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गीतांजलि श्री का जीवन परिचय(Gitanjali Shri ka jeevan parichay)

🌺गीतांजलि श्री का जीवन परिचय🌺 ◆ जन्म :- 12 जून, 1957   ◆ जन्म स्थान :- मैनपुरी नगर में (उत्तर-प्रदेश)   ◆ मूल नाम:- गीतांजलि पांडेय   ◆ पिता का नाम :- अनिरुद्ध पांडेय (आईएएस अधिकारी)   ◆ माता का नाम :- श्री कुमारी पांडेय   ◆ पति का नाम :- सुधीर पंत (इतिहासकार)   ◆ इनकी पहली कहानी :- ...

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हबीब तनवीर का जीवन परिचय(Habib Tanveer ka jeevan parichay)

🌺हबीब तनवीर का जीवन परिचय 🌺   ◆ लोककला को रंगमंच का अनूठा भाव देने वाले छत्तीसगढ़ के महान कलाकार   ◆ जन्म :- 1 सितंबर 1923 में, रायपुर जिले के वैद्यनाथ पारा नामक स्थान पर(छत्तीसगढ़)   ◆ निधन :-8 जून, 2009 में,भोपाल में.(मध्य प्रदेश)   ◆ प्रारम्भिक नाम :- हबीब अहमद खान   ◆ उपनाम :- तनवीर (पहले इस ...

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रीतिकाल में रचित अलंकार निरूपक ग्रन्थ (ritikal mein rachit alankar niroopak granth)

🌺रीतिकाल में रचित अलंकार निरूपक ग्रन्थ 🌺 ◆ अलंकार-निरूपण की शैली ‘चन्द्रालोक’ और ‘कुवलयानन्द’ नामक संस्कृत ग्रन्थों से ली गयी है।   ● गोपा :- अलंकार चन्द्रिका   ● करनेस :- कर्णाभरण   ● करनेस :- श्रुतिभूषण   ● करनेस :- भूषभूषण   ● छेमराज :- फतेह प्रकाश   ● जसवन्त सिंह :- भाषाभूषण   ● मतिराम :- ललितललाम   ...

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रीतिकाल में रचित रसनिरूपक ग्रन्थ(ritikal mein rachit rasaniroopak granth)

🌺रीतिकाल में रचित रसनिरूपक ग्रन्थ🌺 ◆ रस निरूपक कृतियों का आधार ग्रन्थ   ● रुद्रट :- श्रृंगार तिलक   ● भानुदत्त मिश्र :- रसतरंगिणी   ● भानुदत्त मिश्र :- रसमंजरी ◆ रीतिकालीन रस-सम्बन्धी प्रमुख ग्रन्थ ● केशवदास :- रसिकप्रिया (प्रसिद्ध) ● मतिराम :- रसराज ● सुखदेव मिश्र :- रस रत्नाकर ● सुखदेव मिश्र :- रसार्णव ● देव :- भावविलास ● ...

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रीतिकाल में रचित नायिका-भेद निरूपक ग्रन्थ(ritikal mein rachit nayika-bhed niroopak granth)

🌺रीतिकाल में रचित नायिका-भेद निरूपक ग्रन्थ🌺   ◆ काव्यशास्त्र से नायिका-भेद को सम्बद्ध करने का मौलिक श्रेय ‘अग्निपुराण’ को है।   ◆ डॉ. नगेन्द्र ने ‘अग्निपुराण’ को भोज के ‘श्रृंगार-प्रकाश’ का प्रेरक ग्रन्थ मात्र कहा है।   ◆ डॉ. नगेन्द्र के मत से नायक-नायिका भेद की परिपाटी का आदिम ग्रन्थ रुद्रभट्ट का ‘श्रृंगारतिलक’ ही माना जा सकता है।   ◆ ...

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रीतिकाल में रचित सर्वांग निरूपण ग्रंथ(ritikal mein rachit sarvang niroopan granth)

🌺रीतिकाल में रचित सर्वांग निरूपण ग्रंथ🌺 ● सेनापति :- काव्य कल्पद्रुम   ● चिन्तामणि :- कविकुलकल्पतरु   ● चिन्तामणि :- काव्यविवेक   ● कुलपति मिश्र :- रस-रहस्य   ● देव :- शब्द रसायन   ● सुरति मिश्र :- काव्यसिद्धान्त   ● श्रीपति :- काव्यसरोज   ● भिखारीदास :- काव्यनिर्णय   ● सोमनाथ :- रसपीयूषनिधि   ● कुमारमणि भट्ट :- रसिकरसाल ...

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रीतिकाल में रचित पिंगल निरूपक ग्रंथ(ritikal mein rachit pingal niroopak granth)

🌺 रीतिकाल में रचित पिंगल निरूपक ग्रंथ 🌺 ● केशवदास :- छंदमाला   ● चिन्तामणि :- पिंगल   ● मतिराम :- छंदसार   ● सुखदेव मिश्र :- वृत्तविचार ● भिखारीदास :- छंदार्णव   ● नारायण दास :- छंदसार   ● दशरथ :- वृत्त विचार   ● नन्दकिशोर :- पिंगल प्रकाश   ● रामसहाय :- वृत्त तरंगिणी   ● हरिदेव :- ...

