बालकृष्ण भट्ट (1844-1914) हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध लेखक, कवि, और पत्रकार थे। उन्होंने अपने समय में हिंदी साहित्य को कई महत्वपूर्ण रचनाएँ दीं। उनकी रचनाएँ समाज सुधार, राष्ट्रप्रेम, और सामाजिक चेतना की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यहाँ बालकृष्ण भट्ट की कुछ प्रमुख रचनाओं का है:- ? बालकृष्ण भट्ट के द्वारा लिखी गयी प्रसिद्ध रचनाएँ? ● सौ अजान एक सुजान ...
Read More »इतिहास
राधाकृष्ण दास की प्रमुख काव्य रचनाएँ(Radhakrishna Das ki pramukh kaavy rachanaen)
राधाकृष्ण दास (1865-1907) हिंदी साहित्य के प्रमुख कवि और लेखक थे। उन्होंने हिंदी साहित्य को कई महत्वपूर्ण काव्य रचनाएँ दी हैं। राधाकृष्ण दास की रचनाएँ भक्ति, प्रेम, और सामाजिक सुधार के तत्वों से युक्त हैं। उनकी भाषा सरल, सरस और हृदयस्पर्शी है, जिससे उनकी कविताएँ पाठकों को सहज ही आकर्षित करती हैं। यहाँ उनकी प्रमुख काव्य रचनाओं है:- ? राधाकृष्ण ...
Read More »राधाचरण गोस्वामी के काव्य रचनाएँ(Radha Charan Goswami ki kaavy rachanaen)
राधाचरण गोस्वामी (1859-1923) हिंदी साहित्य के एक प्रमुख कवि थे, जिन्होंने ब्रजभाषा में उत्कृष्ट काव्य रचनाएँ कीं। उनकी कविताएँ भक्ति, प्रेम, और राधा-कृष्ण के अलौकिक प्रेम पर आधारित हैं। यहाँ उनकी प्रमुख काव्य रचनाओं का संक्षिप्त परिचय दिया गया है:- ? राधाचरण गोस्वामी के काव्य रचनाएँ ? ● नव भक्तमाल ● दामिनी दूतिका ● शिशिर सुषमा ● ...
Read More »भारतेन्दु हरिश्चंद्र के प्रमुख काव्य कृतियां(Bharatendu Harishchandra ke pramukh kaavy krtiyaan)
भारतेन्दु हरिश्चंद्र (1850-1885) हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण कवि, नाटककार, और पत्रकार थे। उन्हें आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह के रूप में भी जाना जाता है। उनके द्वारा रचित काव्य-कृतियों ने हिंदी साहित्य को एक नई दिशा और पहचान दी। यहाँ भारतेन्दु हरिश्चंद्र की प्रमुख काव्य-कृतियों है:- ? भारतेन्दु हरिश्चंद्र के प्रमुख काव्य कृतियां? ● भक्त सर्वस्व ● प्रेम मालिका ...
Read More »भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रमुख निबन्ध(Bharatendu Harishchandra ke pramukh nibandh)
?भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रमुख निबन्ध ? ● कालचक्र (जर्नल) ● लेवी प्राण लेवी ● भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है? ● कश्मीर-कुसुम ● जातीय संगीत ● संगीत सार ● हिन्दी भाषा ● स्वर्ग में विचार सभा ?भारतेंदु हरिश्चंद्र की कहानी :- अद्भूत अपूर्व स्वप्न ?भारतेंदु हरिश्चंद्र के यात्रा वृतान्त :- ● सरयूपार ...
Read More »बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ की प्रमुख काव्य-कृतियां(Badrinarayan Chaudhary ‘Premghan’ ki pramukh kavy krtiyan)
बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ (1857-1921) हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण कवियों में से एक थे उनकी रचनाएँ हिंदी साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। उनके काव्य में देशभक्ति, सामाजिक सुधार, और व्यक्तिगत भावनाओं का सजीव चित्रण मिलता है। यहाँ बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ की प्रमुख काव्य-कृतियों है: ?बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ की प्रमुख काव्य-कृतियां? ● जीर्ण जनपद ● आनन्द अरुणोदय ● हार्दिक ...
Read More »प्रतापनारायण मिश्र की प्रमुख रचनाएँ(Pratapnarayan Mishra ki pramukh rachanaen)
◆ प्रतापनारायण मिश्र हिंदी साहित्य के एक अग्रणी पत्रकार, निबंधकार, कवि और नाटककार थे। उन्होंने हिंदी साहित्य को विभिन्न विधाओं में अपनी रचनाओं से समृद्ध किया। ?प्रतापनारायण मिश्र की प्रमुख रचनाएँ ? ◆ प्रमुख काव्य-कृतियां :- ● प्रेम पुष्पावली ● मन की लहर ● श्रृंगार विलास ● दंगल खण्ड (आल्हा) ● ब्रेडला स्वागत ...
