भारतेन्दु हरिश्चंद्र: प्रमुख रचनाएँ एवं पत्र-पत्रिकाएँ
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पत्र-पत्रिकाएँ
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कवि वचन सुधा (1868 ई०)
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हरिश्चन्द्र मैगजीन (1873 ई०): यह बाद में ‘हरिश्चन्द्र चन्द्रिका’ के नाम से प्रकाशित हुई।
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बाला बोधिनी (1874 ई०): महिलाओं के उद्धार हेतु प्रकाशित पत्रिका।
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एक कहानी – कुछ आपबीती, कुछ जगबीती
भारतेन्दु हरिश्चंद्र के उपन्यास: प्रमुख तथ्य
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रचित उपन्यास: भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने दो उपन्यास लिखे—
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पूर्णप्रकाश
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चन्द्रप्रभा
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सामान्य मान्यता: इन दोनों उपन्यासों को प्रायः अपूर्ण माना जाता है।
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डॉ. रामविलास शर्मा का मत: डॉ. रामविलास शर्मा ने इन्हें अधूरा न मानकर अपने आप में पूर्ण उपन्यास स्वीकार किया है।
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रामविलास शर्मा का उद्धरण:“साहित्य के सभी अंगों का विकास करने के विचार से भारतेन्दु ने उपन्यास रचना की ओर भी ध्यान दिया। ‘पूर्णप्रकाश’, ‘चन्द्रप्रभा’ अधूरा न होकर अपने में पूर्ण उपन्यास है।”