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 दलित आत्मकथा और आत्मकथा कार(dalit aatmakatha aur aatmakathakar)

?दलित आत्मकथा? • दलित आत्मकथा की शुरुआत :- आत्मकथ्य से (रचयिता -भीमराव अंबेडकर, 1956में ,जनता पत्र नागपुर से )   • दलित आत्मकथा के संदर्भ में आत्मकथा शब्द के लिए आत्मवृत्त,आत्मचरित्र, जीवन गाथा,आत्मकथनस्वकथन एवंस्वचरित शब्दों का प्रयोग किया जाता है।   • मोहनदास नैमिशराय अपनी कृति ‘अपने अपने पिंजरे को’आत्मकथा के बजाय आत्मवृत्त मानते हैं।   ? दलित आत्मकथा की ...

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विद्यापति की पदावली का परिचय(Vidyapati ki padavali ka parichay)

?विद्यापति की पदावली का परिचय? • मैथिली भाषा:- विद्यापति की पदावली • नायक :- कृष्ण   • नायिका :-राधा   • काव्य रूप :- गेह मुक्तक • वयःसन्धि की नायिका :- राधा • प्रमुख रस :- श्रृंगार रस • इस कृति की रचना के लिए विद्यापति ने जयदेव के गीत – गोविंद का अपना आदर्श स्वीकार किया है। • पदावली ...

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कृष्णा दास पयहारी का परिचय(Krishna Das Payhari ka parichay)

? कृष्णा दास पयहारी का परिचय? * जयपुर के प्रसिद्ध गलता नामक स्थान के महन्त।   * जाति दामिनी मां ब्राह्मण   * भाषा ब्रिज   * गुरु का नाम अनंतानंद * कृष्णदास केवल दूध ही पीते थे इसलिए पियारी कहलाते हैं कल आए आवरी भाव काल संवत 1556 से 1584 * आमेर के महाराज पृथ्वीराज के गुरु कापालिक संप्रदाय ...

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पाहुड दोहा के रचयिता रामसिंह का परिचय(Pahud Doha ke rachayita Ram Singh ka parichay)

?पाहुड दोहा के रचयिता रामसिंह का परिचय ? ◆ जैन मुनि ◆ जैनियों के आध्यात्मिक रहस्यवादी धारा के प्रमुख कवियों में से एक थे । ◆ रामसिंह ने चंचल मन की उपमा करहा (ऊंट)से ही है करहे की गति रेगिस्तानी प्रदेश में बड़ी तेज मानी जाती है। ◆ पश्चिमी प्रदेश के प्रदेश के निवासी । ◆ राजपूताना का रहने वाला ...

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तमस उपन्यास के महत्वपूर्ण कथन (tamas upanyas ke mahatvpurn kathan)

                  ? तमस उपन्यास ? ◆ रचयिता :-  भीष्म साहनी ◆ प्रकाशन :- 1973 ◆ दो खण्डों में विभाजित ◆ यह उपन्यास  विभाजन कालीन दंगों तथा उसके पीछे कार्य कर रही अंग्रेजों की नीति ‘फूट डालो और राज्य करो का पर्दाफाश करता है। ◆  केन्द्र स्थल  :-  तत्कालीन पंजाब के पश्चिमी भाग( ...

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महादेवी वर्मा का जीवन परिचय (mahadevi varma ka jeevan parichay)

         ?? महादेवी वर्मा का जीवन परिचय ?? ◆ जन्म :- 26 मार्च,1907 ई. को ,फाल्गुन पूर्णिमा (वसंतोत्सव) के दिन [होली के दिन] ◆ जन्म स्थान :- फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश में ) ◆ मृत्यु :- 11 सितम्बर, 1987 ई.(इलाहाबाद में) ◆  दादा का नाम :- बाबू बांके बिहारी √ दुर्गा के उपासक √ फारसी और उर्दू जानते ...

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भारतेंदु युगीन काल की प्रवृत्तियां( Bharatendu Yugin kal ki pravartiya)

भारतेंदु युगीन काल भारतेंदु युगीन काल की प्रवृत्तियांकी प्रवृतियां

भारतेंदु युग (Bharatendu Yug) भारतीय साहित्य का एक महत्वपूर्ण काल है, जो 1868 से 1893 ईसा पूर्व तक के लगभग अवधि को कवर करता है। इस काल में, भारतीय समाज में विभिन्न प्रकार की परिवर्तनात्मक प्रक्रियाएं हुईं थीं। यहाँ कुछ मुख्य प्रवृत्तियाँ हैं: भारतीय पुराणों का पुनर्जागरण: भारतेंदु युग में, भारतीय साहित्यकारों ने भारतीय पुराणों, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को ...

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