💐 चन्द्रदेव से मेरी बातें💐 【 राजेंद्र बाला घोष/बंग महिला】 ◆ प्रकाशन :-1904ई. सरस्वती पत्रिका में ◆ भगवान चन्द्रदेव! आपके कमलवत् कोमल चरणों में इस दासी का अनेक बार प्रणाम। ◆ आज मैं आपसे दो चार बातें करने की इच्छा रखती हूँ। ★ आप इस आकाश मंडल में चिरकाल से वास करते हैं। क्या यह बात सत्य है ? ★ ...
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दुलाई वाली कहानी(dulai wali kahani)
💐💐 दुलाईवाली 💐💐 ◆ कहानीकार :- राजेन्द्र बाला घोष(बंग महिला) ◆ प्रकाशन-1907 ई.में, सरस्वती पत्रिका में ◆ पात्र :- 1. वंशीधर(इलाहबाद निवासी ) 2. जानकी देई (वंशीधर की पत्नी, ग्रहस्थ महिला) 3. सीता (जानकी की बहन,वंशीधर की साली) 4. नवलकिशोर (वंशीधर का ममेरा भाई,हंसमुख व्यक्ति) 5.लाठीवान (ट्रेन में एक यात्री) 6.वंशीधर की सास 7.वंशीधर की साला 8. इक्केवाला ◆ ...
Read More »ठकुरी बाबा संस्मरणात्मक रेखाचित्र(thakuri baba sansmaranatmak rekhachitr)
💐 ठकुरी बाबा (महादेवी वर्मा)💐 ◆ प्रकाशन :- 1947ई. ◆ स्मृति की रेखाएं से ◆ संस्मरणात्मक रेखाचित्र ◆ इस रेखाचित्र में ग्रामीण समाज का चित्रण है। ◆ महादेवी वर्मा रेखाचित्रों में जिन चरित्रों का वर्णन किया है वे समाज के गरीब एवं अशिक्षित वर्ग से संबद्ध हैं। ◆ महादेवी के कल्पवास ...
Read More »रश्मिरथी की भूमिका(Rashmirathi ki bhumika)
💐💐“रश्मिरथी” की भूमिका💐💐 【 राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर】 ◆ रश्मिरथी का अर्थ :- ‘सूर्य की सारथी’ ◆ हिन्दी के महान कवि रामधारी सिंह दिनकर द्वारा रचित ◆ खण्डकाव्य ◆ काव्य का आरम्भ :- 26 फरवरी 1950 ई. को किया था। ◆ प्रकाशन :- 1952 ◆ कुल सर्ग :- 7 सर्ग ◆ जिसमें ...
Read More »बुधिया,माटी की मूरते से (Budhiya,Maatee kee mooraten rekhachitra se)
💐माटी की मूरतें(रामवृक्ष बेनीपुरी) 💐 ◆ श्रीरामवृक्ष बेनीपुरी के विचार :- ● किसी बड़ या पीपल के पेड़ के नीचे, चबूतरे पर कुछ मूरतें रखी हैं- माटी की मूरतें! ● माटी की मूरतें न इनमें कोई खूबसूरती है, न रंगीनी। ● बौद्ध या ग्रीक रोमन मूर्तियों के हम शैदाई यदि उनमें कोई दिलचस्पी न लें, उन्हें देखते ही मुँह मोड़ ...
Read More »सुभान खाँ,माटी की मूरते से (Subhan khan,,Maatee kee mooraten rekhachitra se)
💐माटी की मूरतें(रामवृक्ष बेनीपुरी) 💐 ◆ श्रीरामवृक्ष बेनीपुरी के विचार :- ● किसी बड़ या पीपल के पेड़ के नीचे, चबूतरे पर कुछ मूरतें रखी हैं- माटी की मूरतें! ● माटी की मूरतें न इनमें कोई खूबसूरती है, न रंगीनी। ● बौद्ध या ग्रीक रोमन मूर्तियों के हम शैदाई यदि उनमें कोई दिलचस्पी न लें, उन्हें देखते ही मुँह मोड़ ...
Read More »बैजू मामा,माटी की मूरते से (Baiju Mama,Maatee kee mooraten rekhachitra se)
💐माटी की मूरतें(रामवृक्ष बेनीपुरी) 💐 ◆ श्रीरामवृक्ष बेनीपुरी के विचार :- ● किसी बड़ या पीपल के पेड़ के नीचे, चबूतरे पर कुछ मूरतें रखी हैं- माटी की मूरतें! ● माटी की मूरतें न इनमें कोई खूबसूरती है, न रंगीनी। ● बौद्ध या ग्रीक रोमन मूर्तियों के हम शैदाई यदि उनमें कोई दिलचस्पी न लें, उन्हें ...
Read More »परमेसर,माटी की मूरते से (Paramesar,Maatee kee mooraten rekhachitra se)
💐माटी की मूरतें(रामवृक्ष बेनीपुरी) 💐 ◆ श्रीरामवृक्ष बेनीपुरी के विचार :- ● किसी बड़ या पीपल के पेड़ के नीचे, चबूतरे पर कुछ मूरतें रखी हैं- माटी की मूरतें! ● माटी की मूरतें न इनमें कोई खूबसूरती है, न रंगीनी। ● बौद्ध या ग्रीक रोमन मूर्तियों के हम शैदाई यदि उनमें कोई दिलचस्पी न लें, उन्हें ...
