? प्रबंध चिंतामणि का परिचय ? * 1304ई. में संस्कृत भाषा में जैन आचार्य मेरुतुंग द्वारा रचित है।(डॉ . बच्चन सिंह के अनुसार) * इसमें अनेक ऐतिहासिक कथा प्रबंध है । * इसमें बहुत पुराने राजाओं के आख्यान संग्रहीत किये गए है। * प्रबंध चिंतामणि नामक संस्कृत ग्रंथ भोज प्रबंध के ढंग से बनाया। * इसमें सिद्धराज जयसिंह कुमार पाल ...
Read More »इतिहास
संदेश रासक का परिचय (Sandesh Rasak ka parichay)
? संदेश रासक का परिचय ? * रचयिता :- अब्दुल रहमान/अद्दहमाण * 12वीं – 13वीं .शताब्दी की रचना मानते है।(आ. हजारी प्रसाद द्विवेदी ) * प्रेमकाव्य(विरह काव्य) * प्रमुख रस – श्रृंगार रस * भाषा :- अपभ्रंश * कुल छन्द :- 223 छन्द * इसमें प्रयुक्त हुए छंदों की संख्या :- 12 * सर्वाधिक रासा छन्द का प्रयोग(कुल रासा ...
Read More »अब्दुल रहमान का परिचय (Abdul Rahman ka parichay)
?अब्दुल रहमान का परिचय ? ◆ मीरसेन आरद्द का पुत्र ◆ स्थान :- मिच्छदेस (म्लेच्छ)[पश्चिमी पाकिस्तान] ◆ मुल्तान निवासी( नाथूराम प्रेमी के अनुसार) ◆ जाति :- जुलाहा ◆ समय :- 11वीं शताब्दी का कवि (राहुल सांस्कृत्यायन के अनुसार) ◆ 12वीं सदी के प्रथम मुस्लिम लेखक जो हिन्दी लिखता है । ◆ भारतीय भाषा मे ...
Read More »नेमिनाथ रास का परिचय( Neminath Raska parichay)
? नेमिनाथ रास का परिचय ? • रचयिता – सुमति गणि * रचनाकाल – 1213ई. • कुल छन्द – 58 * विषय – नेमिनाथ के प्रसंग में श्री कृष्ण का वर्णन। * भाषा – अपभ्रंश राजस्थानी हिंदी ? पढ़ना जारी रखने के लिए यहाँ क्लिक करे। ? Pdf नोट्स लेने के लिए टेलीग्राम ज्वांइन कीजिए। ? प्रतिदिन Quiz के ...
Read More »रेवंतगिरिरास का परिचय(Revantagiriras ka parichay)
? रेवंतगिरिरास का परिचय ? • रचयिता – विजयसेन सूरि • रचनाकाल – संवत् 1288 के लगभग (माता प्रसाद गुप्त के अनुसार ) • इसकी रचना सोरठ प्रदेश में भी हुई थी। • कुल छन्द – 62 छन्द • विषय – इसमें तीर्थंकर नेमिनाथ की प्रतिमा तथा रेवंतगिरी तीर्थ का वर्णन है ।यात्रा तथा मूर्ति की स्थापना घटनाओं पर आधारित ...
Read More »स्थूलिभद्ररास का परिचय( Sthulibhadras ka parichay)
?स्थूलिभद्ररास का परिचय? * जिनधर्मसूरी द्वारा रचित * रचना काल – 1209 ईस्वी * विषय – स्थूलिभद्र और कोशा वेश्या के संबंधित घटनाएं। * कोशा वेश्या के पास भोगलिप्सा रहने वाले स्थूलिभद्र को कवि ने जैन धर्म की दीक्षा लेने के लिए बाद मोक्ष का अधिकारी सिद्ध किया है। ? पढ़ना जारी रखने के लिए यहाँ क्लिक करे। ? Pdf ...
Read More »चंदनबाला रास का परिचय(Chandanbala Ras ka parichay)
?चंदनबाला रास का परिचय? * रचयिता :- आसगु कवि * रचना समय – 1200ई. * रचना स्थान – जालौर निकट सहजिगपुरी, पश्चिमी राजस्थान (माता प्रसाद गुप्त के अनुसार ) * लघु खण्डकाव्य • कुल छन्द – 35 छन्द * कथा- नायिका चंदनबाला( चंपा नगरी के राजा दधिवाहन की पुत्री ) * प्रमुख रस – करुण रस * सम्पादन – राजस्थान ...
Read More »भरतेश्वर बाहुबली रास का परिचय(Bharateshwar Bahubali Raas ka parichay)
? भरतेश्वर बाहुबली रास का परिचय ? * रचयिता – शालिभद्रसुरी (भीमदेव द्वितीय के समय पाटण में हुए थे।) * रचना समय – 1185ई. में * रचना तिथि – संवत् 1231(मुनिजिन विजय के अनुसार) * 205 छन्दों में रचित। * खंडकाव्य * वीर रस प्रधान और अंत में शांत रस * 203 कड़ियां में रचित। * शालिभद्रसुरी पाटन में निवास ...
