⭐हिंदी साहित्य और सिनेमा के संबंध ⭐ ◆ निर्देशक नानूभाई देसाई ने सेवासदन उपन्यास पर बाजारे हुस्न’ नाम से फिल्म का निर्माण किया। ◆ प्रेमचंद ने ‘अंजता सिनेटोन’ के लिए कहानी लिखी तथा उस पर ‘गरीब मजदूर’ ‘मिल मजदूर’, ‘सेठ की बेटी’ आदि नामों से फिल्म प्रदर्शित हुई। मिल मजदूर मोहन भावनानी के निर्देशन में बनी। ◆ 1941 में ...
Read More »महत्वपूर्ण तथ्य
मंदाक्रांता शब्द के संबंध में [Mandakranta shabd ke sambandh mein]
? मंदाक्रांता ? ■ मंदाक्रांता शब्द का अर्थ :- धीरे – धीरे आगे बढ़ने वाला ◆ मंदाक्रांता :- नाटक ★ नाटक की नायिका :- श्यामली ★ इदन्नमम(1994) उपन्यास का नाट्य रूपांतरण नोट :- इदं न मम (काव्यसंग्रह) :- भवानी प्रसाद मिश्र ● उपन्यास की लेखिका :- मैत्रेयी पुष्पा ● उपन्यास का केन्द्रीय पात्र :- मंदाकिनी ◆ मंदाक्रांता छन्द ★ यह ...
Read More »साहित्य का देवता,साहित्य देवता,समय देवता[saahity ka devata,saahity devata,samay devata]
?साहित्य का देवता :- दुलारे लाल भार्गव (निराला के अनुसार) ◆ निराला दुलारे लाल भार्गव के व्यक्तित्व से इतने अभिभूत थे कि उन्हें ‘साहित्य का देवता’ कहा करते थे। ★ दुलारे लाल भार्गव निराला के मुक्त छंदों के समर्थक या प्रशंसक नहीं थे। ? साहित्य देवता :- माखनलाल चतुर्वेदी (डॉ.रामकुमार वर्मा के अनुसार) ◆ डॉ.रामकुमार वर्मा ने कहा:- “पंडित जी, ...
Read More »किताब और मोनोग्राफ में अंतर [ kitaab aur monograaph mein antar]
? किताब और मोनोग्राफ में अंतर? ★ किताब ★ ◆ पुस्तक एक सामान्य शब्द है जिसका उपयोग किसी लिखित या मुद्रित कार्य का वर्णन करने के लिए किया जाता है जो एक साथ बंधा होता है और जिसमें आमतौर पर कई अध्याय या खंड होते हैं। ◆ किताबें विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर कर सकती हैं, अलग-अलग लंबाई ...
Read More »विभाजन पर आधारित कहानियां [vibhaajan par aadhaarit kahaaniyaan]
? विभाजन पर आधारित कहानियां? ◆ व्यथा का सरगम :- अमृत राय ◆ शरणदाता (1947):- अज्ञेय ◆ रमन्ते तत्र देवता :- अज्ञेय ◆ लंटर बॉक्स(1947) :- अज्ञेय ◆ बदला (1947) :- अज्ञेय ◆ मुस्लिम- मुस्लिम भाई -भाई :- अज्ञेय ◆ बेजबान :- द्रोणवीर कोहली ◆ सरहद के इस पार(1983) :- नासिरा शर्मा ◆ कितने पाकिस्तान :- कमलेश्वर ◆ सिक्का बदल ...
Read More »हिंदी में प्रथम (hindi mein pratham)
? हिन्दी में सर्वप्रथम ? ◆ हिन्दी का प्रथम कवि :- सरहपाद (9वीं शताब्दी) ◆ हिन्दी की प्रथम रचना :- श्रावकाचार (देवसेन) ◆ हिन्दी का प्रथम मौलिक नाटक :- नहुष (गोपाल चन्द्र)【भारतेंदु हरिश्चंद्र के अनुसार】 ◆ हिन्दी का प्रथम मौलिक नाटक :- आनन्द रघुनंदन(महाराजा विश्वनाथ सिंह)【आ.रामचंद्र शुक्ल के अनुसार】 ◆ हिन्दी का ...
Read More »हिन्दी की प्रमुख पत्र – पत्रिकाओं का परिचय(hindi ki pramukh patr – patrikaon ka parichay)
◆ सर्वप्रथम भारत में प्रिंटिग प्रेस लाने का श्रेय पुर्तग़ालियों को दिया जाता है। ◆ भारत में सबसे पहले प्रेस :- गोवा में (जनवरी,1556 -57 ई.) (यह प्रेस पुर्तगाल से अबीसीनिया के लिए भेजा गया था। उन दिनों में स्वेज नहर नहीं बनी थी और अबीसीनिया के लिए भारत होकर जाना पड़ता था। अबीसीनिया के लिए मनोनीत पेट्रिआर्क प्रेस के ...
Read More »हिंदी साहित्य में सरस्वती पत्रिका का योगदान(hindi sahity me sarasvati patrika ka yogadan)
★ सरस्वती पत्रिका कालिदास के इस वाक्य का उद्घोष करती है :- ” सरस्वती श्रुति महत्ती न हीयताम् “ ★ 1900 ई. में चिंतामणि घोष के द्वारा, इलाहाबाद से ★ इंडियन प्रेस(इलाहाबाद) के अध्यक्ष :- चिंतामणि घोष ★ मासिक पत्रिका ★ चिंतामणि घोष ने अगस्त 1899 ई. में नागरी प्रचारिणी सभा(काशी) से अनुरोध किया कि सचित्र हिंदी मासिक पत्रिका सरस्वती ...
