शब्द शक्ति

  • शब्द का निश्चयार्थक ज्ञान :– शब्द शक्ति

  • जो सुन पड़े वही शब्द तथा उस शब्द से जो समझ में आए वही अर्थ :– शब्द शक्ति

  • शब्दों के अंतर्निहित अर्थ को प्रकट करने वाले व्यापार (कार्य) :– शब्द शक्ति

  • शब्द का अर्थ बोध कराने वाली शक्ति :– शब्द शक्ति

  • ‘शक्ति’ शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम :– आचार्य विश्वनाथ ने किया।

  • शब्द शक्ति के लिए “वृत्ति या व्यापार” का प्रयोग सर्वप्रथम :– मम्मट ने किया।

  • शब्दों में विद्यमान अर्थ का ज्ञान कराने वाला बौद्धिक व्यापार :– शब्द शक्ति

  • शब्द का अभीष्ट अर्थ श्रोता तक पहुँचाने की क्षमता :– शब्द शक्ति में

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