Read More »महापुराण का परिचय [Mahapuran ka parichay]
? महापुराण का परिचय ? •अपभ्रंश भाषा के महान कवि पुष्पदंत द्वारा रचित • विषय – दिगंबर जैन संप्रदाय के 24 तीर्थंकरों, 12 चक्रवर्ती,नौ वासुदेव तथा नौ प्रति वासुदेव कृतियों की कथा का प्रस्तुत की गयी है । • महापुराण में आदि पुराण और उत्तर पुराण आते है। • महापुराण का प्रथम खण्ड – आदिपुराण • महापुराण का द्वितीय खण्ड ...
Read More »मेरुतुंग का परिचय (Merutung ka parichay)
?मेरुतुंग का परिचय ? • नागेंद्र गच्छ के आचार्य • गुरु का नाम – चंद्रप्रभ सुरी • प्रधान शिष्य – गुणचंद्र • अन्य प्रमुख ग्रंथ – महापुरुष चरित (इस ग्रंथ में ऋषभदेव,शांतिनाथ,नेमिनाथ,पार्श्वनाथ और महावीर इस प्रकार पांच तीर्थंकरों का संक्षिप्त चरित वर्णन है।) ? पढ़ना जारी रखने के लिए यहाँ क्लिक करे। ? Pdf नोट्स लेने के लिए टेलीग्राम ज्वांइन ...
Read More »अपभ्रंश का वाल्मीकि स्वयंभू का परिचय(Swayambhu ka parichay)
? स्वयंभू का परिचय ? * अपभ्रंश का वाल्मीकि * समय :- 8वीं शताब्दी * उत्तर के रहने वाले थे बाद में संरक्षण के साथ राष्ट्रकूट राज्यों में चले गए । * पिता का नाम :- मारुति देव * स्वयंभू के दो पत्नियां थी। * स्वयंभू के आश्रयदाता :- धनंजय और धवलाइया * प्रमुख ग्रंथ :- पउमचरिउ * जैन कवियों ...
Read More »अपभ्रंश साहित्य का प्रथम महाकाव्य पउमचरिउ का परिचय(Apabhramsha sahity ka pratham mahakavy Poomachariyu ka paricha)
?अपभ्रंश साहित्य का प्रथम महाकाव्य पउमचरिउ का परिचय ? • रचयिता – महाकवि स्वयंभू • अपभ्रंश साहित्य का अत्यंत प्रसिद्ध एवं प्रथम महाकाव्य। • चरित काव्य। • पांच काण्डों और 90 संधियों में विभाजित है। • पांच काण्डों में विभक्त :- 1. विद्याधर कांड(20 संधियां) 2. अयोध्या कांड (22 संधियां) 3. सुंदरकांड (14 संधियां) 4. युद्ध कांड(21 संधियां) 5. उत्तरकांड ...
Read More »मत्स्येन्द्रनाथ का परिचय( Matsyendranath ka parichay)
? मत्स्येन्द्रनाथ का परिचय ? • गोरखनाथ के गुरु। • अवलोकितेश्वर के अवतार (नेपाली अनुश्रुति के अनुसार)। • नाथ परंपरा के आदिगुरु • कौलाचार के सिद्ध पुरुष • कौल मार्ग के प्रथम प्रर्वतक (कौलज्ञान निर्णय के अनुसार ) • सकल कुल शास्त्र के अवतार (तंत्रालोक की टीका के अनुसार) • योगी संप्रदाय में मछंदर नाथ नाम प्रसिद्ध। • परवर्ती संस्कृत ...
Read More »शून्यवाद प्रवर्तक आचार्य नागार्जुन का परिचय(shoonyavad pravartak aachary Nagarjuna ka parichay)
?आचार्य नागार्जुन का परिचय ? * शून्यवाद सबसे प्रबल प्रवर्तक आचार्य नागार्जुन(दूसरी शताब्दी तथा तीसरी शताब्दी के मध्य) * नागार्जुन का सबसे प्रसिद्ध ग्रंथ – माध्यामिक शास्त्र * नागार्जुन ने उत्पत्ति,गति, दुख,बंधन, मोक्ष आदि सभी धारणाओं की तर्क सहित परिक्षा कर यह सिद्ध किया है कि सभी में विरोध धर्मो की उपस्थिति है अतः सभी शून्य है। * माध्यमिक पथ ...
Read More »कुक्कुरिपा का परिचय(Kukkuripa ka parichay)
? कुक्कुरिपा का परिचय ? * कुक्कुरिपा कपिलवस्तु के ब्राह्मण थे (राहुल सांकृत्यायन के अनुसार) * कुक्कुरिपा के गुरू :- चर्पटीया नाथ * कुक्कुरिपा द्वारा रचित 16 ग्रंथ माने जाते हैं । * कुक्कुरिपा सहज जीवन के समर्थक थे । * कुक्कुरिपा की कविता की पंक्तियां – “हांड निवासी खगम भतारे, मोहोर विगोआ कहण न जाई।” ? पढ़ना जारी ...
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