🌺सुंदर दास का जीवन परिचय🌺 * संत दादू दयाल के शिष्य * प्रतिभा संपन्न कवि और साधक * जन्म स्थान :- जयपुर राज्य की प्राचीन राजधानी दौसा में * 6 वर्ष की अल्पायु में संत दादू के शिष्य हुए * 11 वर्ष की अवस्था में संत जगजीवन दास तथा संत रज्जब के साथ काशी की यात्रा ...
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रामानन्द का जीवन परिचय(Ramanand ka jeevan parichay)
🌺रामानन्द का जीवन परिचय🌺 * जन्म-1368ई.मृत्यु-1468ई. • जाति – कान्यकुन्ज ब्राह्मण * शिक्षा – काशी • गुरु- राघवनन्द * नाभादास की भक्तमाल में रामानंद के बारह शिष्यों का उल्लेख है। * रामावत सम्प्रदाय के प्रवर्तक * रामावत सम्प्रदाय का मूल मंत्र- राम या सीताराम * दो ग्रन्थ :- 1. वैष्णव मताब्ज भास्कर(संस्कृत भाषा में) 2. श्रीरामार्चन पद्धति(संस्कृत भाषा में) * ...
Read More »रामानन्द के बारह शिष्यों नाम का ट्रिक(Ramanand ke baarah shishyon ke naam ka trick)
* रामानन्द के बारह शिष्यों के नाम का ट्रिक :- कब से दास पीपा लेकर धन्ना को बुलाने का अनंत प्रयत्न कर रहा है और उधर सुरसुरा एव सुरसरीपदमावती का नर का भाव देखकर सुख मिला है। 1. कबीर (कब) 2. सेन (से) 3. रैदास (दास) 4. पीपा (पीपा) 5. धन्ना (धन्ना) 6. अनंतानंद(अनंत) 7. सुरसुरानंद (सुरसुरा) 8. सुरसुरी ...
Read More »विद्यापति की पदावली का परिचय(Vidyapati ki padavali ka parichay)
🌺विद्यापति की पदावली का परिचय🌺 • मैथिली भाषा:- विद्यापति की पदावली • नायक :- कृष्ण • नायिका :-राधा • काव्य रूप :- गेह मुक्तक • वयःसन्धि की नायिका :- राधा • प्रमुख रस :- श्रृंगार रस • इस कृति की रचना के लिए विद्यापति ने जयदेव के गीत – गोविंद का अपना आदर्श स्वीकार किया है। • पदावली ...
Read More »कीर्ति पताका का परिचय(Kirti Pataka ka parichay)
🌺कीर्ति पताका का परिचय🌺 * महाराजा शिव सिंह के समय आ हुई । * विषय :- राजा शिव सिंह की कीर्ति और यश का वर्णन। * ग्रंन्थ का आरंभ:- गणेश जी की स्तुति से। * हजारी प्रसाद द्विवेदी के अनुसार – “इस कृति में कई प्रकार के की भाषाएं हैं।गद्य में संस्कृत पदावली की अधिकता है। बीच-बीच में मैथिली की ...
Read More »कीर्ति लता का परिचय (Kirti Lata ka parichay)
🌺कीर्ति लता का परिचय🌺 * कीर्तिलता को कहाणी भी कहते है। * विद्यापति की प्रथम रचना * रचनाकाल गणेश्वर की मृत्यु के बाद का है ,1380 (बाबूराम सक्सेना के अनुसार) * कीर्ति लता की रचना के समय विद्यापति की आयु 20 वर्ष की थी * इसमें विद्यापति ने स्वयं को ‘खेलन कवि’ कहा है। खेलन का अभिप्रायः ...
Read More »राउरवेलि(राउलवेल) का परिचय(Raurveli ka parichay)
🌺राउरवेलि(राउलवेल) का परिचय 🌺 * रचनाकाल – 10वीं शताब्दी( डॉ. नगेन्द्र के अनुसार) * राउलवेल का अर्थ – राजकुल विलास(इसलिए शिलालेख के व्यक्ति राजकुल के प्रतीत होते है।) *विषय:- सामन्त की नायिकाओं का नखशिख वर्णन।(सात नायिकाओं का) * रचनाकार – रोड़ा * हिन्दी का प्रथम चम्पू काव्य(गद्य-पद्य मिश्रण) * शिलांकित(शिला या चट्टानो पर लिखा ...
Read More »ढोला मारु रा दूहा कथा सार(Dhola Maru Ra Duha katha saar)
🌺ढोला मारु रा दूहा कथा सार🌺 कथा सारः– पूंगल देश में पिंगल नाम का राजा रहता था। उस समय नरवर पर नल का राज्य था। पिंगल के एक कन्या ...
