इतिहास

कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ का जीवन परिचय (Kanhaiyalal Mishra ‘Prabhakar’ ka jeevan parichay )

?कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ का जीवन परिचय ?   ◆ जन्म :-29 मई, 1906ई. देवबन्द,सहारनपुर(UP)   ◆ मृत्यु:– 9 मई 1995ई.   ◆ पिता का नाम :- पं. रमादत्त मिश्र   ◆ माता का नाम :- मिश्रीदेवी   ◆ पत्नी का नाम:- रामकली देवी ( विवाह -1924ई.)   ◆ प्रमुख निबंध संग्रह :- ● बाजे पायलिया के घुँघरू ● जिंदगी मुसकुराय ...

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पृथ्वीराज रासो के संबंध में विद्वानों के विचार(Prithviraj Raso ke sambandh mein vidvanon ke vichar)

?पृथ्वीराज रासो के संबंध में विद्वानों के विचार?   ?पृथ्वीराज रासो (चन्दबरदायी)[68 प्रकार के छंद]   ◆ शुक– शुकी संवाद [तोता – मैना] (हजारी प्रसाद द्विवेदी ने कहा)   ◆  छंदों का अजायबघर(शिवसिंह सेंगर ने कहा)   ◆ हिंदी का व्रत महाभारत (दशरथ शर्मा ने कहा)   ◆ राजनीति की महाकाव्यात्मक त्रासदी(डॉ.नगेंद्र ने कहा)   ? पढ़ना जारी रखने के ...

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अंधेरे में कविता के संबंध में विद्वानों के विचार(andhere mein kavita ke sambandh mein vidvanon ke vichar)

? अंधेरे में कविता के संबंध में विद्वानों के विचार ?   ? अंधेरे में कविता  मुक्तिबोध    ◆ आधुनिक जन इतिहास का स्वतंत्रता से पूर्व और पश्चात् का एक दहकता इस्तापी दस्तावेज –(शमशेर बहादुर सिंह)   ◆ अस्मिता की खोज की बात (नामवर सिंह ने कहा)   ◆ अपराध भावना का अनुसंधान,आरक्षित जीवन की कविता (रामविलास शर्मा)   ◆ आत्म संशोधन ...

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कामायनी महाकाव्य के संबंध में विद्वानों के विचार(Kamayani mahakavy ke sambandh mein vidvanon ke vichar)

?कामायनी महाकाव्य के संबंध में विद्वानों के विचार? ?कामायानी (1935,जयशंकर प्रसाद)   ◆ मानवता का रसात्मक इतिहास ( नंददुलारे वाजपेयी)   ◆ मानव चेतना के विकास का महाकाव्य (डॉ. नगेंद्र)   ◆ छायावाद का उपनिषद्(शांतिप्रिय द्विवेदी)   ◆ मानवता का रसात्मक महाकाव्य (आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने कहा)   ◆ नए युग का प्रतिनिधि काव्य (नंददुलारे वाजपेयी)   ◆ आधुनिक सभ्यता का ...

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सुमित्रानंदन पंत का उपनाम एवं उपाधि(Sumitranandan Pant ka upanam evan upadhi)

?सुमित्रानंदन पंत का उपनाम एवं उपाधि ?   ◆ मूलनाम – गोसाईदत्त   ◆ उपनाम:- ● शब्द शिल्पी   ● छायावाद का विष्णु   ● प्रकृति का सुकुमार कवि   ● नारी मुक्ति का प्रबल समर्थक कवि   ◆ उपाधि :- ● प्रकृति के सुकुमार कवि   ● छायावाद का प्रतिनिधि कवि – आचार्य शुक्ल   ● छायावाद का प्रवर्तक ...

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छायावाद के प्रवर्तक(chhayavad ke pravartak)

?छायावाद के प्रवर्तक?   • छायावाद का प्रवर्तक :- जयशंकर प्रसाद   • छायावाद का प्रवर्तक :- मुकूटधर पाण्डे(आ. रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार)   • छायावाद के प्रवर्तक :- माखनलाल चतुर्वेदी(प्रभाकर माचवे के अनुसार)   • छायावाद के प्रवर्तक :- सुमित्रानंदन पंत(नंददुलारे वाजपेयी के अनुसार)   ? पढ़ना जारी रखने के लिए यहाँ क्लिक करे। ? Pdf नोट्स लेने के ...

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मलूकदास का व्यक्त्तित्व और कृतित्व कबीरदास जैसा (Malukdas ka vyakttitv aur krtitv Kabirdas jaisa)

?मलूकदास का व्यक्त्तित्व और कृतित्व कबीरदास जैसा ?   ? मलूकदास ?   ● मलूकदास ज्ञानमार्गी सन्त थे   ● निर्गुण शाखा के पोषक थे।   ● उनका व्यक्त्तित्व और कृतित्व(ज्ञानबोध ग्रन्थ )कबीरदास जैसा था।   ● कबीरदास और मलूकदास के इन दोहे से पता चल सकता है :-   ◆ कबीर दास का दोहा :- पाहन पूजे हरि मिलें, ...

