भाषा के प्रकार भाषा को समझने और उसका विश्लेषण करने के लिए विद्वानों ने इसे अलग-अलग दृष्टिकोणों से विभाजित किया है। ‘विचारों (अभिव्यक्ति) के आधार पर’ और ‘प्रयोग (क्षेत्र / कार्यात्मक) के आधार पर’ भाषा के रूपों को निम्नलिखित प्रकार से समझा जा सकता है: 1. विचारों (अभिव्यक्ति) के आधार पर भाषा के प्रकार मनुष्य अपने विचारों, भावों और संवेदनाओं ...
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भाषा के प्रमुख रूप(bhasha ke pramukh roop)
भाषा के प्रमुख रूप भाषा समाज और संस्कृति के साथ लगातार विकसित होती है। प्रयोग, क्षेत्र और सामाजिक स्वीकृति के आधार पर भाषा के अलग-अलग रूप और भूमिकाएँ बन जाती हैं। 1. मानक भाषा (Standard Language) परिभाषा : व्याकरण के नियमों से सुव्यवस्थित, सर्वमान्य, और शिष्ट समाज द्वारा प्रयुक्त भाषा का रूप मानक भाषा कहलाता है। व्याख्या : जब किसी ...
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