?प्रमुख दलित रचनाकार ? 1. ओम प्रकाश वाल्मीकि:- ● जन्म:- 30 जून, 1950 ई. ,बरला मुजफ्फर नगर ● मृत्यु :- 7 नवंबर 2013 ई. ,देहरादून ● रचनाएँ:- ★ काव्य संग्रह:- √ सदियों का संताप (1989 ई.) √ बस बहुत हो चूका वाल्मीकि (1997 ई.) √ अब और नहीं (2009 ई.) ★ कहानी संग्रह: √ सलाम (2000 ई.) ...
Read More »रचनाये एवं प्रकाशन वर्ष
विद्यापति की पदावली का परिचय(Vidyapati ki padavali ka parichay)
?विद्यापति की पदावली का परिचय? • मैथिली भाषा:- विद्यापति की पदावली • नायक :- कृष्ण • नायिका :-राधा • काव्य रूप :- गेह मुक्तक • वयःसन्धि की नायिका :- राधा • प्रमुख रस :- श्रृंगार रस • इस कृति की रचना के लिए विद्यापति ने जयदेव के गीत – गोविंद का अपना आदर्श स्वीकार किया है। • पदावली ...
Read More »कीर्ति पताका का परिचय(Kirti Pataka ka parichay)
?कीर्ति पताका का परिचय? * महाराजा शिव सिंह के समय आ हुई । * विषय :- राजा शिव सिंह की कीर्ति और यश का वर्णन। * ग्रंन्थ का आरंभ:- गणेश जी की स्तुति से। * हजारी प्रसाद द्विवेदी के अनुसार – “इस कृति में कई प्रकार के की भाषाएं हैं।गद्य में संस्कृत पदावली की अधिकता है। बीच-बीच में मैथिली की ...
Read More »कीर्ति लता का परिचय (Kirti Lata ka parichay)
?कीर्ति लता का परिचय? * कीर्तिलता को कहाणी भी कहते है। * विद्यापति की प्रथम रचना * रचनाकाल गणेश्वर की मृत्यु के बाद का है ,1380 (बाबूराम सक्सेना के अनुसार) * कीर्ति लता की रचना के समय विद्यापति की आयु 20 वर्ष की थी * इसमें विद्यापति ने स्वयं को ‘खेलन कवि’ कहा है। खेलन का अभिप्रायः ...
Read More »राउरवेलि(राउलवेल) का परिचय(Raurveli ka parichay)
?राउरवेलि(राउलवेल) का परिचय ? * रचनाकाल – 10वीं शताब्दी( डॉ. नगेन्द्र के अनुसार) * राउलवेल का अर्थ – राजकुल विलास(इसलिए शिलालेख के व्यक्ति राजकुल के प्रतीत होते है।) *विषय:- सामन्त की नायिकाओं का नखशिख वर्णन।(सात नायिकाओं का) * रचनाकार – रोड़ा * हिन्दी का प्रथम चम्पू काव्य(गद्य-पद्य मिश्रण) * शिलांकित(शिला या चट्टानो पर लिखा ...
Read More »प्रमुख आचार्यों और अलंकारों की संख्या(pramukh aachaaryon aur Acharyas and Alankars)
?प्रमुख आचार्यों और अलंकारों की संख्या ? क्र.सं. आचार्यों के नाम आचार्यों के ग्रन्थ अलंकारों की संख्या 1. भरतमुनि नाट्यशास्त्र 4 2. अग्नि पुराण अग्नि पुराण 14 3. वामन काव्यालंकार सूत्रवृत्ति 31 4. दंडी काव्यादर्श 35 5. भामह काव्यालंकार 38 6. उद्भट काव्यालंकार सार- संग्रह 41 7. रुद्रट काव्यालंकार ...
Read More »बंसतविलास का परिचय(Basantvilas ka parichay )
?बंसतविलास का परिचय ? * रचनाकार – अज्ञात(इसके रचयिता का पता नही चल सका है।) * प्रथम सम्पादक – केशवलाल हर्षादराय ध्रुव * प्रमुख रस – श्रृंगार रस * छन्द – 84 छन्द * इसमे प्रकृति और नारी पर बसन्त के मादक प्रभाव का चित्रण * जैनेतर फागु काव्य * गुजराती विद्वान केशव हर्षद ध्रुव ने सबसे पहलेवसंतविलास की एक सचित्र पांडुलिपि ...
Read More »रिट्ठणेमि चरिउ (हरिवंश पुराण) का परिचय[Rittanemi Chariyu (Harivansh Purana) ka parichay]
?रिट्ठणेमि चरिउ (हरिवंश पुराण) का परिचय ? • स्वयंभू द्वारा रचित • विषय – तीर्थंकर नेमिनाथ के चरित्र का वर्णन। • कुल श्लोक – 18हजार श्लोक। • चार काण्डों और 112 सिंधियों में विभाजित है। • चार काण्डों में विभक्त :- 1. यादव कांड(20 संधियां) 2. कुरु कांड (20 संधियां) 3. युद्धकांड (20संधियां) फाल्गुन नक्षत्र तृतीया तिथी बुधवार और शिव ...