Read More »मार्क्सवाद मे आस्था रखने वाले कवि की शार्ट ट्रिक(marksavad me aastha rakhane vale kavi kI Short trick)
मार्क्सवाद में आस्था रखने वाले कई कवियों ने अपने काव्य में समाजवादी और आर्थिक न्याय के मूल्यों को प्रमोट किया है। मार्क्सवाद मे आस्था रखने वाले कवि की शार्ट ट्रिक राम के साथ राघव भी मार्क्सवाद मे आस्था रखते है। 1. रामविलास शर्मा (1912-2000) 2. केदारनाथ अग्रवाल (1911-2000) 3. रांगेय राघव(1923-1962) नकेनवाद साहित्यिक आंदोलन एक प्रकार का लोकप्रिय सामाजिक आंदोलन ...
Read More »प्रगतिवादी कवियों की शार्ट ट्रिक(pragativadi kaviyon ki Short trick)
प्रगतिवादी सोच का मुख्य तत्त्व है ‘प्रगति’ या ‘विकास’। इस विचारधारा के अनुयायी मानते हैं कि मानव समाज का विकास निरंतर और स्थिर रूप से होना चाहिए, और इसके लिए तकनीकी, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक उन्नति की दिशा में कठिन प्रयासों की आवश्यकता है। प्रगतिवादी कवियों की शार्ट ट्रिक ◆ रांगेय राघव ने कहा अपनी प्रगति के लिए नकटी लोग ...
Read More »प्रेम व मस्ती की कविता लिखने कवियों की शार्ट ट्रिक(prem va masti ki kavita likhane kaviyon ki Short trick)
. प्रेम व मस्ती की कविता लिखने वाले कवि:- ◆ हरि व राम की नरेन्द्र शर्मा प्रेम व मस्ती की कविता लिखते है। 1. हरिवंशराय बच्चन(1907-2003) 2. रामेश्वर शुक्ल अचंल(1915-1995) 3. नरेन्द्र शर्मा (1913-1989) ? पढ़ना जारी रखने के लिए यहाँ क्लिक करे। ? Pdf नोट्स लेने के लिए टेलीग्राम ज्वांइन कीजिए। ? प्रतिदिन Quiz के लिए Facebook ज्वांइन कीजिए।
Read More »सांस्कृतिक गतिविधियों कवियों की शार्ट ट्रिक(sanskrtik gatividhiyon kaviyon ki Short Trick )
सांस्कृतिक गतिविधियों का अर्थ होता है समाज की सांस्कृतिक धाराओं और परंपराओं को बनाए रखने के लिए आयोजित की जाने वाली गतिविधियाँ। ये गतिविधियाँ रंगमंच, संगीत, नृत्य, कला, साहित्य, खान-पान, और खेल के माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ाती हैं। सांस्कृतिक गतिविधियों कवियों की शार्ट ट्रिक ◆ सुभद्रा एवं राम ने बालकृष्ण को सांस्कृतिक गतिविधियों में दिन मे ...
Read More »पृथ्वीराजरासो को अप्रमाणित,प्रमाणित एवं अर्द्ध प्रमाणित मानने वाले विद्वान
• पृथ्वीराजरासो को अप्रमाणित मानने वाले विद्वान:- ◆ Short Trick :- मुरारि श्यामदेव और रामकुमार शुक्ल ने अमृत मोती बूलर और ओझा को रासो की अप्रमाणिकता के लिए दिया। 1. मुरारिदीन (मुरारि) 2. कविराज श्यामलदास(श्याम) 3. मुंशीदेव(देव) 4. डॉ.रामकुमार वर्मा(रामकुमार) 5. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल(शुक्ल) 6. अमृतशील(अमृत) 7. मोती लाल मेनारिया(मोती) 8. डॉ.बूलर (बूलर) 9. डॉ.गौरीशंकर हीराचन्द ओझा(ओझा)। • पृथ्वीराजरासो को ...
Read More »साहित्य अकादमी(sahitya akadami) पुरस्कारों की शार्ट ट्रिक
[ ] साहित्य अकादमी में सम्बन्ध में जानकारी :- • भारत में साहित्य की राष्ट्रीय संस्था की स्थापना का प्रस्ताव विचाराधीन था। • भारत सरकार ने रॉयल एशियाटिक सोसायटी ऑफ़ बंगाल का साहित्य की राष्ट्रीय संस्था की स्थापना का प्रस्ताव 1944 में। • साहित्य अकादमी नामक राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था की स्थापना का निर्णय लिया :- 15 दिसंबर 1952 के प्रस्ताव ...
Read More »हिंदी साहित्य के प्रमुख गुरु और शिष्य(hindi sahity ke pramukh guru aur shishy)
हिंदी साहित्य में गुरु और शिष्य के संबंध बहुत महत्वपूर्ण रहे हैं, जिन्होंने साहित्य के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। यहां कुछ प्रमुख गुरु-शिष्य संबंधों का उल्लेख किया जा रहा है: क्र.स शिष्य गुरु 1. गोरखनाथ मत्स्येन्द्रनाथ 2. डोम्बिपा विरूपा 3. कुक्कुरिपा चर्पटीया 4. कण्हपा जालंधरपा 5. चर्पटनाथ गोरखनाथ 6. रामानुज यमुनाचार्य 7. ...
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