गद्य विधाए

प्रमुख दलित कहानियां [Pramukh dalit kahaniyan]

💐💐प्रमुख दलित कहानियां 💐💐 1. सलाम घुसपैठिए :- ओमप्रकाश वाल्मीक 2. पुनर्वास :- विपिन बिहारी 3. तलाश :- जयप्रकाश कर्दम 4. आवाजें :- मोहनदास नैमिशराय 5. हमारा जवाब मोहनदास नैमिशराय 6. चार इंच की कलम :- डॉ. कुसुम वियोगी 7. टूटता वहम :- डॉ सुशीला टाकभौरे 8. अनुभूति के घेरे :- डॉ सुशीला टाकभौरे 9 . संघर्ष : -डॉ सुशीला ...

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हिन्दी की प्रमुख सतसई और सतसईकार( hindi ki pramukh sataee aur sataseekaar)

💐 हिन्दी की प्रमुख सतसई और सतसईकार 💐   सुख कवि सतसई :- अंबिकादत्त व्यास • दुर्गा सप्तशती :- अक्षर अनन्य दुर्गा • दुर्गाभक्ति चंद्रिका :- कुलपति • यमक सतसई :- वृंद • अलंकार सतसई :- वृंद • बुधजन सतसई :- दीनदयाल • वीर सतसई : – सूर्यमल्ल मिश्रण • ब्रजराजविलास सतसई :- अमीरदास • आनंद प्रकाश सतसई :- दल्ल ...

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हिन्दी प्रमुख कहानी( hindi pramukh kahani)【short trick】

💐💐 कहानी short trick 💐💐 ◆ शिवप्रसाद सितारे हिन्द ◆ • शिवप्रसाद सितारे हिन्द को रात में राजा भोज का सपना आया।   ® राजा भोज का सपना ◆मास्टर भगवानदास◆ • मास्टर भगवानदास प्लेग की चपेट मे आ गये। ® प्लेग की चुडैल ◆ आ. रामचन्द्र शुक्ल ◆ • रामचन्द्र ने ग्यारह वर्ष का समय वनवास में गुजरा था। ® ...

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हिंदी काव्य संग्रह (hindi kaavy sangrah) 【short trick】

      💐काव्य Short trick 💐       ◆ सुभद्रा कुमारी चौहान ◆ • त्रिधारा और मुकुल ने मिलकर झाँसी की रानी कविता को गाया। 1. त्रिधारा(काव्य संग्रह, 1930 ई.) 2. मुकुल (काव्य संग्रह,1930 ई.) 3. झाँसी की रानी (कविता)       ◆ सोहन लाल द्विवेदी ◆ • वासवदत्ता एवं कुणाल की तीन बहनें भैरवी,प्रभाती और पूजागीत। ...

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दलित काव्य संग्रह(dalit kavy sangrah)

💐हिन्दी की प्रथम दलित कविता:-  • हिंदी की प्रथम दलित कविता :- अछूत की शिकायत (हीरो डोम) • हिन्दी की दूसरी दलित कविता :- चांद(1927, अछूत अंक में, शोभाराम धेनु सेवक) 💐 दलित काव्य संग्रह 💐 • गूंगा नहीं था मैं :- डॉ. जयप्रकाश कर्दम • तिनका तिनका आग :- डॉ जयप्रकाश कर्दम • शोषितनाम :- डॉ मनोज सोनकर • ...

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हिंदी की प्रमुख दलित आत्मकथाएं[hindi ki pramukh dalit aatmakathaen]

💐 दलित आत्मकथा💐 • दलित आत्मकथा की शुरुआत :- आत्मकथ्य से (रचयिता -भीमराव अंबेडकर, 1956 में ,जनता पत्र नागपुर से ) • दलित आत्मकथा के संदर्भ में आत्मकथा शब्द के लिए आत्मवृत्त,आत्मचरित्र, जीवन गाथा,आत्मकथन स्वकथन एवं स्वचरित शब्दों का प्रयोग किया जाता है। • मोहनदास नैमिशराय अपनी कृति ‘अपने अपने पिंजरे को’आत्मकथा के बजाय आत्मवृत्त मानते हैं। 💐 दलित आत्मकथा ...

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जीवनी(jeevanee)परिभाषा,विशेषताऐं और प्रमुख जीवनी

💐जीवनी का अर्थ :- • जीवनी शब्द का अंग्रेजी पर्याय ‘लाइफ’ (जीवन) अथवा ‘बायोग्राफी’ (अपने जीवन) है। हिंदी में इसे जीवन चरित अथवा जीवन चरित्र भी कहा जाता है। • जीवनी का शाब्दिक अर्थ :- जीवन की व्याख्या 💐जीवनी की विशेषताएं :- 1. जीवनी एक गद्य विधा है जो कल्पित न होकर पूर्णतः सत्य कथानक पर आधारित है। 2. इसका ...

