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Tag Archives: हिन्दी की प्रमुख दलित आत्मकथा और आत्मकथाकार(hindi ki pramukh aatmakatha aur aatmakathakar)

हिंदी की प्रमुख दलित आत्मकथाएं[hindi ki pramukh dalit aatmakathaen]

💐 दलित आत्मकथा💐 • दलित आत्मकथा की शुरुआत :- आत्मकथ्य से (रचयिता -भीमराव अंबेडकर, 1956 में ,जनता पत्र नागपुर से ) • दलित आत्मकथा के संदर्भ में आत्मकथा शब्द के लिए आत्मवृत्त,आत्मचरित्र, जीवन गाथा,आत्मकथन स्वकथन एवं स्वचरित शब्दों का प्रयोग किया जाता है। • मोहनदास नैमिशराय अपनी कृति ‘अपने अपने पिंजरे को’आत्मकथा के बजाय आत्मवृत्त मानते हैं। 💐 दलित आत्मकथा ...

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