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बालकृष्ण भट्ट के द्वारा लिखी गयी प्रसिद्ध रचनाएँ(Balkrishna Bhatt ki dvaara likhee gayi prasiddh rachanaen-)

बालकृष्ण भट्ट (1844-1914) हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध लेखक, कवि, और पत्रकार थे। उन्होंने अपने समय में हिंदी साहित्य को कई महत्वपूर्ण रचनाएँ दीं। उनकी रचनाएँ समाज सुधार, राष्ट्रप्रेम, और सामाजिक चेतना की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यहाँ बालकृष्ण भट्ट की कुछ प्रमुख रचनाओं का है:- 🌺 बालकृष्ण भट्ट  के द्वारा लिखी गयी प्रसिद्ध रचनाएँ🌺 ● सौ अजान एक सुजान ...

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राधाकृष्ण दास की प्रमुख काव्य रचनाएँ(Radhakrishna Das ki pramukh kaavy rachanaen)

राधाकृष्ण दास (1865-1907) हिंदी साहित्य के प्रमुख कवि और लेखक थे। उन्होंने हिंदी साहित्य को कई महत्वपूर्ण काव्य रचनाएँ दी हैं। राधाकृष्ण दास की रचनाएँ भक्ति, प्रेम, और सामाजिक सुधार के तत्वों से युक्त हैं। उनकी भाषा सरल, सरस और हृदयस्पर्शी है, जिससे उनकी कविताएँ पाठकों को सहज ही आकर्षित करती हैं। यहाँ उनकी प्रमुख काव्य रचनाओं  है:- 🌺 राधाकृष्ण ...

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राधाचरण गोस्वामी के काव्य रचनाएँ(Radha Charan Goswami ki kaavy rachanaen)

राधाचरण गोस्वामी (1859-1923) हिंदी साहित्य के एक प्रमुख कवि थे, जिन्होंने ब्रजभाषा में उत्कृष्ट काव्य रचनाएँ कीं। उनकी कविताएँ भक्ति, प्रेम, और राधा-कृष्ण के अलौकिक प्रेम पर आधारित हैं। यहाँ उनकी प्रमुख काव्य रचनाओं का संक्षिप्त परिचय दिया गया है:- 🌺 राधाचरण गोस्वामी के काव्य रचनाएँ 🌺 ● नव भक्तमाल   ● दामिनी दूतिका   ● शिशिर सुषमा   ● ...

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भारतेन्दु हरिश्चंद्र के प्रमुख काव्य कृतियां(Bharatendu Harishchandra ke pramukh kaavy krtiyaan)

भारतेन्दु हरिश्चंद्र (1850-1885) हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण कवि, नाटककार, और पत्रकार थे। उन्हें आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह के रूप में भी जाना जाता है। उनके द्वारा रचित काव्य-कृतियों ने हिंदी साहित्य को एक नई दिशा और पहचान दी। यहाँ भारतेन्दु हरिश्चंद्र की प्रमुख काव्य-कृतियों  है:- 🌺 भारतेन्दु हरिश्चंद्र के प्रमुख काव्य कृतियां🌺 ● भक्त सर्वस्व   ● प्रेम मालिका ...

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भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रमुख निबन्ध(Bharatendu Harishchandra ke pramukh nibandh)

🌺भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रमुख निबन्ध 🌺 ● कालचक्र (जर्नल)   ● लेवी प्राण लेवी   ● भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है?   ● कश्मीर-कुसुम   ● जातीय संगीत   ● संगीत सार   ● हिन्दी भाषा   ● स्वर्ग में विचार सभा   🌺भारतेंदु हरिश्चंद्र की कहानी :- अद्भूत अपूर्व स्वप्न 🌺भारतेंदु हरिश्चंद्र के यात्रा वृतान्त :-   ● सरयूपार ...

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प्रतापनारायण मिश्र की प्रमुख रचनाएँ(Pratapnarayan Mishra ki pramukh rachanaen)

◆ प्रतापनारायण मिश्र हिंदी साहित्य के एक अग्रणी पत्रकार, निबंधकार, कवि और नाटककार थे। उन्होंने हिंदी साहित्य को विभिन्न विधाओं में अपनी रचनाओं से समृद्ध किया। 🌺प्रतापनारायण मिश्र की प्रमुख रचनाएँ 🌺   ◆ प्रमुख काव्य-कृतियां :-   ● प्रेम पुष्पावली   ● मन की लहर   ● श्रृंगार विलास   ● दंगल खण्ड (आल्हा)   ● ब्रेडला स्वागत   ...

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आत्मकथा की विशेषताएं(aatmakatha ki visheshataen)

🌺 आत्मकथा की विशेषताएं 🌺   ● इसका नायक स्वयं लेखक होता है।   ● ईमानदारी का महत्वपूर्ण स्थान   ● दुराव-छिपाव या जोड़-तोड़ का कोई स्थान नहीं ।   ● लेखक के लिए तटस्थता की महत्वपूर्ण   ● रचना प्रधानतः स्मृतियों पर निर्भर   ● कल्पना के पंखों पर सवार होना निषिद्ध   ● आत्मकथा के प्राण तत्व :- ...

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अक्षर अनन्य का परिचय(akshar anany ka parichay)

🌺अक्षर अनन्य का परिचय 🌺 ★ संवत् 1710 में इनके वर्तमान रहने का पता लगता है। ★ ये दतिया रियासत के अंतर्गत सेनुहरा के कायस्थ थे और कुछ दिनों तक दतिया के राजा पृथ्वीचंद के दीवान थे। पीछे ये विरक्त होकर पन्ना में रहने लगे।   ★प्रसिद्ध छत्रसाल इनके शिष्य हुए। एक बार ये छत्रसाल से किसी बात पर अप्रसन्न ...

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