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महत्वपूर्ण तथ्य

पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिलाएं(puraskar pane vali pratham mahilaen)

🌺 पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिलाएं 🌺 1. *बुकर पुरस्कार जीतने वाली प्रथम महिला :- अरुंधति रॉय 2. *अंतरराष्ट्रीय बुकर प्राइज जीतने वाली प्रथम महिला :- गीतांजलि श्री 3. पद्म विभूषण पुरस्कार (हिन्दी) पाने वाली प्रथम महिला :- अमृता प्रीतम (दिल्ली, 2004 में) 4. पद्म भूषण पुरस्कार (हिन्दी) पाने वाली प्रथम महिला :- महादेवी वर्मा (उत्तर प्रदेश, 1956ई.) 5. पद्मश्री ...

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वे रचनाऐं जिन पर फिल्में बनायी गई( ve rachanaye jin par film banayi gyi)

भारतेंदु युग में लिखी गई कई रचनाएं थीं, जिन पर फिल्में बनाई गई हैं और उनका बहुत अच्छा प्रदर्शन हुआ है। यहाँ कुछ ऐसी रचनाएँ हैं जिन पर फिल्में बनी हैं: “भारतेंदु हरिश्चंद्र”: यह फिल्म भारतेंदु हरिश्चंद्र के जीवन पर आधारित है, जो भारतीय साहित्य के इस काल के महान कवि थे। “सत्यवादी हरिश्चंद्र”: इस फिल्म में भारतेंदु हरिश्चंद्र की ...

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पंच बिड़ाल क्या है?[panch bidal kya hai ]

पंच बिड़ाल क्या है?[panch bidal kya hai?]

🌺पंच बिड़ाल क्या है?[What is Panch Bidal?] 🌺 बौद्ध शास्त्रों में निरूपित पंच प्रतिबंध(panch pratibandh) :- 1. आलस्य :- आलस्य का तात्पर्य – कार्यों, गतिविधियों या जिम्मेदारियों के प्रति प्रयास या ऊर्जा लगाने से बचने या विरोध करने की प्रवृत्ति से है। इसमें प्रेरणा की कमी, विलंब और उत्पादक कार्यों की तुलना में आलस्य या विश्राम को प्राथमिकता देना शामिल ...

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कविप्रिया रचना का परिचय[kavipriya rachana ka parichay]

कविप्रिया रचना का परिचय[kavipriya rachana ka parichay]

◆कविप्रिया रचना का परिचय◆ ◆ कविप्रिया नाम का मतलब एक नदी होता है। 💐 कविप्रिया (काव्य, 1601ई. ):- ★ रीतिकाल के प्रमुख आचार्य और कवि केशवदास की रचना ★ कविप्रिया के ग्रंथ पर लिखित पंक्ति:- सगुन पदारथ अर्थयुत, सुबरनमय सुभसाज । कंठमाल ज्यो कविप्रिया, कंठ करो कविराज ।। ★ इस ग्रंथ प्रारंभ में केशवदास ने पहले श्री गणेश-वन्दना और फिर सरस्वती की ...

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16वीं शताब्दी में केशव नाम के दो आचार्य हुये[16vi shatabdi me keshav nam ke do aachary huye]

16वीं शताब्दी में केशव नाम के दो आचार्य हुये

★ 16वीं शताब्दी में केशव नाम के दो आचार्य हुये ★ ★ आचार्य केशव मिश्र :- अलंकारशेखर नामक शास्त्रीय ग्रन्थ लिखा (संस्कृत में ग्रन्थ रचना की) ★ आचार्य केशवदास :- कविप्रिया एवं रसिक- प्रिया नामक काव्यशास्त्रीय ग्रन्थों की रचना की। (हिंदी में ग्रन्थ रचना की ) ● आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने केशव को भक्तिकाल के अंतर्गत रखा है, तथापि काव्य ...

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कठगुलाब[kathagulab] उपन्यास मृदुला गर्ग

कठगुलाब[kathagulab]

⭐⭐ कठगुलाब ⭐⭐ ◆ कठगुलाब का अर्थ :-एक प्रकार का जंगली गुलाब जिसके फूल छोटे-छोटे होते हैं ◆ कठगुलाब उपन्यास (1996ई.) :- मृदुला गर्ग ★ पात्र :– स्मिता, मारियान, नर्मदा, असीमा और विपिन  ★ यह उपन्यास समाज में व्याप्त नारी के शोषण, अन्याय तथा स्त्रियों के विभिन्न संघर्षो को प्रस्तुत करता है।   👉 पढ़ना जारी रखने के लिए यहाँ ...

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हिंदी साहित्य और सिनेमा के संबंध[hindi sahity aur sinema ke sambandh]

हिंदी साहित्य और सिनेमा के संबंध[hindi sahity aur sinema ke sambandh]

⭐हिंदी साहित्य और सिनेमा के संबंध ⭐   ◆ निर्देशक नानूभाई देसाई ने सेवासदन उपन्यास पर बाजारे हुस्न’ नाम से फिल्म का निर्माण किया। ◆ प्रेमचंद ने ‘अंजता सिनेटोन’ के लिए कहानी लिखी तथा उस पर ‘गरीब मजदूर’ ‘मिल मजदूर’, ‘सेठ की बेटी’ आदि नामों से फिल्म प्रदर्शित हुई। मिल मजदूर मोहन भावनानी के निर्देशन में बनी। ◆ 1941 में ...

