्य ...

Read More »

प्रयोगवाद का परिचय[prayogavad ka parichay]

प्रयोगवाद का परिचय[prayogavad ka parichay]

◆ प्रयोगवाद का परिचय ◆ ◆ ‘प्रयोग’ का सामान्य अर्थ :- इस्तेमाल करना है, जैसे ‘खाने में सरसों के तेल का प्रयोग लाभप्रद होता है।’ ◆ साहित्य में प्रयोगवाद तार सप्तक’ (1943) में विशिष्ट अर्थ में प्रयुक्त हुआ। ◆ छायावादी काव्यान्दोलन और प्रगतिवादी काव्यान्दोलन की तरह प्रयोगवादी आन्दोलन भी मुख्यतः काव्य तक ही सीमित रहा। ◆ ‘तार सप्तक’ में अज्ञेय ...

Read More »

पंच बिड़ाल क्या है?[panch bidal kya hai ]

पंच बिड़ाल क्या है?[panch bidal kya hai?]

🌺पंच बिड़ाल क्या है?[What is Panch Bidal?] 🌺 बौद्ध शास्त्रों में निरूपित पंच प्रतिबंध(panch pratibandh) :- 1. आलस्य :- आलस्य का तात्पर्य – कार्यों, गतिविधियों या जिम्मेदारियों के प्रति प्रयास या ऊर्जा लगाने से बचने या विरोध करने की प्रवृत्ति से है। इसमें प्रेरणा की कमी, विलंब और उत्पादक कार्यों की तुलना में आलस्य या विश्राम को प्राथमिकता देना शामिल ...

Read More »

प्रपद्यवाद /नकेनवाद का परिचय[prapadyavad/nakenavad ka parichay]

प्रपद्यवाद /नकेनवाद का परिचय[prapadyavad/nakenavad ka parichay]

⭐प्रपद्यवाद /नकेनवाद का परिचय⭐ ◆ स्थापना :- 1956 ई. में, नलिन विलोचन शर्मा ने ◆ नकेनवाद को प्रपद्यवाद के नाम से भी जाना जाता है। ◆ इसे हिन्दी साहित्य में प्रयोगवाद की एक शाखा माना जाता है। ◆ इसके अन्तर्गत बिहार के तीन कवियों को शामिल किया जाता है:- 1. नलिन विलोचन शर्मा 2. केशरी कुमार 3. नरेश कुमार ★ ...

Read More »

कविप्रिया रचना का परिचय[kavipriya rachana ka parichay]

कविप्रिया रचना का परिचय[kavipriya rachana ka parichay]

◆कविप्रिया रचना का परिचय◆ ◆ कविप्रिया नाम का मतलब एक नदी होता है। 💐 कविप्रिया (काव्य, 1601ई. ):- ★ रीतिकाल के प्रमुख आचार्य और कवि केशवदास की रचना ★ कविप्रिया के ग्रंथ पर लिखित पंक्ति:- सगुन पदारथ अर्थयुत, सुबरनमय सुभसाज । कंठमाल ज्यो कविप्रिया, कंठ करो कविराज ।। ★ इस ग्रंथ प्रारंभ में केशवदास ने पहले श्री गणेश-वन्दना और फिर सरस्वती की ...

Read More »

रघुवीर सहाय द्वारा लिखित स्त्री संबंधित कविताएं[raghuveer sahay dvara likhit stri sambandhit kavitaen]

रघुवीर सहाय द्वारा लिखित स्त्री संबंधित कविताएं[raghuveer sahay dvara likhit stri sambandhit kavitaen]

🌺 रघुवीर सहाय द्वारा लिखित स्त्री संबंधित कविताएं 🌺 ◆ नारी   ◆ औरत   ◆ पागल औरत   ◆ अभी तक खड़ी स्त्री   ◆ औरत की ज़िंदगी   ◆ बड़ी हो रही लड़की   ◆ स्त्री   ◆ स्त्री संबंधी नींद   ◆ स्त्री उसका निर्जन   ◆ अभिनेत्री   ◆ मेरी बेटी   ◆ गदराई लड़कियाँ   ...

Read More »

16वीं शताब्दी में केशव नाम के दो आचार्य हुये[16vi shatabdi me keshav nam ke do aachary huye]

16वीं शताब्दी में केशव नाम के दो आचार्य हुये

★ 16वीं शताब्दी में केशव नाम के दो आचार्य हुये ★ ★ आचार्य केशव मिश्र :- अलंकारशेखर नामक शास्त्रीय ग्रन्थ लिखा (संस्कृत में ग्रन्थ रचना की) ★ आचार्य केशवदास :- कविप्रिया एवं रसिक- प्रिया नामक काव्यशास्त्रीय ग्रन्थों की रचना की। (हिंदी में ग्रन्थ रचना की ) ● आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने केशव को भक्तिकाल के अंतर्गत रखा है, तथापि काव्य ...

Read More »

कठगुलाब[kathagulab] उपन्यास मृदुला गर्ग

कठगुलाब[kathagulab]

⭐⭐ कठगुलाब ⭐⭐ ◆ कठगुलाब का अर्थ :-एक प्रकार का जंगली गुलाब जिसके फूल छोटे-छोटे होते हैं ◆ कठगुलाब उपन्यास (1996ई.) :- मृदुला गर्ग ★ पात्र :– स्मिता, मारियान, नर्मदा, असीमा और विपिन  ★ यह उपन्यास समाज में व्याप्त नारी के शोषण, अन्याय तथा स्त्रियों के विभिन्न संघर्षो को प्रस्तुत करता है।   👉 पढ़ना जारी रखने के लिए यहाँ ...

Read More »

हिंदी साहित्य और सिनेमा के संबंध[hindi sahity aur sinema ke sambandh]

हिंदी साहित्य और सिनेमा के संबंध[hindi sahity aur sinema ke sambandh]

⭐हिंदी साहित्य और सिनेमा के संबंध ⭐   ◆ निर्देशक नानूभाई देसाई ने सेवासदन उपन्यास पर बाजारे हुस्न’ नाम से फिल्म का निर्माण किया। ◆ प्रेमचंद ने ‘अंजता सिनेटोन’ के लिए कहानी लिखी तथा उस पर ‘गरीब मजदूर’ ‘मिल मजदूर’, ‘सेठ की बेटी’ आदि नामों से फिल्म प्रदर्शित हुई। मिल मजदूर मोहन भावनानी के निर्देशन में बनी। ◆ 1941 में ...

Read More »

हिन्दी साहित्य की मिलती जुलती रचनाएँ[hindi sahity ki milati julati rachanaen]

हिन्दी साहित्य की मिलती जुलती रचनाएँ

हिन्दी साहित्य की मिलती जुलती रचनाएँ ⭐सेब और देव कहानी (नव.1937) :- अज्ञेय ◆ सेब कहानी(1955) :- रघुवीर सहाय ⭐ ‘अकाल’ नाम से कविताएं 💐 ◆ अकाल :- रघुवीर सहाय ◆ अकाल-दर्शन :- धूमिल ◆ अकाल और उसके बाद :- नागार्जुन ◆ अकाल मृत्यु :- बद्री नारायण ◆ अकाल का पहला दिन :- राजकमल चौधरी ◆ अकाल कुतरता नहीं :- ...

Read More »
error: Content is protected !!