Tag Archives: alankarvad kavyashastra

अलंकार सम्प्रदाय (अलंकारवाद) नोट्स(alankar sampraday (alnkarvad) notes)

अलंकार सम्प्रदाय (अलंकारवाद) ☆ अलंकार सम्प्रदाय के प्रवर्तक आचार्य भामह माने जाते हैं। ☆ उन्होंने छठी शताब्दी में अपने प्रसिद्ध ग्रंथ “काव्यालंकार” की रचना की थी। ☆ आचार्य भामह ने ही सबसे पहले अलंकार को काव्य की आत्मा के रूप में प्रतिष्ठित किया था। 1. अलंकार शब्द का अर्थ ‘अलंकार’ शब्द दो शब्दों के मेल से बना है: अलं + ...

Read More »
error: Content is protected !!