अंतरा (भाग-2)’ (ऐच्छिक) के अंतर्गत आने वाली सभी प्रमुख कविताओं के मूलभाव और उद्देश्य ‘अंतरा (भाग-2)’ (ऐच्छिक) के अंतर्गत आने वाली इन सभी प्रमुख कविताओं के मूलभाव और गहन उद्देश्य को परीक्षा की दृष्टि से और अधिक विस्तार और स्पष्टता के साथ नीचे प्रस्तुत किया गया है। 1. जयशंकर प्रसाद (क) ‘देवसेना का गीत’ (स्कंदगुप्त नाटक से) विस्तृत मूलभाव: यह ...
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केदारनाथ सिंह की कविता ‘बनारस’ और ‘दिशा’ सप्रसंग व्याख्या एवं शिल्प-सौंदर्य
केदारनाथ सिंह की कविता ‘बनारस’ और ‘दिशा’ सप्रसंग व्याख्या एवं शिल्प-सौंदर्य समकालीन कविता के प्रमुख हस्ताक्षर केदारनाथ सिंह की अंतरा (भाग-2) में संकलित दोनों रचनाओं—‘बनारस’ और ‘दिशा’—का मूलभाव, सप्रसंग व्याख्या एवं शिल्प-सौंदर्य: 1. बनारस मूल काव्य संग्रह: अकाल में सारस (1988 — इसी संग्रह पर कवि को 1989 का साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ था)। संदर्भ: प्रस्तुत कविता समकालीन हिंदी ...
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