Author Archives: Puran Mal Kumhar

भारत भूषण का जीवन परिचय(Bharat Bhushan ka jeevan parichay)

🌺भारत भूषण का जीवन परिचय🌺   ◆ जन्म :- 8 जुलाई 1929 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में   ◆ मृत्यु :- 17 दिसंबर 2011   ◆ इनका पहला गीत संग्रह :- ‘सागर के समीप'(1958)   ◆ दुसरा गीत संग्रह:- ‘ये असंगति'(1993 में )   ◆तीसरा गीत संग्रह:- मेरे ‘चुनिंदा गीत’ (2008 में ) हुए।   ◆ प्रमुख गीत :- ...

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केदारनाथ सिंह का जीवन परिचय(Kedarnath Singh ka jeevan parichay)

🌺केदारनाथ सिंह का जीवन परिचय🌺   ◆ जन्म :7 जुलाई 1934 चकिया गाँव ,बलिया, उत्तर प्रदेश   ◆ निधन :19 मार्च 2018 , नई दिल्ली, दिल्ली   ◆ उन्होंने अपना शोध ग्रंथ ‘आधुनिक हिंदी कविता में बिंब विधान’ आचार्य हज़ारी प्रसाद द्विवेदी के मार्गदर्शन में पूरा किया। उन्हीं की प्रेरणा से उन्होंने बांग्ला सीखी और रवींद्रनाथ टैगोर के बांग्ला साहित्य को पढ़ने का प्रयास किया। ...

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भारतेन्दु हरिश्चंद्र की पत्रिका(Bhartendu Harishchandra ki patrika)

🌺भारतेन्दु हरिश्चंद्र की पत्रिका🌺 (1) कविवचन सुधा- 1868 ई. (मासिक, पाक्षिक तथा बाद में साप्ताहिक)   (2) हरिश्चन्द्र चन्द्रिका – 1873 ई. (मासिक, पूर्व के आठ अंकों का प्रकाशन हरिश्चन्द्र मैगजीन नाम से)   (3) बाला बोधिनी- 1874 ई. (स्त्री शिक्षा से संबंधित मासिक पत्रिका) 👉 पढ़ना जारी रखने के लिए यहाँ क्लिक करे। 👉 Pdf नोट्स लेने के लिए ...

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भारतेंदु हरिश्चन्द्र के मौलिक नाटक (Bhartendu Harishchandra ke maulik natak )

🌺भारतेंदु हरिश्चन्द्र के मौलिक नाटक🌺   (1) प्रवास (1868 ई.)   (2) वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति (1873 ई)   (3) सत्य हरिश्चंद्र (1875 ई.)   (4) प्रेमजोगिनी (1875 ई.)   (5) विषस्य विषमौवधम् (1876 ई.)   (6) श्रीचन्द्रवली (1876 ई.)   (7) भारत जननी ( 1877 ई.)   (8) भारत दुर्दशा (1880 ई.)   (9) नील देवी (1881 ई.) ...

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भारतेंदु हरिश्चन्द्र के अनुदित नाटक (Bhartendu Harishchandra ke anudit natak )

🌺भारतेंदु हरिश्चन्द्र के अनुदित नाटक 🌺 (1) विद्या सुंदर (1868 ई.)- यतीन्द्रमोहन के बंगला नाटक का अनुवाद   (2) पाखंड विडंबन (1872 ई.)- कृष्ण मिश्र के ‘प्रबोधचन्द्रोदय’ के तृतीय अंक का अनुवाद   (3) धनजंय विजय ( 1873 ई.)- कांचन कवि के नाटक का अनुवाद   (4) कर्पूर मंजरी (1875 ई.)- राजशेखर कवि के प्राकृत भाषा की रचना का अनुवाद ...

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जगदीश चंद्र माथुर का कोणार्क नाटक (Jagdish Chandra Mathur ka konark natak)

🌺 कोणार्क नाटक 🌺 “कोणार्क” नाटक की कहानी 13वीं शताब्दी के ओडिशा (तत्कालीन उत्कल) में स्थापित है, जहाँ राजा नरसिंहदेव ने सूर्य मंदिर का निर्माण करवाया था। नाटक का प्रमुख कथानक इस मंदिर के निर्माण के समय की घटनाओं पर केंद्रित है। ◆ नाटककार :- जगदीशचंद्र माथुर   ◆ प्रकाशन- 1951   ◆ अंक – 3   ◆ पात्र ● ...

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जगदीश चंद्र माथुर के उपन्यास (Jagdish Chandra Mathur ke upanyas aur natak)

🌺 जगदीश चंद्र माथुर की रचनाएँ 🌺   ◆ उपन्यास :- ● यादों का पहाड़   ● आधा पुल   ● मुठ्ठी भर कांकर   ● कभी न छोड़ें खेत   ● धरती धन न अपना   ◆ नाटक :- ● भोर का तारा (1946 ई.)   ● कोणार्क (1951 ई.)   ● ओ मेरे सपने (1950 ई.)   ● ...

