Tag Archives: अज्ञेय का क्षणवाद दर्शन

अज्ञेय की कविता ‘ यह दीप अकेला’ और ‘मैंने देखा एक बूँद’ का मूलभाव और उद्देश्य

सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ की दोनों प्रसिद्ध कविताओं का मूलभाव (Central Idea) और उद्देश्य (Purpose): 1. यह दीप अकेला मूलभाव (Central Idea): व्यष्टि का समष्टि में विलय: कविता का केंद्रीय भाव व्यक्ति (व्यष्टि) और समाज (समष्टि) के आंतरिक संबंधों को स्पष्ट करना है। ‘दीप’ समर्थ, गुणवान और स्वतंत्र व्यक्ति का प्रतीक है, जबकि ‘पंक्ति’ समाज की प्रतीक है। अहंकार का ...

Read More »
error: Content is protected !!