कामायनी महाकाव्य (1935 ई.) – संक्षिप्त परीक्षा उपयोगी नोट्स कवि: जयशंकर प्रसाद काव्यधारा: छायावाद कुल सर्ग: 15 (चिंता से प्रारंभ, आनंद पर समाप्त) दार्शनिक आधार: प्रत्यभिज्ञा दर्शन (कश्मीर शैव दर्शन) मुख्य संदेश: ज्ञान, इच्छा और क्रिया का समन्वय (समरसता) प्रमुख आलोचकों के मत एवं संज्ञाएँ आचार्य नंददुलारे वाजपेयी मानवता का रसात्मक इतिहास नए युग का प्रतिनिधि काव्य प्रतिनिधि काव्य ग्रंथ ...
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मुर्दहिया का आत्मकथा (murdahiya ka aatmakatha) पार्ट – 1
मुर्दहिया (आत्मकथा) 【डॉ. तुलसीराम】 ◆ प्रकाशन :- 2010 ई. ?मुर्दहिया की भूमिका :- ◆ लेखक के गांव धरमपुर (आजमगढ़) की बहुद्देशीय कर्मस्थली :- मुर्दहिया ◆ चरवाही से लेकर हरवाही तक के सारे रास्ते मुर्दहिया से गुजरते थे। ◆ स्कूल हो या दुकान, बाजार हो या मंदिर, यहाँ तक ...
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