💐माटी की मूरतें(रामवृक्ष बेनीपुरी) 💐 ◆ श्रीरामवृक्ष बेनीपुरी के विचार :- ● किसी बड़ या पीपल के पेड़ के नीचे, चबूतरे पर कुछ मूरतें रखी हैं- माटी की मूरतें! ● माटी की मूरतें न इनमें कोई खूबसूरती है, न रंगीनी। ● बौद्ध या ग्रीक रोमन मूर्तियों के हम शैदाई यदि उनमें कोई ...
Read More »Author Archives: Puran Mal Kumhar
संस्कृति और सौन्दर्य निबंध(sanskriti aur saundarya nibandh)
💐 संस्कृति और सौंदर्य (डॉ.नामवर सिंह)💐 ◆ प्रकाशन :- 1982ई. ,दुसरा परंपरा की खोज संग्रह से ◆ भारतीय संस्कृति का एक अध्याय :- अशोक के फूल (निबंध, हजारीप्रसाद द्विवेदी कृति) ◆ भारतीय संस्कृति के अध्याय का अनंगलेख पढ़नेवाले हिंदी में पहले व्यक्ति हैं :- हजारीप्रसाद द्विवेदी। ◆ पहली बार द्विवेदीजी को यह अनुभव हुआ कि ‘एक-एक फूल, एक-एक पशु, एक-एक ...
Read More »उठ जाग मुसाफिर निबंध(uth jaag musaaphir nibandh)
💐 उठ जाग मुसाफिर निबंध (विवेकीराय)💐 ◆ प्रकाशन :- 2012 ई. उठ जाग मुसाफिर निबंध संग्रह से। ◆ पिछली बार गया तो एक सवाल खड़ा मिला, ‘आपने इतना बड़ा पुस्तकालय गाँव में खड़ा तो कर दिया पर कोई पुस्तक पढ़नेवाला नहीं रहा तो उसका क्या होगा ?’ ◆ प्रश्न सुनकर मास्टर साहब अर्थात् जगदीश बाबू का चिरपरिचित मुक्तहास बिखर गया ...
Read More »उत्तरी फाल्गुनी के आस – पास निबंध (uttara phalguni ke aas paas nibandh)
💐उत्तराफाल्गुनी के आसपास(कुबेरनाथ राय) 💐 ◆ ललित निबंध ◆ वर्षा ऋतु की अंतिम नक्षत्र है :- उत्तराफाल्गुनी। ◆ हमारे जीवन में गदह-पचीसी सावन- मनभावन है, बड़ी मौज रहती है। * गदह-पचीसी का अर्थ :- गधा-पचीसी * गधा-पचीसी का अर्थ :-अज्ञानता की स्थिति, बेसिर पैर की बातें करना, अर्थहीन बातें करना। ◆ 27 वे साल में आते ही :- घनघोर भाद्रपद ...
Read More »मजदूरी और प्रेम निबंध(majduri aur prem nibandh)
💐 मजदूरी और प्रेम (सरदार पूर्ण सिंह) 💐 1. हल चलाने वाले का जीवन 2. गड़रिये का जीवन 3. मजदूर की मजदूरी 4. प्रेम-मजदूरी 5. मजदूरी और कला 6. मजदूरी और फकीरी 7. समाज का पालन करने वाली दूध की धारा 8. पश्चिमी सभ्यता का एक नया आदर्श 💐💐 1. हल चलाने वाले का जीवन 💐 ...
Read More »मेरे राम का मुकुट भीग रहा है निबंध(mere ram ka mukut bheeg raha hai niband)
💐 मेरे राम का मुकुट भीग रहा है 💐 ◆ ललित निबंधकार :- विद्यानिवास मिश्र ◆ प्रकाशन :- 1974 ई. ◆ ललित निबंध ◆ आकाश के नीचे भी खुलकर सांस लेने की जगह की कमी, जिस काम में लगकर मुक्ति पाना चाहता हूं। ◆ दिन ऐसे बीतते हैं, जैसे भूतों के सपनों की एक रील पर दूसरी रील चढ़ा ...
Read More »शिवमूर्ति निबंध(Shivmurti nibandh) प्रतापनारायण मिश्र
💐‘शिव मूर्ति’निबंध 💐 【प्रतापनारायण मिश्र 】 ◆ ग्रामदेव :- भगवान भूतनाथ ( अकथ्य ,अप्रतर्क्य एवं अचिन्त्य) ◆ भगवान भूतनाथ की सभी बातें सत्य हैं, अतः उनके विषय में जो कुछ कहा जाये सब सत्य है मनुष्य की भांति वे नाड़ी आदि बंधन से बद्ध नहीं हैं। ◆ भगवान भूतनाथ निराकार और प्रेम दृष्टि से हृदय मन्दिर में उनका ...
