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कवि सुदामा पांडेय ‘धूमिल’ रचित ‘मोचीराम’ और ‘घर में चार जोड़ी आँखें’ की सप्रसंग व्याख्या एवं काव्य-सौंदर्य

कवि सुदामा पांडेय ‘धूमिल’ रचित ‘मोचीराम’ और ‘घर में चार जोड़ी आँखें’ की सप्रसंग व्याख्या एवं काव्य-सौंदर्य साठोत्तरी हिंदी कविता के विद्रोही और जनवादी कवि सुदामा पांडेय ‘धूमिल’ की बहुचर्चित और लंबी कविता ‘मोचीराम’ का संदर्भ, प्रसंग, प्रमुख काव्यांशों की सप्रसंग व्याख्या एवं काव्य-सौंदर्य: पाठ-परिचय एवं संदर्भ कवि: सुदामा पांडेय ‘धूमिल’ मूल काव्य संग्रह: संसद से सड़क तक (1972) पाठ्यपुस्तक: ...

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