रीतिकाल: रस एवं नायिका-भेद निरूपण रीतिकाल (संवत् 1700–1900 वि.) में लक्षण-ग्रंथ परंपरा के अंतर्गत रस और नायिका-भेद का शास्त्रीय, सूक्ष्म और बहुआयामी निरूपण हुआ। सामंती दरबारी परिवेश और शृंगार-प्रियता के कारण इस युग के आचार्यों ने संस्कृत काव्यशास्त्र की परंपरा को ब्रजभाषा में पद्यबद्ध रूप में प्रस्तुत किया। 1. रीतिकाल में रस-निरूपण का विस्तृत स्वरूप (क) आधार-ग्रंथ एवं दार्शनिक पृष्ठभूमि: ...
Read More »नेट की गद्य व पद्य रचनाए
भारतेन्दु हरिश्चंद्र: प्रमुख रचनाएँ एवं पत्र-पत्रिकाएँ(bharatendu harishchandra: pramukh rachnayen evam patra-patrikaen)
भारतेन्दु हरिश्चंद्र: प्रमुख रचनाएँ एवं पत्र-पत्रिकाएँ इतिहास एवं पुरातत्व कश्मीर-कुसुम महाराष्ट्र देश का इतिहास रामायण का समय अग्रवालों की उत्पत्ति खत्रियों की उत्पत्ति बादशाह दर्पण बूँदी का राजवंश उदय-पुरोदय पुरावृत्त संग्रह दिल्ली दरबार कालचक्र इत्यादि पत्र-पत्रिकाएँ कवि वचन सुधा (1868 ई०) हरिश्चन्द्र मैगजीन (1873 ई०): यह बाद में ‘हरिश्चन्द्र चन्द्रिका’ के नाम से प्रकाशित हुई। बाला बोधिनी (1874 ई०): महिलाओं ...
Read More »भारतेन्दु हरिश्चंद्र के प्रमुख मौलिक नाटक(bharatendu harishchandra ke pramukh maulik natak)
भारतेन्दु हरिश्चंद्र के प्रमुख मौलिक नाटक आधुनिक हिंदी साहित्य और नाट्य विधा के जनक भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने कुल मिलाकर लगभग 17 नाटकों की रचना की, जिनमें 9 मौलिक नाटक (तथा प्रहसन/नाटिका) और शेष अनूदित नाटक हैं। नाटक का नाम रचना वर्ष विधा / नाट्य रूप प्रमुख विषय / विशेषता वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति 1873 ई. प्रहसन पाखंडी धर्मावलंबियों, मांस-मदिरा ...
Read More »विलायत में दादाभाई नौरोजी को ‘काला’ कहे जाने पर बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ की काव्य-पंक्तियाँ
दादाभाई नौरोजी पर बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ की ऐतिहासिक काव्य-टिप्पणी ब्रिटिश संसद (हाउस ऑफ कॉमन्स) के चुनाव (1892 ई.) के दौरान ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री लॉर्ड सैलिसबरी (Lord Salisbury) ने दादाभाई नौरोजी के लिए नस्लभेदी टिप्पणी करते हुए उन्हें “काला आदमी” (Black Man) कहा था। इस अपमानजनक वक्तव्य पर भारतेंदु युगीन प्रमुख साहित्यकार व राष्ट्रीय चेतना के अग्रदूत बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ ...
Read More »हिंदी का मिल्टन और हिंदी का सबसे उद्दण्ड(hindi ka milton aur hindi ka sabse uddand)
हिंदी का मिल्टन :- केशवदास मिश्रबन्धुओं ने केशवदास को हिंदी का मिल्टन क्यों कहा? तुलना का आधार: प्रसिद्ध अंग्रेज़ी महाकवि जॉन मिल्टन (Paradise Lost के रचयिता) अपनी भाषा की शास्त्रीय गंभीरता, उच्च कल्पना, पांडित्य और दृष्टिहीनता के लिए जाने जाते हैं। हिंदी में आचार्य केशवदास को उनके असाधारण संस्कृत-निष्ठ पांडित्य, महाकाव्यात्मक भव्यता (रामचंद्रिका), क्लिष्ट शब्दावली और शास्त्रीय नियमों के कठोर ...
Read More »बिहारी सतसई पर प्रमुख कवि(bihari satsai par pramukh kavi)
बिहारी सतसई पर प्रमुख कवि बिहारी सतसई की प्रथम टीका लिखने वाले – कृष्ण कवि हिन्दी में समास पद्धति की शक्ति का सर्वाधिक परिचय बिहारी ने दिया है। बिहारी सतसई के दोहों का पल्लवन रोला छंद में करने वाले – अंबिकादत्त व्यास बिहारी सतसई की टीका सवैया छंद में करने वाले – कृष्ण कवि बिहारी सतसई को शक्कर की रोटी ...
Read More »आचार्य रामचंद्र शुक्ल के प्रमुख कथन (आधुनिक काल)(acharya ramchandra shukl ke pramukh kathan (aadhunik kal))
आचार्य रामचंद्र शुक्ल के प्रमुख कथन (आधुनिक काल) 1. रामप्रसाद निरंजनी भाषा योगवासिष्ठ: “अब तक पाई गई पुस्तकों में यह ‘भाषा योगवासिष्ठ’ ही सबसे पुराना है, जिसमें गद्य अपने परिष्कृत रूप में दिखाई पड़ता है।” प्रथम प्रौढ़ गद्य लेखक: “भाषा योगवासिष्ठ को परिमार्जित गद्य की प्रथम पुस्तक और रामप्रसाद निरंजनी को प्रथम प्रौढ़ गद्य लेखक मान सकते हैं।” 2. इंशा ...
