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नंददुलारे वाजपेयी के आलोचनात्मक ग्रंथ[nandadulare vajapeyi ke aalochanatmak granth]

⭐ नंददुलारे वाजपेयी के आलोचनात्मक ग्रंथ⭐ ◆ जयशंकर प्रसाद (1940 ई.) ◆ साहित्य : बीसवीं शताब्दी (1942 ई.) ◆ प्रेमचंद, आधुनिक साहित्य (1950 ई.) ◆ महाकवि सूरदास (1952 ई.) ◆ नया साहित्य : नये प्रश्न (1955 ई.) ◆ महाकवि निराला (1965 ई.) ◆ नयी कविता (1973 ई.) ◆ कवि सुमित्रानंदन पंत (1976 ई.) ◆ रस सिद्धान्त (1977 ई.) ◆ साहित्य ...

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प्रयोगवाद का परिचय[prayogavad ka parichay]

प्रयोगवाद का परिचय[prayogavad ka parichay]

◆ प्रयोगवाद का परिचय ◆ ◆ ‘प्रयोग’ का सामान्य अर्थ :- इस्तेमाल करना है, जैसे ‘खाने में सरसों के तेल का प्रयोग लाभप्रद होता है।’ ◆ साहित्य में प्रयोगवाद तार सप्तक’ (1943) में विशिष्ट अर्थ में प्रयुक्त हुआ। ◆ छायावादी काव्यान्दोलन और प्रगतिवादी काव्यान्दोलन की तरह प्रयोगवादी आन्दोलन भी मुख्यतः काव्य तक ही सीमित रहा। ◆ ‘तार सप्तक’ में अज्ञेय ...

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पंच बिड़ाल क्या है?[panch bidal kya hai ]

पंच बिड़ाल क्या है?[panch bidal kya hai?]

🌺पंच बिड़ाल क्या है?[What is Panch Bidal?] 🌺 बौद्ध शास्त्रों में निरूपित पंच प्रतिबंध(panch pratibandh) :- 1. आलस्य :- आलस्य का तात्पर्य – कार्यों, गतिविधियों या जिम्मेदारियों के प्रति प्रयास या ऊर्जा लगाने से बचने या विरोध करने की प्रवृत्ति से है। इसमें प्रेरणा की कमी, विलंब और उत्पादक कार्यों की तुलना में आलस्य या विश्राम को प्राथमिकता देना शामिल ...

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प्रपद्यवाद /नकेनवाद का परिचय[prapadyavad/nakenavad ka parichay]

प्रपद्यवाद /नकेनवाद का परिचय[prapadyavad/nakenavad ka parichay]

⭐प्रपद्यवाद /नकेनवाद का परिचय⭐ ◆ स्थापना :- 1956 ई. में, नलिन विलोचन शर्मा ने ◆ नकेनवाद को प्रपद्यवाद के नाम से भी जाना जाता है। ◆ इसे हिन्दी साहित्य में प्रयोगवाद की एक शाखा माना जाता है। ◆ इसके अन्तर्गत बिहार के तीन कवियों को शामिल किया जाता है:- 1. नलिन विलोचन शर्मा 2. केशरी कुमार 3. नरेश कुमार ★ ...

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कविप्रिया रचना का परिचय[kavipriya rachana ka parichay]

कविप्रिया रचना का परिचय[kavipriya rachana ka parichay]

◆कविप्रिया रचना का परिचय◆ ◆ कविप्रिया नाम का मतलब एक नदी होता है। 💐 कविप्रिया (काव्य, 1601ई. ):- ★ रीतिकाल के प्रमुख आचार्य और कवि केशवदास की रचना ★ कविप्रिया के ग्रंथ पर लिखित पंक्ति:- सगुन पदारथ अर्थयुत, सुबरनमय सुभसाज । कंठमाल ज्यो कविप्रिया, कंठ करो कविराज ।। ★ इस ग्रंथ प्रारंभ में केशवदास ने पहले श्री गणेश-वन्दना और फिर सरस्वती की ...

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रघुवीर सहाय द्वारा लिखित स्त्री संबंधित कविताएं[raghuveer sahay dvara likhit stri sambandhit kavitaen]

रघुवीर सहाय द्वारा लिखित स्त्री संबंधित कविताएं[raghuveer sahay dvara likhit stri sambandhit kavitaen]

🌺 रघुवीर सहाय द्वारा लिखित स्त्री संबंधित कविताएं 🌺 ◆ नारी   ◆ औरत   ◆ पागल औरत   ◆ अभी तक खड़ी स्त्री   ◆ औरत की ज़िंदगी   ◆ बड़ी हो रही लड़की   ◆ स्त्री   ◆ स्त्री संबंधी नींद   ◆ स्त्री उसका निर्जन   ◆ अभिनेत्री   ◆ मेरी बेटी   ◆ गदराई लड़कियाँ   ...

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16वीं शताब्दी में केशव नाम के दो आचार्य हुये[16vi shatabdi me keshav nam ke do aachary huye]

16वीं शताब्दी में केशव नाम के दो आचार्य हुये

★ 16वीं शताब्दी में केशव नाम के दो आचार्य हुये ★ ★ आचार्य केशव मिश्र :- अलंकारशेखर नामक शास्त्रीय ग्रन्थ लिखा (संस्कृत में ग्रन्थ रचना की) ★ आचार्य केशवदास :- कविप्रिया एवं रसिक- प्रिया नामक काव्यशास्त्रीय ग्रन्थों की रचना की। (हिंदी में ग्रन्थ रचना की ) ● आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने केशव को भक्तिकाल के अंतर्गत रखा है, तथापि काव्य ...

