Tag Archives: छायावाद

जयशंकर प्रसाद कृत कामायनी: विद्वानों के मत एवं परीक्षा उपयोगी नोट्स

कामायनी महाकाव्य (1935 ई.) – संक्षिप्त परीक्षा उपयोगी नोट्स कवि: जयशंकर प्रसाद काव्यधारा: छायावाद कुल सर्ग: 15 (चिंता से प्रारंभ, आनंद पर समाप्त) दार्शनिक आधार: प्रत्यभिज्ञा दर्शन (कश्मीर शैव दर्शन) मुख्य संदेश: ज्ञान, इच्छा और क्रिया का समन्वय (समरसता) प्रमुख आलोचकों के मत एवं संज्ञाएँ आचार्य नंददुलारे वाजपेयी मानवता का रसात्मक इतिहास नए युग का प्रतिनिधि काव्य प्रतिनिधि काव्य ग्रंथ ...

Read More »
error: Content is protected !!