🌺दलित नाटक(dalit naatak)🌺 क्रम संख्या दलित नाटक नाटककार 1. अछूत का बेटा(1977) वीरांगनाझलकारी बाई(1990) तड़फ मुक्ति की (1994) वीरांगना ऊदा देवी पासी(1995) प्रतिशोध (1999) अंतहीन बेड़िया(1999) धर्म परिवर्तन (2000) माता प्रसाद 2. अदालत नामा(1989) मोहनदास नैमिशराय 3. दलितों का चीखता अभाव(1993) डॉ.प्रेमशंकर 4. नंगा सत्य रंग और व्यंग्य डॉ सुशीला टाकभौरे 5. कठौती में गंगा(1959) डॉ.एन. सिंह ...
Read More »Author Archives: Puran Mal Kumhar
दलित कहानी संग्रह(dalit kahani sangrah)
🌺 दलित कहानी संग्रह 🌺 क्रम संख्या दलित कहानी संग्रह कहानीकार 1. सलाम घुसपैठिए ओमप्रकाश वाल्मीकि 2. पुनर्वास विपिन बिहारी 3. तलाश जयप्रकाश कर्दम 4. आवाजें हमारा जवाब मोहनदास नैमिशराय 5. टूटतावहम अनुभूति के घेरे संघर्ष डॉ सुशीला टाकभौरे 6. चारइंच की कलम डॉ.कुसुम वियोगी 7. हैरी कब आएगा नया ब्राह्मण सूरजपालचौहान ...
Read More »दलित काव्य संग्रह(dalit kavy sangrah)
🌺 दलित काव्य संग्रह 🌺 क्रम संख्या दलित काव्य संग्रह रचनाकार 1. गूंगा नहीं था मैं तिनका तिनका आग डॉ जयप्रकाश कर्दम 2. शोषितनामा डॉ मनोज सोनकर 3. तब तुम्हारी निष्ठा क्या होती कंवल भारती 4. प्रयास क्यों विश्वास करूं कब होगी वह भोर सूरजपाल चौहान 5. व्यवस्था के विषधर डॉ. कुसुम वियोगी 6. उत्पीड़न की ...
Read More »दलित उपन्यास(dalit upanyas)
दलित उपन्यास की विशेषताएं:- दलित उपन्यास में विद्रोह स्वर दिखाई देता है। दलित उपन्यासों में अराजकता और अत्याचार को दिखाया जाता है। दलित उपन्यासों में सामाजिक स्थिति का पता चलता है। दलित उपन्यास भीमराव अंबेडकर के मौलिक विचार प्रभावित है। दलित उपन्यासों में कल्पना का समावेश नहीं होतीहै। क्रम संख्या दलित उपन्यास उपन्यासकार 1. छप्पर (1997) जयप्रकाश कर्दम ...
Read More »दलित आत्मकथा और आत्मकथा कार(dalit aatmakatha aur aatmakathakar)
🌺दलित आत्मकथा🌺 • दलित आत्मकथा की शुरुआत :- आत्मकथ्य से (रचयिता -भीमराव अंबेडकर, 1956में ,जनता पत्र नागपुर से ) • दलित आत्मकथा के संदर्भ में आत्मकथा शब्द के लिए आत्मवृत्त,आत्मचरित्र, जीवन गाथा,आत्मकथनस्वकथन एवंस्वचरित शब्दों का प्रयोग किया जाता है। • मोहनदास नैमिशराय अपनी कृति ‘अपने अपने पिंजरे को’आत्मकथा के बजाय आत्मवृत्त मानते हैं। 🌺 दलित आत्मकथा की ...
Read More »दलित साहित्य से संबंधित आलोचनात्मक रचनाएँ(dalit sahity se sambandhit aalochanatmak rachanaen)
🌺दलित साहित्य से संबंधित आलोचनात्मक रचनाएँ 🌺 ◆ कंवल भारती :- √ दलित विमर्श की भूमिका √ दिल और धम्म विजय ◆ माताप्रसाद :- अंतहीन बेड़िया ◆ डॉ धर्मवीर :- √ कबीर सूत न कपास √ अशोक बनाम वाजपेयी √ प्रेमचंद सामंत का मुंशी √ कबीर बाज भी कपोत भी, पपीहा भी ◆ जयप्रकाश कर्दम ...
Read More »प्रमुख दलित रचनाकार(pramukh dalit rachanakar)
🌺प्रमुख दलित रचनाकार 🌺 1. ओम प्रकाश वाल्मीकि:- ● जन्म:- 30 जून, 1950 ई. ,बरला मुजफ्फर नगर ● मृत्यु :- 7 नवंबर 2013 ई. ,देहरादून ● रचनाएँ:- ★ काव्य संग्रह:- √ सदियों का संताप (1989 ई.) √ बस बहुत हो चूका वाल्मीकि (1997 ई.) √ अब और नहीं (2009 ई.) ★ कहानी संग्रह: √ सलाम (2000 ई.) ...
