नागार्जुन का जीवन परिचय(nagarjun ka jeevan parichay) 1. साहित्यिक परिचय उन्होंने हिन्दी और मैथिली दोनों भाषाओं में महत्वपूर्ण साहित्य-सृजन किया। वे कवि, उपन्यासकार, कहानीकार, निबंधकार, जीवनीकार और बाल साहित्यकार के रूप में प्रसिद्ध हैं। उनके साहित्य में मुख्यतः ग्रामीण जीवन, किसान, मजदूर, निम्नवर्ग, शोषित एवं पीड़ित जनता का यथार्थ चित्रण मिलता है। हिन्दी में उनका नाम ‘नागार्जुन’, मैथिली में ‘यात्री’ ...
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नागार्जुन के प्रमुख आंचलिक उपन्यास(nagarjun ke pramukh aanchalik upanyas)
नागार्जुन के प्रमुख आंचलिक उपन्यास नागार्जुन ने कुल 12 उपन्यास — 6 आंचलिक और 6 गैर-आंचलिक। आंचलिक उपन्यास रतिनाथ की चाची बलचनमा नई पौध बाबा बटेसरनाथ वरुण के बेटे दुःखमोचन गैर-आंचलिकउपन्यास कुम्भीपाक हीरक जयंती / अभिनंदन उग्रतारा जमनिया का बाबा / इमरतिया पारो गरीबदास 1. रतिनाथ की चाची नागार्जुन का पहला आंचलिक उपन्यास। प्रकाशन — 1948। मुख्य पात्र — गौरी। ...
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