Read More »भविस्सयत कथा का परिचय(Bhavishyat Katha ka parichay)
?भविस्सयत कथा का परिचय ? • भविस्सयत कथा अपभ्रंश के कथाओं में प्रसिद्ध ग्रंथ है । * रचयिता – धनपाल * कुल सिंधिया – 22 सिंधिया • भविस्सयत कथा में श्रुतपंचमी व्रत के फलवर्णन स्वरूप भविस्सयत कथा का वर्णन है इसलिए इसे श्रुति पंचमी कथा भी कहते हैं। • अपभ्रंश भाषा के प्रकाशित होने वाले काव्यों में भविस्सयत कथा ग्रंथ ...
Read More »पाहुड दोहा का परिचय(Pahud Doha ka parichay)
?पाहुड दोहा का परिचय? * रचयिता- राम सिंह। * रचना समय :- संवत् 1794 अर्थात् 1737 ई. * भाषा- अपभ्रंश भाषा * कुल पद्यों की संख्या – 222 पद्यों में *अत्यंत मधुर और सरल शैली से चैतन्यदेव का गुणगान गाते हुए बर्हिमुखता छुड़ाकर अंर्तमुखता उत्पन्न करती है। * जैनियों ने ‘पाहुड’ शब्द का प्रयोग किसी विशेष विषय के ...
Read More »पाहुड दोहा के रचयिता रामसिंह का परिचय(Pahud Doha ke rachayita Ram Singh ka parichay)
?पाहुड दोहा के रचयिता रामसिंह का परिचय ? ◆ जैन मुनि ◆ जैनियों के आध्यात्मिक रहस्यवादी धारा के प्रमुख कवियों में से एक थे । ◆ रामसिंह ने चंचल मन की उपमा करहा (ऊंट)से ही है करहे की गति रेगिस्तानी प्रदेश में बड़ी तेज मानी जाती है। ◆ पश्चिमी प्रदेश के प्रदेश के निवासी । ◆ राजपूताना का रहने वाला ...
Read More »मैथिली गद्य की सर्वप्रथम रचना वर्ण रत्नाकर का परिचय(maithili gady ki pratham rachana Varna Ratnakar ka parichay)
?वर्ण रत्नाकर का परिचय? * रचनाकार – ज्योतिरीश्वर ठाकुर(13वी शताब्दी) * रचनाकाल – 14 वीं शताब्दी का पूर्वाद्धर् ( सुनीति कुमार के अनुसार) * आठ कल्लोलो (अध्यायों में) * मैथिली का विश्वकोश * मैथिली गद्य की सर्वप्रथम रचना * इसमे लेखक ने हिन्दू दरबार और भारतीय जीवन का यथार्थ चित्रण किया गया है। * इसमें कुल 8 कल्लोल है:- ...
Read More »प्राकृत पैगलम् का परिचय(Prakrit Pagalam ka parichay)
?प्राकृत पैगलम् का परिचय? * प्राकृत पैगलम् में प्राकृत और अपभ्रंश की स्फुट रचनाएं संग्रहित है । * छंद शास्त्र संबंधित पुस्तक * हिंदी में प्रारंभिक भाषा रूप और छंद को समझने के लिए यह प्रमाणित ग्रंथ है। * समय – 14वीं शताब्दी का पूर्वाद्धर् (डॉ .बच्चन सिंह के अनुसार) 15 वीं शताब्दी का आरंभ (सुनीति कुमार कू अनुसार) * ...
Read More »प्रबंध चिंतामणि का परिचय( Management Chintamani ka parichay)
? प्रबंध चिंतामणि का परिचय ? * 1304ई. में संस्कृत भाषा में जैन आचार्य मेरुतुंग द्वारा रचित है।(डॉ . बच्चन सिंह के अनुसार) * इसमें अनेक ऐतिहासिक कथा प्रबंध है । * इसमें बहुत पुराने राजाओं के आख्यान संग्रहीत किये गए है। * प्रबंध चिंतामणि नामक संस्कृत ग्रंथ भोज प्रबंध के ढंग से बनाया। * इसमें सिद्धराज जयसिंह कुमार पाल ...
Read More »संदेश रासक का परिचय (Sandesh Rasak ka parichay)
? संदेश रासक का परिचय ? * रचयिता :- अब्दुल रहमान/अद्दहमाण * 12वीं – 13वीं .शताब्दी की रचना मानते है।(आ. हजारी प्रसाद द्विवेदी ) * प्रेमकाव्य(विरह काव्य) * प्रमुख रस – श्रृंगार रस * भाषा :- अपभ्रंश * कुल छन्द :- 223 छन्द * इसमें प्रयुक्त हुए छंदों की संख्या :- 12 * सर्वाधिक रासा छन्द का प्रयोग(कुल रासा ...
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