पश्चिमी हिंदी की बोलियाँ (शौरसेनी अपभ्रंश से विकसित) पश्चिमी हिंदी (शौरसेनी अपभ्रंश से विकसित) के अंतर्गत मुख्य रूप से 5 बोलियाँ (या उपभाषाएँ) आती हैं। इन्हें याद रखने और समझने की सुविधा के लिए दो वर्गों में बाँटा जाता है: 1. आकार-बहुल बोलियाँ (जिनमें ‘आ’ की ध्वनि अधिक होती है) खड़ी बोली (कौरवी) : यह आधुनिक मानक हिंदी, उर्दू और ...
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