कैमरे में बंद अपाहिज (कविता) कवि: रघुवीर सहाय काव्य-संग्रह: ‘लोग भूल गये हैं’ विधा: समकालीन व्यंग्य प्रधान नई कविता / नाटकीय एकलाप मूल विषय: दृश्य-संचार माध्यमों (टेलीविजन) का कारोबारी स्वार्थ, मानवीय संवेदनहीनता, पीड़ा का बाजारीकरण तथा शारीरिक चुनौती झेलते व्यक्तियों का शोषण। 1. पाठ का उद्देश्य व मूल संवेदना दृश्य-संचार माध्यमों की संवेदनहीनता का पर्दाफ़ाश: यह उजागर करना कि मीडिया ...
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