Read More »आ रामचंद्र शुक्ल के कथन (रीतिकाल के संबंध में)(aa ramchandra shukl ke kathan (reetikal ke sambandh men))
बिहारी के बारे में कथन :- “इसका एक-एक दोहा हिन्दी साहित्य में एक-एक रत्न माना जाता है।” “बिहारी की भाषा चलती होने पर भी साहित्यिक है।” “इसमें तो रस के ऐसे छींटे पड़ते हैं जिनसे हृदय-कलिका थोड़ी देर के लिए खिल उठती है।” “जिस कवि में कल्पना की समाहार शक्ति के साथ भाषा की समाहार शक्ति जितनी अधिक होगी उतनी ...
Read More »‘अजपा जाप’ से आप क्या समझते है(‘ajpa jap’ se aap kya samajhte hai?)
‘अजपा जाप’ से आप क्या समझते है ” आध्यात्मिक मार्ग में ईश्वर के किसी भी नाम का ध्यानपूर्वक निरंतर रटन करना ” जप या जाप ” कहलाता है जाप तीन प्रकार के होते है 1 – वाचिक जाप (बोल कर जपना जिसे दूसरे लोग भी सुन सकते है 2 – उपांशु जाप (होठ हिले पर दूसरे लोग नही सुन सके, ...
Read More »नागार्जुन का जीवन परिचय(nagarjun ka jeevan parichay)
नागार्जुन का जीवन परिचय(nagarjun ka jeevan parichay) 1. साहित्यिक परिचय उन्होंने हिन्दी और मैथिली दोनों भाषाओं में महत्वपूर्ण साहित्य-सृजन किया। वे कवि, उपन्यासकार, कहानीकार, निबंधकार, जीवनीकार और बाल साहित्यकार के रूप में प्रसिद्ध हैं। उनके साहित्य में मुख्यतः ग्रामीण जीवन, किसान, मजदूर, निम्नवर्ग, शोषित एवं पीड़ित जनता का यथार्थ चित्रण मिलता है। हिन्दी में उनका नाम ‘नागार्जुन’, मैथिली में ‘यात्री’ ...
Read More »अज्ञेय की कहानी रोज़ विस्तृत सारांश(agyeyas-story-rose-detailed-summary)
अज्ञेय की कहानी ‘रोज़’ * कथाकार :- सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ * कहानी का संकलन :- विपथगा कहानी संग्रह में * प्रकाशन :- 1934 (मूल रूप से ‘गैंग्रीन’ नाम से) * इस कहानी सर्वप्रथम गैंग्रीन नाम से प्रकाशित हुआ लेकिन बाद में इसका शीर्षक बदलकर रोज़ कर दिया। * कहानी तीन भागों में ★ प्रथम भाग में :- ...
Read More »मुर्दहिया का आत्मकथा (murdahiya ka aatmakatha) पार्ट – 1
?? मुर्दहिया (आत्मकथा) ?? 【डॉ. तुलसीराम】 ◆ प्रकाशन :- 2010 ई. ?मुर्दहिया की भूमिका :- ◆ लेखक के गांव धरमपुर (आजमगढ़) की बहुद्देशीय कर्मस्थली :- मुर्दहिया ◆ चरवाही से लेकर हरवाही तक के सारे रास्ते मुर्दहिया से गुजरते थे। ◆ स्कूल हो या दुकान, बाजार हो या मंदिर, यहाँ तक कि मजदूरी के लिए कलकत्ता वाली रेलगाड़ी पकड़ना ...
Read More »उत्तर आधुनिकता से संबंधित उपन्यास(uttar aadhunikata se sambandhit upanyas)
◆ उत्तर आधुनिकता से संबंधित उपन्यास ◆ ◆विमल उर्फ जाएं तो जाएं कहां :- कृष्ण बलदेव वैद ◆ मुझे चांद चाहिए :- सुरेंद्र वर्मा ◆ गुलदस्ता :- सुरेंद्र वर्मा ◆ दो मर्दों के लिए :- सुरेंद्र वर्मा ◆ हमजाद :- मनोहर श्याम जोशी ◆ हरिया हरक्यूलिस की हैरानी :- मनोहर श्याम जोशी ◆ क्याप :- मनोहर श्याम जोशी ◆ ...
Read More »आदिवासी विमर्श से संबंधित उपन्यास(aadivasi vimarsh se sambandhit upanyas)
???? आदिवासी विमर्श से संबंधित उपन्यास???? ◆ जो इतिहास में नहीं :- राकेश कुमार सिंह ◆ ग्लोबल गांव के देवता :- रणेद्र ◆ सहराना :- पुन्नी सिंह ◆ जहां बॉस फूलते हैं:- प्रकाश मिश्र ◆ धूणी तपे तीर :- हरिराम मीणा ◆ डांग :- हरिराम मीणा पढ़ना जारी रखने के लिए यहाँ क्लिक करे। Pdf नोट्स लेने के ...
Read More »सूचना क्रांति से संबंधित उपन्यास(soochana kranti se sambandhit upanyas)
???? सूचना क्रांति से संबंधित उपन्यास???? ◆ लेकिन दरवाजा :- पंकज बिष्ट ◆ रात का रिपोर्टर :- निर्मल वर्मा ◆ एक जमीन अपनी :- चित्रा मुद्गल ◆ मुझे चांद चाहिए :- सुरेंद्र वर्मा पढ़ना जारी रखने के लिए यहाँ क्लिक करे। Pdf नोट्स लेने के लिए टेलीग्राम ज्वांइन कीजिए। प्रतिदिन Quiz के लिए Facebook ज्वांइन कीजिए।
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