भारतेन्दु हरिश्चंद्र: प्रमुख रचनाएँ एवं पत्र-पत्रिकाएँ(bharatendu harishchandra: pramukh rachnayen evam patra-patrikaen)

भारतेन्दु हरिश्चंद्र: प्रमुख रचनाएँ एवं पत्र-पत्रिकाएँ
इतिहास एवं पुरातत्व
  • कश्मीर-कुसुम
  • महाराष्ट्र देश का इतिहास
  • रामायण का समय
  • अग्रवालों की उत्पत्ति
  • खत्रियों की उत्पत्ति
  • बादशाह दर्पण
  • बूँदी का राजवंश
  • उदय-पुरोदय
  • पुरावृत्त संग्रह
  • दिल्ली दरबार
  • कालचक्र इत्यादि
पत्र-पत्रिकाएँ
  • कवि वचन सुधा (1868 ई०)
  • हरिश्चन्द्र मैगजीन (1873 ई०): यह बाद में ‘हरिश्चन्द्र चन्द्रिका’ के नाम से प्रकाशित हुई।
  • बाला बोधिनी (1874 ई०): महिलाओं के उद्धार हेतु प्रकाशित पत्रिका।
प्रमुख निबन्ध
  • कालचक्र (जर्नल)
  • लेवी प्राण लेवी
  • भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है?
  • कश्मीर-कुसुम
  • जातीय संगीत
  • संगीत सार
  • हिन्दी भाषा
  • स्वर्ग में विचार सभा
कहानी
  • अद्भुत अपूर्व स्वप्न
यात्रा वृतान्त
  • सरयूपार की यात्रा
  • लखनऊ की यात्रा
आत्मकथा
  • एक कहानी – कुछ आपबीती, कुछ जगबीती

 

भारतेन्दु हरिश्चंद्र के उपन्यास: प्रमुख तथ्य
  • रचित उपन्यास: भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने दो उपन्यास लिखे—
    1. पूर्णप्रकाश
    2. चन्द्रप्रभा
  • सामान्य मान्यता: इन दोनों उपन्यासों को प्रायः अपूर्ण माना जाता है।
  • डॉ. रामविलास शर्मा का मत: डॉ. रामविलास शर्मा ने इन्हें अधूरा न मानकर अपने आप में पूर्ण उपन्यास स्वीकार किया है।
  • रामविलास शर्मा का उद्धरण:
    “साहित्य के सभी अंगों का विकास करने के विचार से भारतेन्दु ने उपन्यास रचना की ओर भी ध्यान दिया। ‘पूर्णप्रकाश’, ‘चन्द्रप्रभा’ अधूरा न होकर अपने में पूर्ण उपन्यास है।”

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

error: Content is protected !!