गद्य विधाए

गोदान के पात्रों का महत्वपूर्ण कथन( mahatvapoorn kathan)

                        ◆ महत्वपूर्ण कथन ◆ 1. होरी का कथन :- ●  “जब अपनी गर्दन दूसरों के पैरों के तले दबी हो तो उन पैरों को सहलाने में कुशल है।” ● “हमारा जन्म इसलिए हुआ है कि अपना रक्त बहाए और बड़ों का घर भरे।” ● “हम लोग समझते हैं ...

Read More »

गोदान के पात्रों(Godan ke patro) का परिचय

💐 गोदान के प्रमुख पात्र  1. होरी 2. रायसाहब अमरपाल सिंह 3. प्रोफ़ेसर मेहता 4. गोबर 5. पंडित दातादीन 6. धनिया 7. मालती 8.  झुनिया 9.  गोविंदी [  ] गौण पात्र :- 1.  भोला 2.  हीरा 3.  शोभा 4.  सोना 5. रूपा 6. पंडित ओकार नाथ 7. श्याम बिहारी तंखा 8. मिस्टर खन्ना 9. सरोज 10.  मिर्जा खुर्शेद 11. पण्डित ...

Read More »

महत्वपूर्ण निबंधों की शॉर्ट ट्रिक

          ◆ भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ◆ • Short trick :- भारतेन्दु को एक अद्भूत अपूर्व स्वप्न आया जिसमें स्वर्ण में विचारसभा का अधिवेशन हो रहा था। अधिवेशन में पाँचवे पैगम्बर और ईश्वर विलक्षण था। 1. एक अद्भूत अपूर्व स्वप्न 2. स्वर्ण में विचार सभा का अधिवेशन 3. पाँचवां पैगम्बर 4. ईश्वर का बड़ा विलक्षण है     ...

Read More »

निबंध(nibandh) का अर्थ, परिभाषा,विशेषताएं

• आधुनिक युग में निबंध शब्द का प्रयोग :- अंग्रेजी के Essay शब्द के लिए प्रयुक्त है जो मूलतः फ्रेंच शब्द है जिसका अर्थ होता है रचनात्मक प्रयास या प्रयत्न। • अंग्रेजी के एसे (Essay) शब्द का पर्याय है। एसे शब्द की उत्पत्ति अंग्रेजी के फ्रांसीसी शब्द के एसेइस(Essais) के अनुकरण पर हुआ है। जिसका अर्थ:- प्रयास, प्रयत्न या परीक्षण ...

Read More »

श्रद्धा और भक्ति(shraddha aur bhakti)

• चिंतामणि प्रथम भाग(1939ई.) निबंध संग्रह से(सम्पादन – आ. रामचंद्र शुक्ल ने) • चिंतामणि प्रथम भाग में 17 निबंध संगृहीत है। •  जिनके नाम :- 1. भाव एवं  मनोविकार 2. उत्साह 3. श्रद्धा और भक्ति 4. करुणा 5. लज्जा और ग्लानि 6.  लोभ और प्रीति 7. घृणा 8.  ईर्ष्या 9. भय 10. क्रोध 11. कविता क्या है【सबसे लम्बा सैद्धांतिक निबंध】 ...

Read More »

नाखून क्यों बढ़ते हैं( nakhoon kyu badhate hain)

               💐 नाखून क्यों बढ़ते हैं?💐 ◆ डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी रचित ललित निबंध ◆ विचार प्रधान व्यक्तिनिष्ठ निबंध ◆ यह  निबंध ‘कल्पलता'(1951 ई.) निबंध संग्रह से । ◆ ‘कल्पलता’ निबंध-संग्रह में कुल बीस निबंध हैं। ◆ लेखक कहते हैं कि नाखून का बढ़ना मनुष्य के भीतर पशुता की निशानी है और उसे नहीं ...

Read More »

गन्धमादन(gandhamadan) [राघव करुणो रस]

★  निबन्धकार – कुबेर नाथ राय ★ प्रकाशन वर्ष – जुलाई,1972 ई. ★ विधा- ललित निबंध ★ कुल पृष्ठ – 317 ★कुल निबंध – 15 ★ इसमें संग्रह निबंधओं के नाम 1. शब्द श्री 2. नदी तुम बीजाक्षरा 3. अन्नपूर्णा बाण भूमि 4. गौरी – मार्ग और कामुक मेघ 5. राघव करुणो रस 6. चित्र – विचित्र 7. जल दो,स्फटिक ...