Read More »खुमानरासो का परिचय(Khumanraso ka parichay)
🌺 खुमानरासो का परिचय🌺 Trick :- खुद * रचनाकार – दलपति विजय(दौलत विजय भी कहा जा सकता है।) * नायक – खुमान द्वितीय (मेवाड के राजा) * समय – 9वीं शताब्दी(आ.शुक्ल के अनुसार) 17 वीं शताब्दी (डॉ. मोतीलाल मेनारिया के अनुसार) * छन्द – 5000 छन्दों में रचना की। * प्रमुख भाषा – राजस्थानी * प्रतिपाद्य राजशस्ति * यह ग्रन्थ ...
Read More »प्रमुख आचार्यों और अलंकारों की संख्या(pramukh aachaaryon aur Acharyas and Alankars)
🌺प्रमुख आचार्यों और अलंकारों की संख्या 🌺 क्र.सं. आचार्यों के नाम आचार्यों के ग्रन्थ अलंकारों की संख्या 1. भरतमुनि नाट्यशास्त्र 4 2. अग्नि पुराण अग्नि पुराण 14 3. वामन काव्यालंकार सूत्रवृत्ति 31 4. दंडी काव्यादर्श 35 5. भामह काव्यालंकार 38 6. उद्भट काव्यालंकार सार- संग्रह 41 7. रुद्रट काव्यालंकार ...
Read More »बंसतविलास का परिचय(Basantvilas ka parichay )
🌺बंसतविलास का परिचय 🌺 * रचनाकार – अज्ञात(इसके रचयिता का पता नही चल सका है।) * प्रथम सम्पादक – केशवलाल हर्षादराय ध्रुव * प्रमुख रस – श्रृंगार रस * छन्द – 84 छन्द * इसमे प्रकृति और नारी पर बसन्त के मादक प्रभाव का चित्रण * जैनेतर फागु काव्य * गुजराती विद्वान केशव हर्षद ध्रुव ने सबसे पहलेवसंतविलास की एक सचित्र पांडुलिपि ...
Read More »कृष्णा दास पयहारी का परिचय(Krishna Das Payhari ka parichay)
🌺 कृष्णा दास पयहारी का परिचय🌺 * जयपुर के प्रसिद्ध गलता नामक स्थान के महन्त। * जाति दामिनी मां ब्राह्मण * भाषा ब्रिज * गुरु का नाम अनंतानंद * कृष्णदास केवल दूध ही पीते थे इसलिए पियारी कहलाते हैं कल आए आवरी भाव काल संवत 1556 से 1584 * आमेर के महाराज पृथ्वीराज के गुरु कापालिक संप्रदाय ...
Read More »सूदन का परिचय(Sudan ka parichay)
🌺 सूदन का परिचय 🌺 *सूदन हिंदी के वीर रस के कवियों में प्रमुख कवि। * जाति – माथुर एवं मथुरा के निवासी थे। * पिता का नाम – वसंत ”मथुरापर का सुभ धाम, माथुर कुल उतपत्ति वर। पिता वसन्त सुनाम, सूदन जानहु सकर कवि।।” (सुजान चरित्र में ) * भरतपुर के राजा सूरजमल उपनाम सुजान सिंह के आश्रित थे। ...
Read More »नागरीदास का परिचय (Nagaridas ka parichay )
🌺 नागरीदास का परिचय 🌺 *नागरीदास किशनगढ़ के महाराज राजसिंह के पुत्र और महाराजा मानसिंह के पौत्र। * जन्म- संवत् 1756 * असली नाम – सांवत सिंह * कविता में नाम- नागरी, नागर,नागरी दास और नागरिया । * पुत्र सरदार सिंह का राज्य अभिषेक हो जाने के पश्चात नागरीदास वापस वृन्दावन चले गये और वहां कृष्ण भक्ति में ...
Read More »पद्मावत का सार(padmavat ka saar)
🌺 पद्मावत का सार 🌺 * सिंहल अति सुंदर द्वीप है। अन्य द्वीपों से उसकी सुंदरता बढ़-चढ़कर है । * सिंहल द्वीप का राजा गंधर्वसेन है। उसका प्रताप चारों ओर फैला है। उसके पास असंख्य सेना है । * राजा गंधर्वसेन की रानी चंपावती को पदमावती नाम की अपूर्व सुंदरी कन्या उत्पन्न हुई। * पदमावती ने एक हीरामन नामक तोता ...
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