Author Archives: Puran Mal Kumhar

महापुराण का परिचय [Mahapuran ka parichay]

🌺 महापुराण का परिचय 🌺 •अपभ्रंश भाषा के महान कवि पुष्पदंत द्वारा रचित • विषय – दिगंबर जैन संप्रदाय के 24 तीर्थंकरों, 12 चक्रवर्ती,नौ वासुदेव तथा नौ प्रति वासुदेव कृतियों की कथा का प्रस्तुत की गयी है । • महापुराण में आदि पुराण और उत्तर पुराण आते है। • महापुराण का प्रथम खण्ड – आदिपुराण • महापुराण का द्वितीय खण्ड ...

Read More »

मेरुतुंग का परिचय (Merutung ka parichay)

🌺मेरुतुंग का परिचय 🌺 • नागेंद्र गच्छ के आचार्य • गुरु का नाम – चंद्रप्रभ सुरी • प्रधान शिष्य – गुणचंद्र • अन्य प्रमुख ग्रंथ – महापुरुष चरित (इस ग्रंथ में ऋषभदेव,शांतिनाथ,नेमिनाथ,पार्श्वनाथ और महावीर इस प्रकार पांच तीर्थंकरों का संक्षिप्त चरित वर्णन है।) 👉 पढ़ना जारी रखने के लिए यहाँ क्लिक करे। 👉 Pdf नोट्स लेने के लिए टेलीग्राम ज्वांइन ...

Read More »

अपभ्रंश का वाल्मीकि स्वयंभू का परिचय(Swayambhu ka parichay)

🌺 स्वयंभू का परिचय 🌺 * अपभ्रंश का वाल्मीकि * समय :- 8वीं शताब्दी *  उत्तर के रहने वाले थे बाद में संरक्षण के साथ राष्ट्रकूट राज्यों में चले गए । *  पिता का नाम :- मारुति देव * स्वयंभू के दो पत्नियां थी। * स्वयंभू के आश्रयदाता :- धनंजय और धवलाइया * प्रमुख ग्रंथ :- पउमचरिउ * जैन कवियों ...

Read More »

अपभ्रंश साहित्य का प्रथम महाकाव्य पउमचरिउ का परिचय(Apabhramsha sahity ka pratham mahakavy Poomachariyu ka paricha)

🌺अपभ्रंश साहित्य का प्रथम महाकाव्य पउमचरिउ का परिचय 🌺 • रचयिता – महाकवि स्वयंभू • अपभ्रंश साहित्य का अत्यंत प्रसिद्ध एवं प्रथम महाकाव्य। • चरित काव्य। • पांच काण्डों और 90 संधियों में विभाजित है। • पांच काण्डों में विभक्त :- 1. विद्याधर कांड(20 संधियां) 2. अयोध्या कांड (22 संधियां) 3. सुंदरकांड (14 संधियां) 4. युद्ध कांड(21 संधियां) 5. उत्तरकांड ...

Read More »

मत्स्येन्द्रनाथ का परिचय( Matsyendranath ka parichay)

🌺 मत्स्येन्द्रनाथ का परिचय 🌺 • गोरखनाथ के गुरु। • अवलोकितेश्वर के अवतार (नेपाली अनुश्रुति के अनुसार)। • नाथ परंपरा के आदिगुरु • कौलाचार के सिद्ध पुरुष • कौल मार्ग के प्रथम प्रर्वतक (कौलज्ञान निर्णय के अनुसार ) • सकल कुल शास्त्र के अवतार (तंत्रालोक की टीका के अनुसार) • योगी संप्रदाय में मछंदर नाथ नाम प्रसिद्ध। • परवर्ती संस्कृत ...

Read More »

शून्यवाद प्रवर्तक आचार्य नागार्जुन का परिचय(shoonyavad pravartak aachary Nagarjuna ka parichay)

🌺आचार्य नागार्जुन का परिचय 🌺 * शून्यवाद सबसे प्रबल प्रवर्तक आचार्य नागार्जुन(दूसरी शताब्दी तथा तीसरी शताब्दी के मध्य) * नागार्जुन का सबसे प्रसिद्ध ग्रंथ – माध्यामिक शास्त्र * नागार्जुन ने उत्पत्ति,गति, दुख,बंधन, मोक्ष आदि सभी धारणाओं की तर्क सहित परिक्षा कर यह सिद्ध किया है कि सभी में विरोध धर्मो की उपस्थिति है अतः सभी शून्य है। * माध्यमिक पथ ...

Read More »

कुक्कुरिपा का परिचय(Kukkuripa ka parichay)

🌺 कुक्कुरिपा का परिचय 🌺 * कुक्कुरिपा कपिलवस्तु के ब्राह्मण थे (राहुल सांकृत्यायन के अनुसार) * कुक्कुरिपा के गुरू :- चर्पटीया नाथ * कुक्कुरिपा द्वारा रचित 16 ग्रंथ माने जाते हैं । * कुक्कुरिपा सहज जीवन के समर्थक थे । * कुक्कुरिपा की कविता की पंक्तियां – “हांड निवासी खगम भतारे, मोहोर विगोआ कहण न जाई।”   👉 पढ़ना जारी ...

