कविता के बहाने / बात सीधी थी पर कवि: कुँवर नारायण काव्य-धारा: ‘नयी कविता’ के प्रमुख हस्ताक्षर / नागर संवेदना के कवि मूल काव्य-संग्रह: ‘कविता के बहाने’ — ‘इन दिनों’ संग्रह से ‘बात सीधी थी पर’ — ‘कोई दूसरा नहीं’ संग्रह से 1. पाठ का उद्देश्य व मूल संवेदना कविता 1: ‘कविता के बहाने’ यांत्रिकता के दौर में कविता का ...
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