? चन्द्रकान्त देवताले के काव्य संग्रह? ● हड्डियों में छिपा ज्वर(1973 ई.) ● दीवारों पर खून से(1975ई.) ● लकड़बग्घा हँस रहा है(1980ई.) ● भूखण्ड तप रहा है(1982 ई.) ● रोशनी के मैदान की तरफ (1982 ई.) ● आग हर चीज में बताई गई थी (1987 ई.) ● पत्थर की बैंच (1996 ई.) ...
Read More »Tag Archives: https://hindibestnotes.com/—/
कामायनी महाकाव्य के संबंध में विद्वानों के विचार(Kamayani mahakavy ke sambandh mein vidvanon ke vichar)
?कामायनी महाकाव्य के संबंध में विद्वानों के विचार? ?कामायानी (1935,जयशंकर प्रसाद) ◆ मानवता का रसात्मक इतिहास ( नंददुलारे वाजपेयी) ◆ मानव चेतना के विकास का महाकाव्य (डॉ. नगेंद्र) ◆ छायावाद का उपनिषद्(शांतिप्रिय द्विवेदी) ◆ मानवता का रसात्मक महाकाव्य (आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने कहा) ◆ नए युग का प्रतिनिधि काव्य (नंददुलारे वाजपेयी) ◆ आधुनिक सभ्यता का ...
Read More »सुमित्रानंदन पंत का उपनाम एवं उपाधि(Sumitranandan Pant ka upanam evan upadhi)
?सुमित्रानंदन पंत का उपनाम एवं उपाधि ? ◆ मूलनाम – गोसाईदत्त ◆ उपनाम:- ● शब्द शिल्पी ● छायावाद का विष्णु ● प्रकृति का सुकुमार कवि ● नारी मुक्ति का प्रबल समर्थक कवि ◆ उपाधि :- ● प्रकृति के सुकुमार कवि ● छायावाद का प्रतिनिधि कवि – आचार्य शुक्ल ● छायावाद का प्रवर्तक ...
Read More »नागमती में ऊहात्मकता शैली(nagmati mein Uhakataka shaili)
?नागमती में ऊहात्मकता शैली? ?ऊहात्मकता शैली ? ◆ विरह वर्णन में फारसी मनस्वियों की शैली प्रायः ऊहात्मक हो जाती है। ◆ ऊहात्मकता का अर्थ हैं :- विरह का ऐसा अतिश्योक्तिपूर्ण वर्णन जो असामान्य होने के साथ-साथ कहीं-कहीं वीभत्स सा होने लगे। ◆ नागमती के विरह वर्णन में जायसी ने ऊहात्मकता का सहारा तो लिया है किंतु उसे ...
Read More »अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’का जीवन परिचय(Ayodhya Singh Upadhyay ‘Hariaudh’ ka jeevan parichay)
?अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’का जीवन परिचय? * जन्म :– 15 अप्रैल,1865 ई., निजामाबाद, आजमगढ़, उत्तरप्रदेश * निधन :- 16 मार्च 1947 ई.(होली के दिन) * पिता का नाम :– भोलासिंह उपाध्याय * माता का नाम :– रुक्मिणी देवी * इनके पूर्वज शुक्ल यजुर्वेदी ब्राह्मण थे जो कालान्तर में सिक्ख हो गये । * 17 वर्ष ...
Read More »जगदीशचंद्र माथुर के प्रमुख नाटक(Jagadishchandra Mathur ke pramukh natak)
?जगदीशचंद्र माथुर के प्रमुख नाटक? ● भोर का तारा (1946 ई.) ● कोणार्क(1953 ई.) प्रसिद्ध नाटक ● ओ मेरे सपने(1950 ई.) ● शारदीया (1959 ईं.) ● दस तस्वीरें (1962 ई.) ● परंपराशील नाट्य (1968 ई.) ● पहला राजा (1970 ई.) ● जिन्होंने जीना जाना (1972 ई.) ? पढ़ना जारी रखने के ...
Read More »जगदीशचंद्र माथुर का जीवन परिचय(Jagdishchandra Mathura ka jeevan parichay)
? जगदीशचंद्र माथुर का जीवन परिचय ? ◆ जन्म :- 16 जुलाई, 1917 में, उत्तर प्रदेश के बुलंदशह जिले के खुर्जा में ◆ मृत्यु :- 14 मई, 1978 ,पटना में ◆ प्रारंभिक शिक्षा :- खुर्जा में ◆ उच्च शिक्षा :- यूईंग क्रिश्चियन कॉलेज, इलाहाबाद और प्रयाग विश्वविद्यालय में ◆ 1939 ई. में प्रयाग विश्वविद्यालय से ...
Read More »नरेंद्र कोहली की आत्मकथा – आत्म स्वीकृति (Narendra Kohli ki aatmakatha – aatm sveekrti)
?नरेंद्र कोहली की आत्मकथा – आत्म स्वीकृति? ◆ प्रकाशन :- 1 मई 2014 को ◆ नरेंद्र कोहली की आत्मकथा ‘आत्म स्वीकृति उनके जीवन के कई पहलुओं और संघर्षो का खुला चिट्ठा है। ◆ पाकिस्तान के स्यालकोट में जन्म, लाहौर से स्कूलिंग, उर्दू माध्यम से पढ़ाई, देश विभाजन के बाद पलायन और डेरा बाबा नानक पहुंचने के पहले ...