Read More »

जालन्धर का परिचय(Jalandhar ka parichay)

🌺जालन्धर का परिचय 🌺 * जालन्धर नगर भोग नामक देश के ब्राह्मण थे (स स्क्य कं बुम् के अनुसार) * पश्चिम में स्थित सिंधु देश के ठाठ नगर के शूद्र निवासी थे। (तारानाथ के अनुसार) * जालंधर ने कुछ दिनों में नेपाल भी रहे । * जालंधर ने ओडियान में साधना करनी पड़ी थी जहाँ कच्छपा ने इन्हें बौद्ध तन्त्रों ...

Read More »

विरूपा का परिचय(Virupa ka parichay)

                        🌺 विरूपा का परिचय 🌺 * विरूपा का समय-: संवत् 900 के लगभग( आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार ) * विरूपा के तीन नाम -: विरूपा,काल विरूपा और धर्मपाल भी थे और ये नालंदा ओडियान तथा चीन में भी प्रकट हुए थे ।(तारानाथ के अनुसार) * तंजूर में ...

Read More »

कण्हपा का परिचय(Kanhapa ka parichay)

🌺कण्हपा का परिचय🌺 * कण्हपा का समय :- संवत् 900 के उपरांत (आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार) * कण्हपा का समय :- 820 ईस्वी में , कर्नाटक के ब्राह्मण वंश में (डॉ. नगेंद्र के अनुसार) * कहण्पा का समय :- 1199 ई.( डॉ. बच्चन सिंह के अनुसार ) * कण्हपा का जन्म :- उड़ीसा में ( तारा नाथ के अनुसार) ...

Read More »

डोम्भिपा का परिचय (Dombhipa ka parichay)

🌺डोम्भिपा का परिचय 🌺 • डोम्भिपा का जन्म :- मगध के क्षेत्रीय वंश के 840 ईस्वी में लगभग। • इन्होंने विरूपा से दीक्षा ली। • डोम्भिपा के द्वारा रचित 21 ग्रंथ है।   • इनमें प्रमुख ग्रंथ है :- 1. डोम्बिपागीतिका 2. योगचर्या 3. अक्षरद्विकोपदेश • डोम्भिपा की पंक्तियां :- ” गंगा जउना माझेरे बहर नाइ। तांहि बुड़िली मातंगि पोइआली ...

Read More »

लुईपा का परिचय( Luipa ka parichay)

              🌺लुईपा का परिचय🌺 * लुईपा को तंजूर में भांगाली कहा गया है जिसके आधार पर म.म. हरप्रसाद शास्त्री तथा डॉ. विनीयतोष भट्टाचार्य इन्हें राठ देश के निवासी बंगाली कहते हैं किंतु राहु सांकृत्यायन ने भगांला से भागलपुर का प्रदेश का अर्थ लिया है। वे इन्हे मगधवासी कहते हैं। राजा धर्मपाल के दरबार में ...

Read More »

शबरपा का परिचय(Shabarpa ka parichay)

 🌺शबरपा का परिचय(Shabarpa ka parichay)🌺 * शबरपा का जन्म -: 780 ईस्वी में,क्षत्रिय कुल में(डॉ. नगेंद्र के अनुसार) * शबरपा को “नव सराय” नाम तारानाथ ने दिया। * यह सरहपा की शिष्य परंपरा के तीसरे थे। * भांगल या बंगाल देश के थे। (सुम्प म्खन पो के अनुसार) * पूर्व भारत के एवं नर्तक जाति के (तारा नाथ के अनुसार ...

Read More »

पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिलाएं (puraskar paane vali pratham mahilaen)

🌺 पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिलाएं 🌺 1. *बुकर पुरस्कार जीतने वाली प्रथम महिला :- अरुंधति रॉय   2. *अंतरराष्ट्रीय बुकर प्राइज जीतने वाली प्रथम महिला :- गीतांजलि श्री   3. पद्म विभूषण पुरस्कार (हिन्दी) पाने वाली प्रथम महिला :- अमृता प्रीतम (दिल्ली, 2004 में)   4. पद्म भूषण पुरस्कार (हिन्दी) पाने वाली प्रथम महिला :- महादेवी वर्मा (उत्तर प्रदेश, ...

Read More »

पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिलाएं(puraskar pane vali pratham mahilaen)

🌺 पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिलाएं 🌺 1. *बुकर पुरस्कार जीतने वाली प्रथम महिला :- अरुंधति रॉय 2. *अंतरराष्ट्रीय बुकर प्राइज जीतने वाली प्रथम महिला :- गीतांजलि श्री 3. पद्म विभूषण पुरस्कार (हिन्दी) पाने वाली प्रथम महिला :- अमृता प्रीतम (दिल्ली, 2004 में) 4. पद्म भूषण पुरस्कार (हिन्दी) पाने वाली प्रथम महिला :- महादेवी वर्मा (उत्तर प्रदेश, 1956ई.) 5. पद्मश्री ...

Read More »
error: Content is protected !!