शब्द शक्ति को समझने के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न “निरखि सेज रंग भरी लगी उसासै लेन। कछु न चौन चित में रह्यों चढत चाँदनी रैन।” इस पद में आर्थी व्यंजना कैसे हुई समझाये। सामान्य अर्थ:– कवि कहता है कि नायिका अपनी रंग-बिरंगी सेज (शय्या) को देखकर गहरी साँसें (उसास) लेने लगती है। उसके चित्त में कोई शांति (चौन) नहीं रहती, ...
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