Read More »मगही के भारतेन्दु रामप्रसाद सिंह का जीवन परिचय (Ramprasad Singh ka jeevan parichay)
?रामप्रसाद सिंह का जीवन परिचय? ◆ जन्म :- 10 जुलाई 1933 को तत्कालीन गया (अब अरवल जिला) में ◆ मृत्यु :- 25 दिसंबर 2014 ◆ उपनाम :- ●मगही के भारतेन्दु ● मगही के दधीचि ● मगही के उन्नायक ◆ यह लम्बे समय तक मगही अकादमी, पटना के अध्यक्ष रहे । ◆ मगही भाषा और साहित्य ...
Read More »गांधी विचारधारा से प्रभावित प्रमुख कवि(Gandhi vicharadhara se prabhavit pramukh kavi)
?गांधी विचारधारा से प्रभावित प्रमुख कवि? 1. कवि सुमित्रानंदन पंत 2. जयशंकर प्रसाद 3. मैथिलीशरण गुप्त 4. माखनलाल चतुर्वेदी 5. सियारामशरण गुप्त 6. सुभद्रा कुमारी चौहान 7. रामधारी सिंह दिनकर 8. हरिवंश राय बच्चन 9. रामनरेश त्रिपाठी 10. सोहनलाल द्विवेदी 11. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ 12. हरि कृष्ण प्रेमी ...
Read More »गांधी विचारधारा का हिंदी महाकाव्यों पर प्रभाव(Gandhi vicharadhara ka hindi mahakavyon par prabhav)
? गांधी विचारधारा का हिंदी महाकाव्यों पर प्रभाव? 1. साकेत (1931) :- मैथिलीशरण गुप्त 2. कामायनी(1935) :- जयशंकर प्रसाद 3. वैदेही वनवास (1941) :- हरिऔध 4. कृष्णायन (1942) :- द्वारका प्रसाद मिश्र 5. कुरुक्षेत्र (1946):- रामधारी सिंह दिनकर 6. साकेत संत (1946):- बलदेव प्रसाद मिश्र ? पढ़ना जारी रखने के लिए यहाँ क्लिक करे। ...
Read More »दलित साहित्य की सर्वप्रथम रचना(dalit sahity kee sarvapratham rachana)
?दलित साहित्य की सर्वप्रथम रचना(दलित साहित्य की प्रथम विधाएं) ? क्रम संख्या विधाएं सर्वप्रथम रचना रचनाकार 1. कविता अछूत की शिकायत दूसरे कविता चांद शोभाराम धेनु सेवक 2. कहानी वचनबद्ध (1975 मुक्ति स्मारिका पत्रिका में) सतीश सबसे बड़ा सुख (19789 कथा लोक पत्रिका में) मोहनदास नैमिशराय अंधेर बस्ती(1980 निर्णायक भीम) ओमप्रकाश वाल्मीकि 3. उपन्यास छप्पर जयप्रकाश कर्दम (डॉ.एन. सिंह ...
Read More »रामानन्द के बारह शिष्यों नाम का ट्रिक(Ramanand ke baarah shishyon ke naam ka trick)
* रामानन्द के बारह शिष्यों के नाम का ट्रिक :- कब से दास पीपा लेकर धन्ना को बुलाने का अनंत प्रयत्न कर रहा है और उधर सुरसुरा एव सुरसरीपदमावती का नर का भाव देखकर सुख मिला है। 1. कबीर (कब) 2. सेन (से) 3. रैदास (दास) 4. पीपा (पीपा) 5. धन्ना (धन्ना) 6. अनंतानंद(अनंत) 7. सुरसुरानंद (सुरसुरा) 8. सुरसुरी ...
Read More »रिट्ठणेमि चरिउ (हरिवंश पुराण) का परिचय[Rittanemi Chariyu (Harivansh Purana) ka parichay]
?रिट्ठणेमि चरिउ (हरिवंश पुराण) का परिचय ? • स्वयंभू द्वारा रचित • विषय – तीर्थंकर नेमिनाथ के चरित्र का वर्णन। • कुल श्लोक – 18हजार श्लोक। • चार काण्डों और 112 सिंधियों में विभाजित है। • चार काण्डों में विभक्त :- 1. यादव कांड(20 संधियां) 2. कुरु कांड (20 संधियां) 3. युद्धकांड (20संधियां) फाल्गुन नक्षत्र तृतीया तिथी बुधवार और शिव ...
Read More »मैथिली गद्य की सर्वप्रथम रचना वर्ण रत्नाकर का परिचय(maithili gady ki pratham rachana Varna Ratnakar ka parichay)
?वर्ण रत्नाकर का परिचय? * रचनाकार – ज्योतिरीश्वर ठाकुर(13वी शताब्दी) * रचनाकाल – 14 वीं शताब्दी का पूर्वाद्धर् ( सुनीति कुमार के अनुसार) * आठ कल्लोलो (अध्यायों में) * मैथिली का विश्वकोश * मैथिली गद्य की सर्वप्रथम रचना * इसमे लेखक ने हिन्दू दरबार और भारतीय जीवन का यथार्थ चित्रण किया गया है। * इसमें कुल 8 कल्लोल है:- ...
Read More »