इतिहास

प्रमुख दलित रचनाकार(pramukh dalit rachanakar)

?प्रमुख दलित रचनाकार ? 1. ओम प्रकाश वाल्मीकि:- ● जन्म:-  30 जून, 1950 ई. ,बरला मुजफ्फर नगर ● मृत्यु :- 7 नवंबर 2013 ई. ,देहरादून   ● रचनाएँ:- ★ काव्य संग्रह:- √ सदियों का संताप (1989 ई.)   √ बस बहुत हो चूका वाल्मीकि (1997 ई.)   √ अब और नहीं (2009 ई.)   ★ कहानी संग्रह: √ सलाम (2000 ई.)   ...

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UGC NET EXAM में आये हुये स्थापना और तर्क – 3

               ?UGC NET EXAM में आये हुये स्थापना और तर्क – 3?   ◆ विरुद्धों का सामंजस्य कर्मक्षेत्र का सौंदर्य है जिसकी ओर आकर्षित हुए बिना मनुष्य का हृदय नहीं रह सकता। ● विरुद्धों का सामंजस्य चमत्कृत करता है और यही लोकधर्म का सौंदर्य है।   ◆ काव्य के संदर्भ में ‘काव्यानुभूति’,’रसानुभूति’ और ‘सौंदर्यानुभूति’ ...

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UGC NET EXAM में आये हुये स्थापना और तर्क – 2

         ?UGC NET EXAM में आये हुये स्थापना और तर्क – 2?  ◆ प्रेमचन्द यथार्थवाद से आदर्शवाद को श्रेष्ठ समझते थे क्योंकि आदर्शवाद उनकी दृष्टि में सम्पूर्ण जीवन-दृष्टि नही थी। प्रेमचन्द्र आदर्शोन्मुखी यथार्थवादी रचनाकार हैं। ◆ बिम्ब (प्रतीक) में अर्थ की सम्भावना निहित होती है परन्तु अर्थ हमेशा निश्चित नहीं होता है।   ◆ कहानी छोटे मुँह ...

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UGC NET EXAM में आये हुये स्थापना और तर्क – 1

?UGC NET EXAM में आये हुये स्थापना और तर्क? ◆ नई आलोचना का केन्द्र बिन्दु-तनाव की स्थिति की परख और सौंदर्य की खोज है। क्योंकि नई आलोचना कविता को शब्द प्रतिभा मानती है।   ◆ आधुनिकतावाद वर्तमान की स्वीकृति और समीक्षा के नये सोपानों को स्थापित करता है।   ◆ क्रोध विवेक का शत्रु है क्योंकि क्रोध विवेक को नष्ट ...

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कमाल का जीवन परिचय(kamal ka jeevan parichay)

                                       ?कमाल का जीवन परिचय? * कमाल को कबीर साहब के पुत्र बताए जाते हैं यह प्रसिद्ध है कि जब उनसे कबीर संपदा की स्थापना की बात कही गई थी तू वह राजी नहीं हुए और करीब कबीर के अनुयाई चलो ने ...

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संत लालदास का जीवन परिचय(Saint Laldas ka jeevan parichay)

?संत लालदास का जीवन परिचय?   *लाल पंथ के प्रवर्तक संत लालदास 1540 – 1648   * इनका जन्म अलवर राज्य के ग्राम डोली धूप में एक मुसलमान परिवार में हुआ   * अपने स्थान को त्याग कर रामगढ़ प्रग्ने में स्थित बारदोली में निवास करने लगे और जनता की सेवा में खो गए   * दृष्टा द्वारा तीन पीड़ित ...

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 सींगा का जीवन परिचय(seenga ka jeevan parichay)

?सींगा का जीवन परिचय? * इनका जन्म मध्य भारत की रियासत बड़वानी के खजूर गांव में एक सवाल परिवार में हुआ * बाल्यावस्था से ही वह संस्था से विरत रहे थे * इनकी निर्गुण ब्रह्म संबंधी धारणा संत कबीर कीमत ब्रह्म विषय कल्पना से बहुत कुछ सामने रखती है * इनकी ने इनके द्वारा विरचित पदों की संख्या 800 बताई ...

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हरिदास निरंजनी का जीवन परिचय(Haridas Niranjani ka jeevan parichay)

?हरिदास निरंजनी का जीवन परिचय? * संत हरिजन निरंजन संप्रदाय के कवि * इनका मूल स्त्रोत नाथ पंथ * साधना क्षेत्र में इस संप्रदाय को नाथ पंथ एवं संतमत की मध्यवर्ती कड़ी कहा जा सकता है * निरंजन संपदा के प्राचीनतम संप्रदायिक * जिसका प्रभाव उड़ीसा प्रांत में किसी ना किसी रूप में आज तक विद्यमान है ? पढ़ना जारी ...

