Tag Archives: कक्षा 12 हिंदी काव्य खंड नोट्स

 छोटा मेरा खेत / बगुलों के पंख कविता का उद्देश्य व मूल संवेदना(chhota mera khet / bagulon ke pankh kavita ka uddeshya va mool samvedna)

 छोटा मेरा खेत / बगुलों के पंख (कविता) कवि: उमाशंकर जोशी मूल भाषा: गुजराती हिंदी रूपांतरण: रघुवीर चौधरी और भोलाभाई पटेल मूल विषय: ‘छोटा मेरा खेत’: कृषि-कर्म के रूपक में काव्य-सृजन प्रक्रिया का चित्रण तथा साहित्य के अक्षय रस का उद्घाटन। ‘बगुलों के पंख’: सांध्यकालीन आकाश में पंक्तिबद्ध उड़ते बगुलों के सम्मोहक व जादुई प्राकृतिक सौंदर्य का चित्रात्मक अंकन। 1. ...

Read More »

कवितावली (उत्तर कांड से) / लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप पाठ का विस्तृत सार एवं प्रमुख छंद-विश्लेषण

कवितावली (उत्तर कांड से) / लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप कवि: गोस्वामी तुलसीदास काव्य-धारा: भक्तिकाल की सगुण काव्य-धारा (रामभक्ति शाखा) काव्य-भाषा: ब्रजभाषा (‘कवितावली’) तथा अवधी (‘रामचरितमानस’) मूल रचनाएँ: ‘कवितावली’ (उत्तर कांड) और ‘रामचरितमानस’ (लंका कांड) 1. पाठ का मूल उद्देश्य व संवेदना भाग-1: कवितावली (उत्तर कांड से) युगीन यथार्थ व आर्थिक विषमता का चित्रण: कलिकाल की बेकारी, भूख, गरीबी और ...

Read More »

 रुबाइयाँ काव्य का मूल उद्देश्य और मूल संवेदना(rubaiyan kavya ka mool uddeshya aur mool samvedna)

 रुबाइयाँ (काव्य) शायर: फ़िराक़ गोरखपुरी (मूल नाम: रघुपति सहाय ‘फ़िराक़’) काव्य-रूप / छंद: रुबाई (उर्दू-फ़ारसी का चार पंक्तियों वाला लोकप्रिय छंद) मूल विषय: वात्सल्य रस, माँ-बच्चे का आत्मीय संबंध, भारतीय लोक-जीवन तथा दीवाली व रक्षाबंधन जैसे पावन पर्वों की सांस्कृतिक छटा। शायरी की विशेषताएँ: उर्दू शायरी को पारंपरिक रूमानी व दरबारी घेरे से निकालकर आम आदमी के लोक-जीवन, संस्कृति और ...

Read More »

 उषा कविता का उद्देश्य व मूल संवेदना(usha kavita ka uddeshya va mool samvedna)

 उषा (कविता) कवि: शमशेर बहादुर सिंह विधा: प्रयोगवादी नई कविता / बिंबप्रधान कविता काव्य-प्रवृत्ति: ‘कवियों के कवि’, ‘बिंबधर्मी कवि’, ‘उर्दू और हिंदी का दोआब’ मूल विषय: सूर्योदय से ठीक पूर्व के पल-पल बदलते प्राकृतिक सौंदर्य का ग्रामीण परिवेश से जुड़ा गतिशील शब्द-चित्र। 1. पाठ का उद्देश्य व मूल संवेदना प्रकृति की गतिशीलता का अंकन: सूर्योदय से ठीक पहले भोर के ...

Read More »

 कैमरे में बंद अपाहिज कविता का उद्देश्य व मूल संवेदना(camere mein band apahij kavita ka uddeshya va mool samvedna)

 कैमरे में बंद अपाहिज (कविता) कवि: रघुवीर सहाय काव्य-संग्रह: ‘लोग भूल गये हैं’ विधा: समकालीन व्यंग्य प्रधान नई कविता / नाटकीय एकलाप मूल विषय: दृश्य-संचार माध्यमों (टेलीविजन) का कारोबारी स्वार्थ, मानवीय संवेदनहीनता, पीड़ा का बाजारीकरण तथा शारीरिक चुनौती झेलते व्यक्तियों का शोषण। 1. पाठ का उद्देश्य व मूल संवेदना दृश्य-संचार माध्यमों की संवेदनहीनता का पर्दाफ़ाश: यह उजागर करना कि मीडिया ...

Read More »

कविता के बहाने / बात सीधी थी पर पाठ का उद्देश्य व मूल संवेदना

कविता के बहाने / बात सीधी थी पर कवि: कुँवर नारायण काव्य-धारा: ‘नयी कविता’ के प्रमुख हस्ताक्षर / नागर संवेदना के कवि मूल काव्य-संग्रह: ‘कविता के बहाने’ — ‘इन दिनों’ संग्रह से ‘बात सीधी थी पर’ — ‘कोई दूसरा नहीं’ संग्रह से 1. पाठ का उद्देश्य व मूल संवेदना कविता 1: ‘कविता के बहाने’ यांत्रिकता के दौर में कविता का ...

Read More »

पतंग (कविता) का उद्देश्य व मूल संवेदना(patang (kavita) ka uddeshya va mool samvedna)

पतंग (कविता) कवि: आलोक धन्वा मूल काव्य-संग्रह: ‘दुनिया रोज़ बनती है’ (1998, कवि का पहला और एकमात्र संग्रह) काव्य-रूप: यह एक लंबी कविता का तीसरा भाग है। मूल विषय: बालसुलभ इच्छाएँ, उमंगें, प्रकृति परिवर्तन तथा बच्चों का अदम्य साहस व निडरता। 1. पाठ का उद्देश्य व मूल संवेदना बाल-सुलभ उमंगों का चित्रण: आसमान में उड़ती पतंग के माध्यम से बच्चों ...

Read More »
error: Content is protected !!