Read More »

कफ़न कहानी(kafan)

             💐 ‘कफ़न’ कहानी 💐 ◆ कहानीकार :- मुंशी प्रेमचंद ◆ प्रकाशन :- दिसंबर, 1935 ◆ तीन परिच्छेद (खण्ड) ◆ नग्न यर्थाथवाद का चरित्र ◆ प्रमुख पात्र:- ● घीसू ● माधव ◆  दो  रंगमंच (कहानी की प्रमुख घटनाएं गांव और मधुशाला में घटित होती हैं) ◆  तीन परिच्छेद (खण्ड) विभाजित :- ( 1.) घीसू-माधव अलाव में आलू भूनकर खाते हैं ...

Read More »

मेरी तिब्बत यात्रा(meree tibbat yatra)[तीसरा चौथा एवं पांचवा खंड]

[ ] यात्रा वृत्तांत के रचनाकार :- राहुल सांकृत्यायन [ ] प्रकाशन वर्ष :- 6 मार्च 1937,पटना से प्रकाशित [ ] लेखक ने सर्वप्रथम तिब्बत यात्रा की तब प्रेस को दिया किंतु कुछ कारणों से 36 पृष्ठ तक छपकर काम रुक रहा। [ ] यह लेखक तीसरी बार तिब्बत से लौटने के बाद प्रकाशित हुई। [ ] कुल पृष्ठ :- ...

Read More »

मेरी तिब्बत यात्रा(meree tibbat yatra) [प्रथम खण्ड]

[ ]  यात्रा वृत्तांत के रचनाकार :- राहुल सांकृत्यायन [ ] प्रकाशन वर्ष :- 6 मार्च 1937,पटना से प्रकाशित [ ] लेखक ने सर्वप्रथम तिब्बत यात्रा की तब प्रेस को दिया किंतु कुछ कारणों से 36 पृष्ठ तक छपकर काम रुक रहा। [ ] यह लेखक तीसरी बार तिब्बत से लौटने के बाद प्रकाशित हुई। [ ] कुल पृष्ठ :- ...

Read More »

मेरी तिब्बत यात्रा(mere tibbat yatra) [द्वितीय खंड]

[ ]  यात्रा वृत्तांत के रचनाकार :- राहुल सांकृत्यायन [ ] प्रकाशन वर्ष :- 6 मार्च 1937,पटना से प्रकाशित [ ] लेखक ने सर्वप्रथम तिब्बत यात्रा की तब प्रेस को दिया किंतु कुछ कारणों से 36 पृष्ठ तक छपकर काम रुक रहा। [ ] यह लेखक तीसरी बार तिब्बत से लौटने के बाद प्रकाशित हुई। [ ] कुल पृष्ठ :- ...

Read More »

पराई प्यास का सफर (paraee pyas ka saphar)

पराई प्यास का सफर

[ ] कहानीकार – आलमशाह खान [ ] प्रकाशन वर्ष – 1979 ई. [ ] प्रमुख पात्र – लखना , बड़का • लखना 12 वर्ष का था और बीड़ी पीता था। • शिव विशाल रेस्टोरेंट में ऑर्डर लेता है और सामान टेबलो पर रखता है। • लखना के पिता चौधरी की पत्नी को लेकर भाग गये। • लखना की माता ...

Read More »

प्रथम एवं प्रसिद्ध उपन्यास

प्रथम एवं प्रसिद्ध उपन्यास   क्र.स उपन्यास प्रथम एवं प्रसिद्ध उपन्यास   1. श्रद्धाराम फिल्लौरी भाग्यवती(प्रका. 1877 प्रसिद्ध उपन्यास)   2. लाल श्रीनिवास दास परीक्षा गुरू(प्रका. 1882, प्रसिद्ध उपन्यास)   3. किशोर लाल गोस्वामी हृदयहारिणी (प्रका. 1904, हिन्दी का प्रथम ऐतिहासिक उपन्यास)   4. प्रेमचन्द कायाकल्प(हिन्दी मे लिखित प्रथम उपन्यास), सेवासदन(प्रथम प्रौढ उपन्यास मंगलसूत्र(अपूर्ण उपन्यास)   5. जगमोहन सिंह श्यामा ...

Read More »
error: Content is protected !!