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रिपोतार्ज(ripotaarj) परिभाषा, विशेषताऐं और प्रमुख रिपोतार्ज【 shirt trick】

💐रिपोतार्ज का प्रारम्भ :- • 1936 में द्वितीय विश्व के समय • हिंदी में प्रथम रिपोतार्ज लेखक :- शिवदान सिंह चौहान • हिंदी का प्रथम रिपोतार्ज :-लक्ष्मीपुरा (दिसम्बर,1938, रूपाभ पत्रिका,शिवदान सिंह चौहान) • रिपोतार्ज के जनक :- इलिया एहरेनवर्ग (रूसी साहित्यकार) 💐 रिपोर्ताज का अर्थ :- • फ़्राँसीसी भाषा का शब्द है • अंग्रेज़ी शब्द ‘रिपोर्ट’ से इसका गहरा सम्बन्ध ...

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रेखाचित्र और संस्मरण(rekhachitr aur sansmaran) परिभाषा,विशेषताऐं एवं प्रमुख रेखाचित्र और संस्मरण

💐💐रेखाचित्र का अर्थ :- • रेखाचित्र को अंग्रेजी के ‘स्केच’ के पर्यायवाची के रुप में हिंदी में प्रयुक्त किया जाता है। • रेखा चित्र को शब्दचित्र भी कहा जाता है। 💐💐 रेखाचित्र की परिभाषा:- • साहित्य में जिसे रेखाचित्र कहा जाता है वह वास्तविक में रेखाओं का चित्र न होकर शब्दों का चित्र होता है जिसमें न्यूनतम शब्दों के माध्यम ...

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एकांकी(ekaanki) परिभाषा ,विशेषताओं एवं प्रमुख एकांकी 【short trick】

            💐 एकांकी का अर्थ 💐 • एकांकी का शाब्दिक अर्थ :- एक अंक वाला • एकांकी वास्तव में कार्य – व्यापार द्वारा रंगमंच पर अभिनीय जीवन के एक पहलू का घटना, एक परिस्थिति विशेष का चित्रण है। • हिंदी साहित्य में ‘वन एक्ट प्ले’ के अर्थ में एकांकी का प्रयोग शुरू हुआ। • यूरोप ...

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आत्मकथा की परिभाषा और विशेषता एवं प्रमुख आत्मकथा की short trick

                       💐आत्मकथा💐 • आत्मकथा हिंदी गद्य की महत्वपूर्ण विधाएं है। • आत्मकथा से आशय उस रचना से है जिसमें कोई प्रसिद्ध व्यक्ति अपनी कथा को स्वयं रोचक शैली में लिखता है। • स्वयं से लेखक के द्वारा लेखक के जीवन की कथा आत्मकथा का रचनाकार कोई प्रतिष्ठित व्यक्ति समाज में ...

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महाभोज उपन्यास का सारांश ,पात्र परिचय और कथन(mahabhoj upanyas ka saraansh, patr parichay aur kathan)

• प्रकाशन :- 1979 ई. • 9 परिच्छेदों में • कुल पृष्ठ :- 183 • कुल पात्र:- 35 • राजनीतिक पृष्ठभूमि पर आधारित उपन्यास • 1976 ई.के चुनाव पद्धतियों पर आधारित उपन्यास • महाभोज उपन्यास के बीज मन्नू भंडारी की ‘अलगाव'[त्रिशंकु,1978 ई. कहानी संग्रह में] कहानी में विद्यमान है। • मन्नु भंडारी ने महाभोज उपन्यास का नाटक रूपांतरित(1983ई.) भी किया। ...

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हिन्दी की प्रमुख पत्र – पत्रिकाओं का परिचय(hindi ki pramukh patr – patrikaon ka parichay)

◆ सर्वप्रथम भारत में प्रिंटिग प्रेस लाने का श्रेय पुर्तग़ालियों को दिया जाता है। ◆ भारत में सबसे पहले प्रेस :- गोवा में (जनवरी,1556 -57 ई.) (यह प्रेस पुर्तगाल से अबीसीनिया के लिए भेजा गया था। उन दिनों में स्वेज नहर नहीं बनी थी और अबीसीनिया के लिए भारत होकर जाना पड़ता था। अबीसीनिया के लिए मनोनीत पेट्रिआर्क प्रेस के ...

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गैंग्रीन / रोज़ कहानी(gaingreen/roz kahani)

• कथाकार :- अज्ञेय • कहानी का संकलन :- विपथगा कहानी संग्रह में • प्रकाशन :- 1990 में, (नेशनल पब्लिशिंग हॉउस, दिल्ली से ) • इस कहानी सर्वप्रथम गैंग्रीन नाम से प्रकाशित हुआ लेकिन बाद में इसका शीर्षक बदलकर रोज़ कर दिया। • कहानी तीन भागों में ★ प्रथम भाग में :- मालती की बाह्य स्थिति   ★ दूसरे भाग में :- मालती के मनः स्थिति का चित्रण ★ ...

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मैला आँचल उपन्यास के पात्रों का महत्वपूर्ण कथन(maila aanchal upanyaas ke Patro ka mahatvapoorn kathan)

1. डॉ.प्रशान्त का कथन:- • “दिल नाम की कोई चीज आदमी के शरीर में है,हमें नहीं मालूम। पता नहीं आदमी लंग्स को दल कहता है या हॉट को। जो भी हो हार्ट ,लंग्स,लीवर का प्रेम से कोई संबंध नहीं है।” • “क्या करेगा वह संजीवनी बूटी खोजकर ? उसे नही चाहिए संजीवनी। भूख और बेबसी से छटपटाकर मरने से अच्छा ...

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