Read More »भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है निबंध, भारतेंदु हरिश्चंद्र(bhaaratavarshonnati kaise ho sakata)
💐भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है 💐 【भारतेंदु हरिश्चंद्र】 ◆ प्रकाशन :- 3 दिसंबर 1884ई. हरिश्चंद्र चन्द्रिका पत्रिका में ◆ छोटे से नगर बलिया में लेखक इतने मनुष्यों को एक बड़े उत्साह से एक स्थान पर देखते हैं। ◆ अभागे आलसी देश :- भारत देश को कहां है ◆ बलिया में जो कुछ लेखक ने देखा वह बहुत ही ...
Read More »दिल्ली दरबार दर्पण निबंध, भारतेन्दु हरिश्चंद्र(dilli darbar darpan nibandh)
💐 दिल्ली दरबार दर्पण 💐 ◆ निबंधकार – भारतेंदु हरिश्चंद्र ◆ इस निबंध में 1877 ई. में लगे दिल्ली दरबार का वर्णन मिलता है। ◆ यहाँ भारतेंदु की राजभक्ति और देशभक्ति की मिश्रित भावना देखी जा सकती है। ◆ बड़े शासनाधिकारी राजाओं को :- एक रेशमी झड़ा और सोने का तगमा मिला। ...
Read More »तमस उपन्यास के महत्वपूर्ण कथन (tamas upanyas ke mahatvpurn kathan)
💐 तमस उपन्यास 💐 ◆ रचयिता :- भीष्म साहनी ◆ प्रकाशन :- 1973 ◆ दो खण्डों में विभाजित ◆ यह उपन्यास विभाजन कालीन दंगों तथा उसके पीछे कार्य कर रही अंग्रेजों की नीति ‘फूट डालो और राज्य करो का पर्दाफाश करता है। ◆ केन्द्र स्थल :- तत्कालीन पंजाब के पश्चिमी भाग( ...
Read More »तमस उपन्यास के पात्रों का परिचय(tamas upanyaas ke paatron ka parichay)
💐 तमस उपन्यास 💐 ◆ रचयिता :- भीष्म साहनी ◆ प्रकाशन :- 1973 ◆ दो खण्डों में विभाजित ◆ यह उपन्यास विभाजन कालीन दंगों तथा उसके पीछे कार्य कर रही अंग्रेजों की नीति ‘फूट डालो और राज्य करो का पर्दाफाश करता है। ◆ केन्द्र स्थल :- तत्कालीन पंजाब के पश्चिमी भाग( मुसलमानों का बाहुल्य स्थल।) ◆ उपन्यास में सिर्फ पाँच ...
Read More »तमस उपन्यास का सारांश(tamas upanyas ka saransh)
💐 तमस उपन्यास 💐 ◆ रचयिता :- भीष्म साहनी ◆ प्रकाशन :- 1973 ◆ दो खण्डों में विभाजित ◆ यह उपन्यास विभाजन कालीन दंगों तथा उसके पीछे कार्य कर रही अंग्रेजों की नीति ‘फूट डालो और राज्य करो का पर्दाफाश करता है। ◆ केन्द्र स्थल :- तत्कालीन पंजाब के पश्चिमी भाग( ...
Read More »लौकिक – श्रृंगारिक साहित्य(laukik shrrngarik sahity)
1. संदेश रासक • रचयिता :- अब्दुल रहमान/अद्दहमाण • अब्दुल रहमान का परिचय :- ◆ मीरसेन आरद्द का पुत्र ◆ स्थान :- मिच्छदेस (म्लेच्छ)[पश्चिमी पाकिस्तान] ◆ मुल्तान निवासी( नाथूराम प्रेमी के अनुसार) ◆ जाति :- जुलाहा ◆ समय :- 11वीं शताब्दी का कवि (राहुल सांस्कृत्यायन के अनुसार) ◆ 12वीं सदी के प्रथम मुस्लिम लेखक ...
Read More »अजपा जप(ajapa japa) शब्द का अर्थ और विवेचन
💐अजपा जप💐 ” आध्यात्मिक मार्ग में ईश्वर के किसी भी नाम का ध्यानपूर्वक निरंतर रटन करना ” जप या जाप ” कहलाता है जाप तीन प्रकार के होते है 1 – वाचिक जाप ( बोल कर जपना जिसे दूसरे लोग भी सुन सकते है 2 – उपांशु जाप ( होठ हिले पर दूसरे लोग ...
Read More »‘स्पीति में बारिश’ यात्रावृत्तांत (speeti mein barish yatravrttant)
💐💐 स्पीति में बारिश 💐💐 ◆ ‘स्पीति में बारिश’ यात्रावृत्तांत के रचयिता :-कृष्णनाथ ◆ स्पीति स्थान अपनी भौगोलिक एवं प्राकृतिक विशेषताओं के कारण अन्य पर्वतीय स्थलों से भिन्न है। लेखक ने इस पाठ मे स्पीति की जनसंख्या ऋतु फसल, जलवायु तथा भूगोल का वर्णन किया है जो परस्पर एक- दुसरे संबंधित है। ◆ इस यात्रावृत्तांत में ...
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