?काव्य Short trick ? ◆ सुभद्रा कुमारी चौहान ◆ • त्रिधारा और मुकुल ने मिलकर झाँसी की रानी कविता को गाया। 1. त्रिधारा(काव्य संग्रह, 1930 ई.) 2. मुकुल (काव्य संग्रह,1930 ई.) 3. झाँसी की रानी (कविता) ◆ सोहन लाल द्विवेदी ◆ • वासवदत्ता एवं कुणाल की तीन बहनें भैरवी,प्रभाती और पूजागीत। ...
Read More »इतिहास
दलित काव्य संग्रह(dalit kavy sangrah)
?हिन्दी की प्रथम दलित कविता:- • हिंदी की प्रथम दलित कविता :- अछूत की शिकायत (हीरो डोम) • हिन्दी की दूसरी दलित कविता :- चांद(1927, अछूत अंक में, शोभाराम धेनु सेवक) ? दलित काव्य संग्रह ? • गूंगा नहीं था मैं :- डॉ. जयप्रकाश कर्दम • तिनका तिनका आग :- डॉ जयप्रकाश कर्दम • शोषितनाम :- डॉ मनोज सोनकर • ...
Read More »हिंदी की प्रमुख दलित आत्मकथाएं[hindi ki pramukh dalit aatmakathaen]
? दलित आत्मकथा? • दलित आत्मकथा की शुरुआत :- आत्मकथ्य से (रचयिता -भीमराव अंबेडकर, 1956 में ,जनता पत्र नागपुर से ) • दलित आत्मकथा के संदर्भ में आत्मकथा शब्द के लिए आत्मवृत्त,आत्मचरित्र, जीवन गाथा,आत्मकथन स्वकथन एवं स्वचरित शब्दों का प्रयोग किया जाता है। • मोहनदास नैमिशराय अपनी कृति ‘अपने अपने पिंजरे को’आत्मकथा के बजाय आत्मवृत्त मानते हैं। ? दलित आत्मकथा ...
Read More »जीवनी(jeevanee)परिभाषा,विशेषताऐं और प्रमुख जीवनी
?जीवनी का अर्थ :- • जीवनी शब्द का अंग्रेजी पर्याय ‘लाइफ’ (जीवन) अथवा ‘बायोग्राफी’ (अपने जीवन) है। हिंदी में इसे जीवन चरित अथवा जीवन चरित्र भी कहा जाता है। • जीवनी का शाब्दिक अर्थ :- जीवन की व्याख्या ?जीवनी की विशेषताएं :- 1. जीवनी एक गद्य विधा है जो कल्पित न होकर पूर्णतः सत्य कथानक पर आधारित है। 2. इसका ...
Read More »रिपोतार्ज(ripotaarj) परिभाषा, विशेषताऐं और प्रमुख रिपोतार्ज【 shirt trick】
?रिपोतार्ज का प्रारम्भ :- • 1936 में द्वितीय विश्व के समय • हिंदी में प्रथम रिपोतार्ज लेखक :- शिवदान सिंह चौहान • हिंदी का प्रथम रिपोतार्ज :-लक्ष्मीपुरा (दिसम्बर,1938, रूपाभ पत्रिका,शिवदान सिंह चौहान) • रिपोतार्ज के जनक :- इलिया एहरेनवर्ग (रूसी साहित्यकार) ? रिपोर्ताज का अर्थ :- • फ़्राँसीसी भाषा का शब्द है • अंग्रेज़ी शब्द ‘रिपोर्ट’ से इसका गहरा सम्बन्ध ...
Read More »रेखाचित्र और संस्मरण(rekhachitr aur sansmaran) परिभाषा,विशेषताऐं एवं प्रमुख रेखाचित्र और संस्मरण
??रेखाचित्र का अर्थ :- • रेखाचित्र को अंग्रेजी के ‘स्केच’ के पर्यायवाची के रुप में हिंदी में प्रयुक्त किया जाता है। • रेखा चित्र को शब्दचित्र भी कहा जाता है। ?? रेखाचित्र की परिभाषा:- • साहित्य में जिसे रेखाचित्र कहा जाता है वह वास्तविक में रेखाओं का चित्र न होकर शब्दों का चित्र होता है जिसमें न्यूनतम शब्दों के माध्यम ...
Read More »एकांकी(ekaanki) परिभाषा ,विशेषताओं एवं प्रमुख एकांकी 【short trick】
? एकांकी का अर्थ ? • एकांकी का शाब्दिक अर्थ :- एक अंक वाला • एकांकी वास्तव में कार्य – व्यापार द्वारा रंगमंच पर अभिनीय जीवन के एक पहलू का घटना, एक परिस्थिति विशेष का चित्रण है। • हिंदी साहित्य में ‘वन एक्ट प्ले’ के अर्थ में एकांकी का प्रयोग शुरू हुआ। • यूरोप ...
Read More »आत्मकथा की परिभाषा और विशेषता एवं प्रमुख आत्मकथा की short trick
?आत्मकथा? • आत्मकथा हिंदी गद्य की महत्वपूर्ण विधाएं है। • आत्मकथा से आशय उस रचना से है जिसमें कोई प्रसिद्ध व्यक्ति अपनी कथा को स्वयं रोचक शैली में लिखता है। • स्वयं से लेखक के द्वारा लेखक के जीवन की कथा आत्मकथा का रचनाकार कोई प्रतिष्ठित व्यक्ति समाज में ...