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पत्रकारिता का स्वरूप(patrakarita ka svaroop)

🌺पत्रकारिता का स्वरूप🌺 पत्रकारिता का स्वरूप समय के साथ बदलता रहा है, लेकिन इसके मूल सिद्धांत और उद्देश्य लगभग एक जैसे ही बने रहे हैं। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है सूचना का संकलन, विश्लेषण, और प्रसार, जिससे समाज को जागरूक और सूचित रखा जा सके। यहाँ पत्रकारिता के स्वरूप के विभिन्न पहलुओं का विवरण दिया गया है:   🌺प्रकार प्रिंट ...

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विश्व और भारत सर्वप्रथम समाचार पत्र(world and india first newspaper)

🌺विश्व और भारत सर्वप्रथम समाचार पत्र🌺   ◆ मुद्रण यंत्र का आविष्कार सर्वप्रथम :- चीन में   ◆ पहला समाचार पत्र :- पैकिंग ( चीन मे, दैनिक पत्र, 1340 ई. में)   ◆ आधुनिक पत्रकारिता का जनक :- चीन   ◆ आधुनिक पत्रकारिता का आरंभ (क्रमशः) :- चीन – इटली- जर्मनी – हालैण्ड – फ्रांस – ब्रिटेन – भारत   ...

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हिन्दी भाषा का सर्वप्रथम समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ (hindi bhasha ka sarvapratham samachar patr udant martand)

🌺हिन्दी भाषा का सर्वप्रथम समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’🌺 * उदन्त मार्तण्ड’ का हिंदी में शाब्दिक अर्थ होता है- उगता सूरज। इस अखबार की शुरुआत कलकत्ता के बड़ा बाजार के पास 27,अमर तल्ला लेन, कोलूटोला में शुरू हुआ था। उस वक्त अंग्रेजी फारसी और बांग्ला भाषा में पहले से कई अखबार-मैगजीन निकलते थे लेकिन हिंदी में एक भी समाचार पत्र नहीं ...

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मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय(Munshi Premchand ka jeevan parichay)

🌺मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय 🌺   ◆ जन्म :- 31 जुलाई 1880 में वाराणसी जिले के लमही ग्राम में   ◆ मृत्यु :- 8 अक्तूबर 1936, वाराणसी   ◆ पिता का नाम :- अजायब लाल   ◆ माता का नाम :- आनन्दी देवी   ◆ प्रेमचंद के उपनाम :- ★ ‘धनपतराय’ (जन्म – पत्री का नाम)   ★ ‘नवाबराय’ (चाचा ताऊ ...

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‘झीनी-झीनी बीनी चदरिया’ कबीरदास का पद और अब्दुल बिस्मिल्लाह का बहुचर्चित उपन्यास

🌺’झीनी-झीनी बीनी चदरिया’ कबीरदास का पद और अब्दुल बिस्मिल्लाह का बहुचर्चित उपन्यास🌺  झीनी-झीनी बीनी चदरिया, काहे कै ताना, काहै कै भरनी, कौन तार से बीनी चदरिया। इंगला पिंगला ताना भरनी, सुखमन तार से बीनी चदरिया॥ आठ कँवल दल चरखा डोलै, पाँच तत्त गुन तीनी चदरिया। साँई को सियत मास दस लागै, ठोक-ठोक कै बीनी चदरिया॥ सो चादर सुर नर मुनि ...

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हिंदी का सबसे उद्दण्ड:- कवि बेताल बंदीजन

🌺 मिश्र बंधुओं ने कवि बेताल बंदीजन को हिंदी का सबसे उद्दण्ड कवि क्यों कहा? 👉 बेताल बंदीजन बड़ी सबल कविता की है ऐसी उद्दंड कविता हिंदी में कोई भी नहीं कर सकता है। गोरेलाल (उपनाम लाल।कवि) के बराबर के उत्तम कविता में उद्दंडता लाने में कोई भी कवि समर्थ नहीं हुआ है। भूषण, हरिकेश, शेखर और लाल कवि यह ...

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मिश्रबन्धुओं ने केशवदास को हिंदी का मिल्टन कहा

🌺 मिश्रबन्धुओं ने केशवदास को हिंदी का मिल्टन क्यो कहा? 👉 क्योंकि मिल्टन और केशवदास दोनों में काफी समानता थी। केशवदास संस्कृत छोड़ कर हिन्दी काव्य करने में कुछ लज्जा – सी बोध करते थे , वैसे ही मिल्टन लैटिन त्याग कर अंग्रेजी में ग्रंथ रचना करने में न्यूनता आवश्यक समझते थे। इन दोनों की अवस्था भी प्रायः बराबर थी। ...

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पुरस्कारों की शुरूआत(puraskaaron ki shurooat)

🌺पुरस्कारों की शुरूआत 🌺 ◆ 1901 :- नोबेल पुरस्कार   ◆ 1917 :- पुलित्जर पुरस्कार   ◆ 1929 :- ऑस्कर अवार्ड   ◆ 1952 :- कलिंग पुरस्कार   ◆ 1954 :- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार   ◆ 1954 :- भारत रत्न   ◆ 1955 :- साहित्य अकादमी पुरस्कार   ◆ 1957 :- रेमन मैग्सेसे पुरस्कार   ◆ 1958 :- शांति स्वरूप ...

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