Tag Archives: शब्द शक्ति के भेद और उदाहरण

 शब्द शक्ति काव्यशास्त्र(shabd shakti kavyashastra)

 शब्द शक्ति (काव्यशास्त्र) परिभाषा: शब्द में अंतर्निहित अर्थ को प्रकट करने वाले व्यापार (कार्य) अथवा शब्द का निश्चयार्थक बोध कराने वाली शक्ति को शब्द शक्ति कहते हैं। ऐतिहासिक संदर्भ: शब्द शक्ति के लिए ‘शक्ति’ शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम आचार्य विश्वनाथ ने किया। शब्द शक्ति के लिए ‘वृत्ति’ या ‘व्यापार’ शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम आचार्य मम्मट ने किया। 1. सार्थक शब्दों ...

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