Read More »आत्मकथा की विशेषताएं(aatmakatha ki visheshataen)
? आत्मकथा की विशेषताएं ? ● इसका नायक स्वयं लेखक होता है। ● ईमानदारी का महत्वपूर्ण स्थान ● दुराव-छिपाव या जोड़-तोड़ का कोई स्थान नहीं । ● लेखक के लिए तटस्थता की महत्वपूर्ण ● रचना प्रधानतः स्मृतियों पर निर्भर ● कल्पना के पंखों पर सवार होना निषिद्ध ● आत्मकथा के प्राण तत्व :- ...
Read More »अक्षर अनन्य का परिचय(akshar anany ka parichay)
?अक्षर अनन्य का परिचय ? ★ संवत् 1710 में इनके वर्तमान रहने का पता लगता है। ★ ये दतिया रियासत के अंतर्गत सेनुहरा के कायस्थ थे और कुछ दिनों तक दतिया के राजा पृथ्वीचंद के दीवान थे। पीछे ये विरक्त होकर पन्ना में रहने लगे। ★प्रसिद्ध छत्रसाल इनके शिष्य हुए। एक बार ये छत्रसाल से किसी बात पर अप्रसन्न ...
Read More »साहित्यिक और देशभाषा काव्य की पुस्तकें (आ. रामचंद्र के अनुसार)[sahityik pustaken aur deshabhasha kavy]
?साहित्यिक पुस्तकें केवल चार हैं- 1. विजयपाल रासो 2. हम्मीर रासो 3. कीर्तिलता 4. कीर्तिपताका ?देशभाषा काव्य की आठ पुस्तकें प्रसिद्ध हैं— 5. खुमान रासो 6. वीसलदेव रासो 7. पृथ्वीराज रासो 8. जयचंदप्रकाश 9. जयमयंक जस चंद्रिका 10. परमाल रासो (आल्हा का मूल रूप) 11. खुसरो की पहेलियाँ ...
Read More »कबीरदास का जीवन परिचय(Kabirdas ka jeevan parichay)
? कबीरदास का जीवन परिचय ? ◆ जन्म :- 1398 ई. में,काशी में ◆ मृत्यु :- 1518 ई. मगहर में ◆ किंवदन्ती के अनुसार स्वामी रामानन्द के वरदानस्वरूप एक विधवा ब्राह्मण कन्या को पुत्र प्राप्ति हुई, लोक-लाज के कारण वह पुत्र को लहरतारा के ताल पर फैंक आयी। अली या नीरू नामक जुलाहा उस बालक को अपने घर ...
Read More »महादेवी वर्मा के काव्य संग्रह(Mahadevi Verma ka kavy sangrah)
?महादेवी वर्मा के काव्य संग्रह? ◆ महादेवी वर्मा की प्रथम काव्य संग्रह :- नीहार (1930ई) 【कुल गीत 47】 ◆ महादेवी वर्मा की दुसरा काव्य संग्रह :- रश्मि (1932 ई.)【कुल गीत- 35 】 ◆ महादेवी वर्मा की तीसरा काव्य संग्रह :- नीरजा (1934 ई.)【 कुल गीत -58 】 ◆ महादेवी वर्मा का चौथा काव्य संग्रह :- सान्ध्य गीत ...
Read More »मालती जोशी के कहानी संग्रह(Malti Joshi ke kahani sangrah)
?मालती जोशी के कहानी संग्रह? ● मोरी रंग दी चुनरियाँ ● बोल री कठपुतली ● मन ना भये दस बीस ● मध्यान्तर ● आखरी शर्त ● एक घर सपनों का ● अंतिम संक्षेप ● शापित शैशव ● शालें स्ट्रीट ? पढ़ना जारी रखने के लिए यहाँ क्लिक करे। ? Pdf नोट्स लेने ...
Read More »मालती जोशी के उपन्यास(Malti Joshi ke upanyas)
?मालती जोशी के उपन्यास ? ● राग-विराग ● पुनरागमनायच ● ऋणानुबंध ● समर्पण का सुख ● शोभा-यात्रा ● सहमे हुए प्रश्न ● मन ना भये दस बीस ● सहचारिणी ● विस्फोट ● पटाक्षेप ● विश्वास गाथा ? पढ़ना जारी रखने के लिए यहाँ क्लिक करे। ? Pdf नोट्स लेने ...
Read More »मृदुला गर्ग के कहानी संग्रह और नाटक (Mridula garg ke kahani sangrah natak)
? मृदुला गर्ग के कहानी संग्रह और नाटक? ● कितनी कैदें (1975 ई.) ● टुकड़ा-टुकड़ा आदमी(1977 ई.) ● डैफोडिल जल रहे हैं (1978 ई.) ● ग्लेशियर से (1980ई.) ● उर्फ सैम(1982 ई.) ● दुनिया का कायदा (1983 ई.) ● शहर के नाम (1990 ई.) ● समागम (1996 ई.) ● मेरे देश ...
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