Read More »UGC NET EXAM में आये हुये स्थापना और तर्क – 3
🌺UGC NET EXAM में आये हुये स्थापना और तर्क – 3🌺 ◆ विरुद्धों का सामंजस्य कर्मक्षेत्र का सौंदर्य है जिसकी ओर आकर्षित हुए बिना मनुष्य का हृदय नहीं रह सकता। ● विरुद्धों का सामंजस्य चमत्कृत करता है और यही लोकधर्म का सौंदर्य है। ◆ काव्य के संदर्भ में ‘काव्यानुभूति’,’रसानुभूति’ और ‘सौंदर्यानुभूति’ ...
Read More »UGC NET EXAM में आये हुये स्थापना और तर्क – 2
🌺UGC NET EXAM में आये हुये स्थापना और तर्क – 2🌺 ◆ प्रेमचन्द यथार्थवाद से आदर्शवाद को श्रेष्ठ समझते थे क्योंकि आदर्शवाद उनकी दृष्टि में सम्पूर्ण जीवन-दृष्टि नही थी। प्रेमचन्द्र आदर्शोन्मुखी यथार्थवादी रचनाकार हैं। ◆ बिम्ब (प्रतीक) में अर्थ की सम्भावना निहित होती है परन्तु अर्थ हमेशा निश्चित नहीं होता है। ◆ कहानी छोटे मुँह ...
Read More »UGC NET EXAM में आये हुये स्थापना और तर्क – 1
🌺UGC NET EXAM में आये हुये स्थापना और तर्क🌺 ◆ नई आलोचना का केन्द्र बिन्दु-तनाव की स्थिति की परख और सौंदर्य की खोज है। क्योंकि नई आलोचना कविता को शब्द प्रतिभा मानती है। ◆ आधुनिकतावाद वर्तमान की स्वीकृति और समीक्षा के नये सोपानों को स्थापित करता है। ◆ क्रोध विवेक का शत्रु है क्योंकि क्रोध विवेक को नष्ट ...
Read More »रामचरण का जीवन परिचय(Ramcharan ka jeevan parichay)
🌺 रामचरण का जीवन परिचय 🌺 * रामसनेही मत के संस्थापक थे * इनका जन्म संवत 1718 में सूर्य सेन जयपुर में हुआ था * रामसनेही मत के मूर्ति पूजा के लिए प्रस्थान नहीं है * नहीं मत में दिन में नमाज की तरह 55 निराकार ईश्वर की आराधना होती है * नहीं मत में जाति बंधन भी नहीं है ...
Read More »कमाल का जीवन परिचय(kamal ka jeevan parichay)
🌺कमाल का जीवन परिचय🌺 * कमाल को कबीर साहब के पुत्र बताए जाते हैं यह प्रसिद्ध है कि जब उनसे कबीर संपदा की स्थापना की बात कही गई थी तू वह राजी नहीं हुए और करीब कबीर के अनुयाई चलो ने ...
Read More »संत लालदास का जीवन परिचय(Saint Laldas ka jeevan parichay)
🌺संत लालदास का जीवन परिचय🌺 *लाल पंथ के प्रवर्तक संत लालदास 1540 – 1648 * इनका जन्म अलवर राज्य के ग्राम डोली धूप में एक मुसलमान परिवार में हुआ * अपने स्थान को त्याग कर रामगढ़ प्रग्ने में स्थित बारदोली में निवास करने लगे और जनता की सेवा में खो गए * दृष्टा द्वारा तीन पीड़ित ...
Read More »सींगा का जीवन परिचय(seenga ka jeevan parichay)
🌺सींगा का जीवन परिचय🌺 * इनका जन्म मध्य भारत की रियासत बड़वानी के खजूर गांव में एक सवाल परिवार में हुआ * बाल्यावस्था से ही वह संस्था से विरत रहे थे * इनकी निर्गुण ब्रह्म संबंधी धारणा संत कबीर कीमत ब्रह्म विषय कल्पना से बहुत कुछ सामने रखती है * इनकी ने इनके द्वारा विरचित पदों की संख्या 800 बताई ...
Read More »हरिदास निरंजनी का जीवन परिचय(Haridas Niranjani ka jeevan parichay)
🌺हरिदास निरंजनी का जीवन परिचय🌺 * संत हरिजन निरंजन संप्रदाय के कवि * इनका मूल स्त्रोत नाथ पंथ * साधना क्षेत्र में इस संप्रदाय को नाथ पंथ एवं संतमत की मध्यवर्ती कड़ी कहा जा सकता है * निरंजन संपदा के प्राचीनतम संप्रदायिक * जिसका प्रभाव उड़ीसा प्रांत में किसी ना किसी रूप में आज तक विद्यमान है 👉 पढ़ना जारी ...
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