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भगवत रावत के काव्य संग्रह(Bhagwat Rawat ke kavy sangrah)

?भगवत रावत के काव्य संग्रह ? ★ समुद्र के बारे में (1977)   ★ दी हुई दुनिया (1981)   ★ हुआ कुछ इस तरह (1988)   ★ सुनो हिरामन (1992)   ★ अथ रूपकुमार कथा (1993)   ★ सच पूछो तो (1996)   ★ बिथा-कथा (1997)   ★ हमने उनके घर देखे (2001)   ★ ऐसी कैसी नींद(2004)   ★ ...

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भगवत रावत का जीवन परिचय(Bhagwat Rawat ka jeevan parichay )

? भगवत रावत का जीवन परिचय?   ◆ जन्म : 13 सितम्बर, 1939   ◆ जन्म स्थान :- टेहेरका गाँव,टीकमगढ़ (म.प्र.)   ◆ निधन :- 25 मई 2012,भोपाल(म.प्र.)   ◆ शिक्षा : – ● बी.ए.- बुन्देलखंड कॉलेज, झाँसी (उ.प्र.)   ● एम.ए., बी.एड. प्राइमरी स्कूल के अध्यापक के रूप में कार्य करते हुए भोपाल (म.प्र.) से।   ◆ सम्पादक :- ...

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नागमती का वियोग वर्णन के सम्बन्ध में रामचंद्र शुक्ल के कथन(nagamati ka viyog varnan ke sambandh mein ramachandr shukl ke kathan)

?नागमती का वियोग वर्णन के सम्बन्ध में रामचंद्र शुक्ल के कथन?   ◆ “नागमती का विरह वर्णन हिन्दी साहित्य में एक अद्वितीय वस्तु है।”   ◆ “अपनी भावुकता का बड़ा भारी परिचय जायसी ने इस बात में दिया है कि रानी नागमती विरहदशा में अपना रानीपन बिल्कुल भूल जाती है और अपने को केवल साधारण नारी के रूप में देखती ...

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नागमती में ऊहात्मकता शैली(nagmati mein Uhakataka shaili)

?नागमती में ऊहात्मकता शैली? ?ऊहात्मकता शैली ?   ◆ विरह वर्णन में फारसी मनस्वियों की शैली प्रायः ऊहात्मक हो जाती है।   ◆ ऊहात्मकता का अर्थ हैं :- विरह का ऐसा अतिश्योक्तिपूर्ण वर्णन जो असामान्य होने के साथ-साथ कहीं-कहीं वीभत्स सा होने लगे।   ◆ नागमती के विरह वर्णन में जायसी ने ऊहात्मकता का सहारा तो लिया है किंतु उसे ...

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रामचरितमानस और कवितावली में कलियुग की मूल समस्या(Ramcharitmanas and Kavitavali ein kaliyug ki mool samasya)

?रामचरितमानस और कवितावली में कलियुग की मूल समस्या?   ?कलियुग तुलसी दास के समय का यथार्थ है। ?रामचरितमानस में कलियुग की मूल समस्या :- ● लोग वर्णाश्रम धर्म का पालन नहीं कर रहे हैं। ● परिवार की मर्यादाएँ बिखरती जा रही हैं। ● राजा प्रजा से निरपेक्ष होकर भोग में लीन है। ? कवितावली में कलियुग की मूल समस्या :-आर्थिक ...

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कबीर और जायसी ने छप्पर का प्रयोग( Kabir and Jayasi ne ka prchhappar ayog)

? कबीर और जायसी ने छप्पर का प्रयोग? ◆ संती भाई आई ग्यांन की आँधी रे । भ्रम की टाटी सभ उड़ानी माया रहे न बाँधी रे ॥ दुचिते की दोइ थूनि गिरांनी मोह बलेंडा टूटा । त्रिसनां छानि परी पर ऊपरि दुरमति भाँडा फूटा ।।-कबीर ग्रन्थावली ★ कबीर ने छप्पर का प्रयोग तृष्णा के लिए किया है। ◆ बरसै ...

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नीलाभ अश्क का जीवन परिचय(Neelabh Ashk ka jeevan parichay)

?नीलाभ अश्क का जीवन परिचय?   ◆ जन्म 16 अगस्त 1945 ,मुम्बई   ◆ निधन 23 जुलाई, 2016, दिल्ली के बुराड़ी स्थित घर पर   ◆ पिता का नाम :- उपेन्द्रनाथ अश्क   ◆ इन्होने इलाहबाद विश्वविद्यालय से शिक्षा हासिल कर के साहित्य के क्षेत्र मे ख्याति प्राप्त की   ◆ लंदन में 4 साल तक बीबीसी मे प्रोड्यूसर रहने ...

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उमाशंकर जोशी का जीवन परिचय (Umashankar Joshi ka jeevan parichay)

?उमाशंकर जोशी जीवन परिचय ?   ◆ जन्म :- 21 जुलाई, 1911,बामना ग्राम ,साबरकांठा जिला, गुजरात में   ◆ निधन :- 19 दिसम्बर 1988   ◆ पिता का नाम :- जेठालाल कमलजी(मृत्यु-1934)   ◆ माता का नाम :- नवलबाई   ◆ पत्नी का नाम.:- ज्योत्सना जोशी(विवाह -1937) 【निधन – 1964】   ◆ उपनाम :- वासुकी ◆ गुजराती काव्य के प्रमुख ...

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