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सुंदर दास का जीवन परिचय(Sunder Das ka jeevan parichay)

 ?सुंदर दास का जीवन परिचय? * संत दादू दयाल के शिष्य   * प्रतिभा संपन्न कवि और साधक   * जन्म स्थान :- जयपुर राज्य की प्राचीन राजधानी दौसा में   * 6 वर्ष की अल्पायु में संत दादू के शिष्य हुए   * 11 वर्ष की अवस्था में संत जगजीवन दास तथा संत रज्जब के साथ काशी की यात्रा ...

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रामानन्द का जीवन परिचय(Ramanand ka jeevan parichay)

?रामानन्द का जीवन परिचय? * जन्म-1368ई.मृत्यु-1468ई. • जाति – कान्यकुन्ज ब्राह्मण * शिक्षा – काशी • गुरु- राघवनन्द * नाभादास की भक्तमाल में रामानंद के बारह शिष्यों का उल्लेख है। * रामावत सम्प्रदाय के प्रवर्तक * रामावत सम्प्रदाय का मूल मंत्र- राम या सीताराम * दो ग्रन्थ :- 1. वैष्णव मताब्ज भास्कर(संस्कृत भाषा में) 2. श्रीरामार्चन पद्धति(संस्कृत भाषा में) * ...

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रामानन्द के बारह शिष्यों नाम का ट्रिक(Ramanand ke baarah shishyon ke naam ka trick)

* रामानन्द के बारह शिष्यों के नाम का ट्रिक :- कब से दास पीपा लेकर धन्ना को बुलाने का अनंत प्रयत्न कर रहा है और उधर सुरसुरा एव सुरसरीपदमावती का नर का भाव देखकर सुख मिला है। 1. कबीर (कब) 2. सेन (से) 3. रैदास (दास) 4. पीपा (पीपा) 5. धन्ना (धन्ना) 6. अनंतानंद(अनंत)   7. सुरसुरानंद (सुरसुरा) 8. सुरसुरी ...

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विद्यापति की पदावली का परिचय(Vidyapati ki padavali ka parichay)

?विद्यापति की पदावली का परिचय? • मैथिली भाषा:- विद्यापति की पदावली • नायक :- कृष्ण   • नायिका :-राधा   • काव्य रूप :- गेह मुक्तक • वयःसन्धि की नायिका :- राधा • प्रमुख रस :- श्रृंगार रस • इस कृति की रचना के लिए विद्यापति ने जयदेव के गीत – गोविंद का अपना आदर्श स्वीकार किया है। • पदावली ...

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कीर्ति पताका का परिचय(Kirti Pataka ka parichay)

?कीर्ति पताका का परिचय? * महाराजा शिव सिंह के समय आ हुई । * विषय :- राजा शिव सिंह की कीर्ति और यश का वर्णन। * ग्रंन्थ का आरंभ:- गणेश जी की स्तुति से। * हजारी प्रसाद द्विवेदी के अनुसार – “इस कृति में कई प्रकार के की भाषाएं हैं।गद्य में संस्कृत पदावली की अधिकता है। बीच-बीच में मैथिली की ...

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कीर्ति लता का परिचय (Kirti Lata ka parichay)

?कीर्ति लता का परिचय?    * कीर्तिलता को कहाणी भी कहते है। * विद्यापति की प्रथम रचना   * रचनाकाल गणेश्वर की मृत्यु के बाद का है ,1380 (बाबूराम सक्सेना के अनुसार) * कीर्ति लता की रचना के समय विद्यापति की आयु 20 वर्ष की थी    * इसमें विद्यापति ने स्वयं को ‘खेलन कवि’ कहा है। खेलन का अभिप्रायः ...

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राउरवेलि(राउलवेल) का परिचय(Raurveli ka parichay)

?राउरवेलि(राउलवेल) का परिचय ?   * रचनाकाल – 10वीं शताब्दी( डॉ. नगेन्द्र के अनुसार)   * राउलवेल का अर्थ – राजकुल विलास(इसलिए शिलालेख के व्यक्ति राजकुल के प्रतीत होते है।)   *विषय:- सामन्त की नायिकाओं का नखशिख वर्णन।(सात नायिकाओं का)   * रचनाकार – रोड़ा   * हिन्दी का प्रथम चम्पू काव्य(गद्य-पद्य मिश्रण)   * शिलांकित(शिला या चट्टानो पर लिखा ...

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