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हिंदी साहित्य और सिनेमा के संबंध[hindi sahity aur sinema ke sambandh]

हिंदी साहित्य और सिनेमा के संबंध[hindi sahity aur sinema ke sambandh]

⭐हिंदी साहित्य और सिनेमा के संबंध ⭐ ◆ निर्देशक नानूभाई देसाई ने सेवासदन उपन्यास पर बाजारे हुस्न’ नाम से फिल्म का निर्माण किया। ◆ प्रेमचंद ने ‘अंजता सिनेटोन’ के लिए कहानी लिखी तथा उस पर ‘गरीब मजदूर’ ‘मिल मजदूर’, ‘सेठ की बेटी’ आदि नामों से फिल्म प्रदर्शित हुई। मिल मजदूर मोहन भावनानी के निर्देशन में बनी। ◆ 1941 में ए.आर. ...

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हिन्दी साहित्य की मिलती जुलती रचनाएँ[hindi sahity ki milati julati rachanaen]

हिन्दी साहित्य की मिलती जुलती रचनाएँ

हिन्दी साहित्य की मिलती जुलती रचनाएँ ⭐सेब और देव कहानी (नव.1937) :- अज्ञेय ◆ सेब कहानी(1955) :- रघुवीर सहाय ⭐ ‘अकाल’ नाम से कविताएं 💐 ◆ अकाल :- रघुवीर सहाय ◆ अकाल-दर्शन :- धूमिल ◆ अकाल और उसके बाद :- नागार्जुन ◆ अकाल मृत्यु :- बद्री नारायण ◆ अकाल का पहला दिन :- राजकमल चौधरी ◆ अकाल कुतरता नहीं :- ...

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मैत्रेयी पुष्पा का जीवन परिचय[maitreyi pushpa ka jeevan parichay]

मैत्रेयी पुष्पा का जीवन परिचय

⭐ मैत्रेयी पुष्पा का जीवन परिचय ⭐ ◆ जन्म :- 30 नवम्बर 1944,अलीगढ़(उत्तर प्रदेश) ◆ मूल नाम :- पुष्पा हीरालाल पाण्डेय ◆ पिता का नाम :- हीरालाल मेवाराम पाण्डेय ◆ माता का नाम :- कस्तूरी हीरालाल पाण्डेय ◆ पति का नाम :- डॉ. रमेशचंद्र शर्मा ◆ पुत्रियों के नाम :- नम्रता, मोहिता और सुजाता   🌺 रचनाओं :- ◆ उपन्यास :- ● स्मृतिदंश(1990) ● ...

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हरिवंशराय बच्चन का  जीवन परिचय[harivansharay bachchan ka jeevan parichay]

हरिवंशराय बच्चन का  जीवन परिचय[harivansharay bachchan ka jeevan parichay]

⭐ हरिवंशराय बच्चन का  जीवन परिचय ⭐ ◆ जन्म :- 27 नवंबर 1907 ,चक मोहल्ले में, इलाहाबाद,उत्तर प्रदेश(एक संभ्रांत कायस्थ परिवार में ) ◆ निधन :- 18 जनवरी 2003 ,मुंबई(महाराष्ट्र) ◆ हालावादी काव्यधारा के प्रमुख कवि ◆ मूल नाम :- हरिवंशराय ◆ उपनाम :’बच्चन'(घर में उन्हें प्यार से) ◆ पिता का नाम :- प्रतापनारायण(अंग्रेज़ी पत्रिका ‘पयनियर’ में काम ) ◆ माता का ...

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विद्यानिवास मिश्र के निबन्ध संग्रह[ vidyanivas mishr ke nibandh sangrah]

विद्यानिवास मिश्र का निबंध संग्रह

⭐ विद्यानिवास मिश्र के निबन्ध संग्रह⭐ ◆ छितवन की छाँह (1953 ई.) ◆ हल्दी दूब (1955 ई.) ◆ कदम की फूली डाल (1956 ई.) ◆ तुम चन्दन हम पानी (1957 ई.) ◆ आँगन का पंछी और बनजारा मन (1963 ई.) ◆ मैंने सिल पहुॅचाई (1966 ई.) ◆ बसंत आ गया पर कोई उत्कंठा नहीं (1972 ई.) ◆ मेरे राम का मुकुट ...

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मंदाक्रांता शब्द के संबंध में [Mandakranta shabd ke sambandh mein]

मंदाक्रांता शब्द के संबंध में

💐 मंदाक्रांता 💐 ■ मंदाक्रांता शब्द का अर्थ :- धीरे – धीरे आगे बढ़ने वाला ◆ मंदाक्रांता :- नाटक ★ नाटक की नायिका :- श्यामली ★ इदन्नमम(1994) उपन्यास का नाट्य रूपांतरण नोट :- इदं न मम (काव्यसंग्रह) :- भवानी प्रसाद मिश्र ● उपन्यास की लेखिका :- मैत्रेयी पुष्पा ● उपन्यास का केन्द्रीय पात्र :- मंदाकिनी   ◆ मंदाक्रांता छन्द ★ ...

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तुलसीदास के संबंध में आ.हजारीप्रसाद द्विवेदी के कथन [tulaseedas ke sambandh mein hajareeprasad dvivedee ke kathan]

तुलसीदास के संबंध

◆ तुलसीदास के संबंध में कथन ◆ 【आ.हजारीप्रसाद द्विवेदी के कथन , हिन्दी साहित्य की भूमिका पुस्तक से】 ◆ भारतवर्ष का लोकनायक वही हो सकता है जो समन्वय कर सके। ★ समन्वय का मतलब है कुछ झुकना, कुछ दूसरों को झुकने के लिए बाध्य करना । ◆ तुलसीदास ऐसे हो भविष्य जातियाँ, आंचारनिष्ठा और विचार पद्धतियाँ प्रचलित हैं। ◆ बुद्धदेव ...

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