Read More »भौजी,माटी की मूरते से(bhaujee,Maatee kee mooraten rekhachitra se)
💐माटी की मूरतें(रामवृक्ष बेनीपुरी) 💐 ◆ श्रीरामवृक्ष बेनीपुरी के विचार :- ● किसी बड़ या पीपल के पेड़ के नीचे, चबूतरे पर कुछ मूरतें रखी हैं- माटी की मूरतें! ● माटी की मूरतें न इनमें कोई खूबसूरती है, न रंगीनी। ● बौद्ध या ग्रीक रोमन मूर्तियों के हम शैदाई यदि उनमें कोई दिलचस्पी न लें, ...
Read More »बालगोबिन भगत,माटी की मूरते से(Balgobin bhagat,Maatee kee mooraten rekhachitra se)
💐माटी की मूरतें(रामवृक्ष बेनीपुरी) 💐 ◆ श्रीरामवृक्ष बेनीपुरी के विचार :- ● किसी बड़ या पीपल के पेड़ के नीचे, चबूतरे पर कुछ मूरतें रखी हैं- माटी की मूरतें! ● माटी की मूरतें न इनमें कोई खूबसूरती है, न रंगीनी। ● बौद्ध या ग्रीक रोमन मूर्तियों के हम शैदाई यदि उनमें कोई दिलचस्पी न लें, उन्हें देखते ही मुँह मोड़ ...
Read More »संस्कृति और सौन्दर्य निबंध(sanskriti aur saundarya nibandh)
💐 संस्कृति और सौंदर्य (डॉ.नामवर सिंह)💐 ◆ प्रकाशन :- 1982ई. ,दुसरा परंपरा की खोज संग्रह से ◆ भारतीय संस्कृति का एक अध्याय :- अशोक के फूल (निबंध, हजारीप्रसाद द्विवेदी कृति) ◆ भारतीय संस्कृति के अध्याय का अनंगलेख पढ़नेवाले हिंदी में पहले व्यक्ति हैं :- हजारीप्रसाद द्विवेदी। ◆ पहली बार द्विवेदीजी को यह अनुभव हुआ कि ‘एक-एक फूल, एक-एक पशु, एक-एक ...
Read More »उठ जाग मुसाफिर निबंध(uth jaag musaaphir nibandh)
💐 उठ जाग मुसाफिर निबंध (विवेकीराय)💐 ◆ प्रकाशन :- 2012 ई. उठ जाग मुसाफिर निबंध संग्रह से। ◆ पिछली बार गया तो एक सवाल खड़ा मिला, ‘आपने इतना बड़ा पुस्तकालय गाँव में खड़ा तो कर दिया पर कोई पुस्तक पढ़नेवाला नहीं रहा तो उसका क्या होगा ?’ ◆ प्रश्न सुनकर मास्टर साहब अर्थात् जगदीश बाबू का चिरपरिचित मुक्तहास बिखर गया ...
Read More »उत्तरी फाल्गुनी के आस – पास निबंध (uttara phalguni ke aas paas nibandh)
💐उत्तराफाल्गुनी के आसपास(कुबेरनाथ राय) 💐 ◆ ललित निबंध ◆ वर्षा ऋतु की अंतिम नक्षत्र है :- उत्तराफाल्गुनी। ◆ हमारे जीवन में गदह-पचीसी सावन- मनभावन है, बड़ी मौज रहती है। * गदह-पचीसी का अर्थ :- गधा-पचीसी * गधा-पचीसी का अर्थ :-अज्ञानता की स्थिति, बेसिर पैर की बातें करना, अर्थहीन बातें करना। ◆ 27 वे साल में आते ही :- घनघोर भाद्रपद ...
Read More »तमस उपन्यास के महत्वपूर्ण कथन (tamas upanyas ke mahatvpurn kathan)
💐 तमस उपन्यास 💐 ◆ रचयिता :- भीष्म साहनी ◆ प्रकाशन :- 1973 ◆ दो खण्डों में विभाजित ◆ यह उपन्यास विभाजन कालीन दंगों तथा उसके पीछे कार्य कर रही अंग्रेजों की नीति ‘फूट डालो और राज्य करो का पर्दाफाश करता है। ◆ केन्द्र स्थल :- तत्कालीन पंजाब के पश्चिमी भाग( ...
Read More »पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त हिंदी के कवि(padmashree puraskar prapt hindi ke kavi)
🔷पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त करने वाले हिंदी के प्रथम साहित्यकार :- आ. रामचंद्र वर्मा( उत्तर प्रदेश ,1958 ई. ) 🔷पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त करने वाली हिंदी की प्रथम लेखिका :- अमृता प्रीतम( दिल्ली, 1969 ई.) क्रम संख्या पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त हिंदी के कवि/लेखक संबंधित राज्य वर्ष 1. आ. रामचंद्र वर्मा उत्तर प्रदेश 1958 ई. 2. मुनिजिनविजय राजस्थान 1961 ई. 3. वृंदावन लाल वर्मा ...
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