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मंदाक्रांता शब्द के संबंध में [Mandakranta shabd ke sambandh mein]

मंदाक्रांता शब्द के संबंध में

💐 मंदाक्रांता 💐 ■ मंदाक्रांता शब्द का अर्थ :- धीरे – धीरे आगे बढ़ने वाला ◆ मंदाक्रांता :- नाटक ★ नाटक की नायिका :- श्यामली ★ इदन्नमम(1994) उपन्यास का नाट्य रूपांतरण नोट :- इदं न मम (काव्यसंग्रह) :- भवानी प्रसाद मिश्र ● उपन्यास की लेखिका :- मैत्रेयी पुष्पा ● उपन्यास का केन्द्रीय पात्र :- मंदाकिनी ◆ मंदाक्रांता छन्द ★ यह ...

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साहित्य का देवता,साहित्य देवता,समय देवता[saahity ka devata,saahity devata,samay devata]

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🌺साहित्य का देवता :- दुलारे लाल भार्गव (निराला के अनुसार) ◆ निराला दुलारे लाल भार्गव के व्यक्तित्व से इतने अभिभूत थे कि उन्हें ‘साहित्य का देवता’ कहा करते थे। ★ दुलारे लाल भार्गव निराला के मुक्त छंदों के समर्थक या प्रशंसक नहीं थे। 🌺 साहित्य देवता :- माखनलाल चतुर्वेदी (डॉ.रामकुमार वर्मा के अनुसार) ◆ डॉ.रामकुमार वर्मा ने कहा:- “पंडित जी, ...

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किताब और मोनोग्राफ में अंतर [ kitaab aur monograaph mein antar]

💐 किताब और मोनोग्राफ में अंतर💐 ★ किताब ★ ◆ पुस्तक एक सामान्य शब्द है जिसका उपयोग किसी लिखित या मुद्रित कार्य का वर्णन करने के लिए किया जाता है जो एक साथ बंधा होता है और जिसमें आमतौर पर कई अध्याय या खंड होते हैं। ◆ किताबें विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर कर सकती हैं, अलग-अलग लंबाई ...

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विभाजन पर आधारित कहानियां [vibhaajan par aadhaarit kahaaniyaan]

💐 विभाजन पर आधारित कहानियां💐 ◆ व्यथा का सरगम :- अमृत राय ◆ शरणदाता (1947):- अज्ञेय ◆ रमन्ते तत्र देवता :- अज्ञेय ◆ लंटर बॉक्स(1947)  :- अज्ञेय ◆ बदला (1947) :- अज्ञेय ◆ मुस्लिम- मुस्लिम भाई -भाई :- अज्ञेय ◆ बेजबान :- द्रोणवीर कोहली ◆ सरहद के इस पार(1983) :- नासिरा शर्मा ◆ कितने पाकिस्तान :- कमलेश्वर ◆ सिक्का बदल ...

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हिंदी में प्रथम (hindi mein pratham)

         💐 हिन्दी में सर्वप्रथम 💐 ◆  हिन्दी का प्रथम कवि :- सरहपाद (9वीं शताब्दी) ◆  हिन्दी की प्रथम रचना :- श्रावकाचार (देवसेन) ◆ हिन्दी का प्रथम मौलिक नाटक :- नहुष (गोपाल चन्द्र)【भारतेंदु हरिश्चंद्र के अनुसार】 ◆ हिन्दी का प्रथम मौलिक नाटक :- आनन्द रघुनंदन(महाराजा विश्वनाथ सिंह)【आ.रामचंद्र शुक्ल के अनुसार】 ◆ हिन्दी का प्रथम मौलिक निबंध :- राजा भोज का ...

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हिन्दी की प्रमुख पत्र – पत्रिकाओं का परिचय(hindi ki pramukh patr – patrikaon ka parichay)

◆ सर्वप्रथम भारत में प्रिंटिग प्रेस लाने का श्रेय पुर्तग़ालियों को दिया जाता है। ◆ भारत में सबसे पहले प्रेस :- गोवा में (जनवरी,1556 -57 ई.) (यह प्रेस पुर्तगाल से अबीसीनिया के लिए भेजा गया था। उन दिनों में स्वेज नहर नहीं बनी थी और अबीसीनिया के लिए भारत होकर जाना पड़ता था। अबीसीनिया के लिए मनोनीत पेट्रिआर्क प्रेस के ...

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हिंदी साहित्य में सरस्वती पत्रिका का योगदान(hindi sahity me sarasvati patrika ka yogadan)

★ सरस्वती पत्रिका कालिदास के इस वाक्य का उद्घोष करती है :- ” सरस्वती श्रुति महत्ती न हीयताम् “ ★ 1900 ई. में चिंतामणि घोष के द्वारा, इलाहाबाद से ★ इंडियन प्रेस(इलाहाबाद) के अध्यक्ष :- चिंतामणि घोष ★ मासिक पत्रिका ★ चिंतामणि घोष ने अगस्त 1899 ई. में नागरी प्रचारिणी सभा(काशी) से अनुरोध किया कि सचित्र हिंदी मासिक पत्रिका सरस्वती ...

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मार्क्सवाद मे आस्था रखने वाले कवि की शार्ट ट्रिक(marksavad me aastha rakhane vale kavi kI Short trick)

मार्क्सवाद में आस्था रखने वाले कई कवियों ने अपने काव्य में समाजवादी और आर्थिक न्याय के मूल्यों को प्रमोट किया है। मार्क्सवाद मे आस्था रखने वाले कवि की शार्ट ट्रिक राम के साथ राघव भी मार्क्सवाद मे आस्था रखते है। 1. रामविलास शर्मा (1912-2000) 2. केदारनाथ अग्रवाल (1911-2000) 3. रांगेय राघव(1923-1962) नकेनवाद साहित्यिक आंदोलन एक प्रकार का लोकप्रिय सामाजिक आंदोलन ...

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