Read More »भक्तिकाल के कवियों के सम्बन्ध में प्रमुख कथन (bhakti kaal ke kaviyon ke bare me pramukh kathan)
◆ आ. रामचंद्र शुक्ल के कथन :- ?? कबीर बारे में कथन :- • “कबीर ने अपनी झाड़-फटकर के द्वारा हिन्दुओं और मुसलमानों के कट्टरपन को दूर करने का जो प्रयास किया वह अधिकतर चिढ़ाने वाला सिद्ध हुआ, हृदय को स्पर्श करने वाला नहीं।” • “ज्ञानमार्ग की बातें कबीर ने हिंदू साधु, संन्यासियों से ग्रहण की जिनमें सूफियों के सत्संग ...
Read More »भक्ति आंदोलन के उद्भव एवं विकास से संबंधित मत(bhakti aandolan kee udbhav aur vikaas se sambandhit mat )
★ भक्ति आंदोलन के उद्भव एवं विकास से संबंधित मत :- • भक्ति का सर्वप्रथम उल्लेख श्वेताश्वेतर उपनिषद् (6/33) में मिलता है। • भारतीय धार्मिक साहित्य में भक्ति का उदय वैदिक काल से ही दिखाई पड़ता है। • भक्ति साहित्य के सभी विद्वानों ने भक्ति आंदोलन का प्रारंभ दक्षिण भारत से माना है। श्रीमद्भागवत पुराण में :- ” उत्पन्ना द्रविड ...
Read More »भक्ति शब्द की उत्पत्ति, परिभाषा और भेद (bhakti shabd ki utpatti, paribhaasha aur bhed)
★ भक्ति शब्द की व्युत्पत्ति :- • भक्ति शब्द संस्कृत के ‘भज्’ सेवायाम् धातु में ‘ क्तिन्’ प्रत्यय लगाने पर बनता है। • जिसका अर्थ ‘सेवा करना’ या ‘भजना’ है, अर्थात् श्रद्धा और प्रेमपूर्वक इष्ट देवता के प्रति आसक्ति। • “भक्ति शब्द की व्युत्पत्ति ‘भज्’ से की जा सकती है”।(भज् का अर्थ :- भाग लेना)【 मोनियर विलियम के अनुसार】 • भक्ति शब्द का ...
Read More »हिंदी साहित्य में सरस्वती पत्रिका का योगदान(hindi sahity me sarasvati patrika ka yogadan)
★ सरस्वती पत्रिका कालिदास के इस वाक्य का उद्घोष करती है :- ” सरस्वती श्रुति महत्ती न हीयताम् “ ★ 1900 ई. में चिंतामणि घोष के द्वारा, इलाहाबाद से ★ इंडियन प्रेस(इलाहाबाद) के अध्यक्ष :- चिंतामणि घोष ★ मासिक पत्रिका ★ चिंतामणि घोष ने अगस्त 1899 ई. में नागरी प्रचारिणी सभा(काशी) से अनुरोध किया कि सचित्र हिंदी मासिक पत्रिका सरस्वती ...
Read More »दादू दयाल का जीवन परिचय(dadoo dayal ka jeevan parichay)
?जन्म ? • जन्म:- फागुन सुदी बृहस्पतिवार संवत् 1601 ( सन् 1544ई.) • जन्म :- 1544 ई. ( डॉ. बडथ्याल, आचार्य रामचंद्र शुक्ल, आचार्य परशुराम चतुर्वेदी और नगेंद्र के अनुसार) • जन्म स्थान:- अहमदाबाद (गुजरात) ?मृत्यु ? • मृत्यु :- जेठ सदी आठ शनिवार संवत् 1660 (सन् 1603 ई.) • शरीर छोड़ा :- भराने(जयपुर) स्थान पर ?जाति ? ◆ ...
Read More »आदिकाल का नामकरण( aadikal kal namakaran)
आदिकाल को हिंदी में “आरम्भिक काल” भी कहा जाता है। यह समय की एक अवधि है जो मानव इतिहास के प्रारंभिक दौर को संकेतित करती है। आदिकाल की अवधि में मानव समाज की विकास की शुरुआत होती है, जिसमें लोग चिकित्सा, खेल, कला, और धर्म के क्षेत्र में उत्साही रहते हैं। यह काल कई नामों से जाना जाता है, जैसे ...
Read More »महत्वपूर्ण निबंधों की शॉर्ट ट्रिक(mahatvapoorn nibandhon ki Short Trick )
◆ भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ◆ • Short trick :- भारतेन्दु को एक अद्भूत अपूर्व स्वप्न आया जिसमें स्वर्ण में विचारसभा का अधिवेशन हो रहा था। अधिवेशन में पाँचवे पैगम्बर और ईश्वर विलक्षण था। 1. एक अद्भूत अपूर्व स्वप्न 2. स्वर्ण में विचार सभा का अधिवेशन 3. पाँचवां पैगम्बर 4. ईश्वर का बड़ा विलक्षण है ...
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