?? भारत दुर्दशा ?? ◆ नाटककार :- भारतेन्दु हरिश्चंद्र ◆ प्रकाशन :-1880 ई. में ◆ यह एक नाट्यरासक ◆ शैली :- प्रतीकात्मक व्यंग्यात्मक ◆ अंक :- 6 अंक ◆ यह नाटक भारत की तत्कालीन यथार्थ दशा से परिचित करता है। ◆ हिंदी का पहला राजनीतिक नाटक ◆ नाटक के पात्र :- 1. भारत दुदैव (देश का विनाश का मूल,आधा किस्तानी ...
Read More »नेट की गद्य व पद्य रचनाए
अंधेर नगरी नाटक (Andher Nagri Natak)
?? अंधेर नगरी ?? ◆ नाटककार :- भारतेंदु हरिश्चन्द्र ◆ प्रकाशन :- 1881 ई. ◆ शैली:- हास्य-व्यंग्य ◆ एक प्रकार का प्रहसन ◆ अंक :- 6 अंक ◆ आधार नाटक की रचना बिहार के रजवाड़े की गई है। ◆ लेखक ने इस नाटक को एक ही रात में लिखकर पूरा किया। ◆ ‘हिन्दू नेशनल थिएटर’ नामक एक रंग संस्था में ...
Read More »महाभोज नाटक (Mahabhoj Natak)
?? महाभोज नाटक ?? ◆ सर्वप्रथम उपन्यास के रूप 1979 ई. में प्रकाशित हुआ। ◆ फिर महाभोज उपन्यास को नाटक के रूप में 1983 ई. में प्रकाशित किया गया। ◆ महाभोज नाटक का कथानक 1977 ई. में घटित बिहार के पटना जिले का बेलछी नरसंहार है। ◆ कुल दृश्य :- 11 दृश्य ( अंक नही है, दृश्यों में विभाजित है।) ...
Read More »बकरी नाटक (Bakri Natak)
?? बकरी नाटक ?? ◆ नाटककार :- सर्वेश्वर दयाल सक्सेना ◆ प्रकाशन :- 1974 ई. ◆ एक प्रतीक नाटक ◆ अंक:- दो अंक ◆ दृश्य :- 6 दृश्य ( प्रत्येक अंक में 3 दृश्य) ★ नाटक की शैली:- प्रतीकात्मक और व्यंग्यात्मक ◆ बकरी गरीब जनता का प्रतीक है। ◆ नाटक के पात्रः- 1. नट और नटी 2. भिश्ती 3. ...
Read More »एक और द्रोणाचार्य नाटक( Ek Aur Dronacharya Natak)
?? एक और द्रोणाचार्य ?? ◆ नाटककार :- शंकर शेष ◆ प्रकाशन :- 1977ई. ◆ अंक :- 2 अंक ◆ कुल दृश्य :- 11 दृश्य ◆ कुल पात्र :- 26 (आधुनिक पात्र -11 – पौराणिक पात्र- 11, अप्रत्यक्ष पात्र -4) ◆ प्रस्तुत नाटक दो भागों में विभाजित किया गया है। ★ पूर्वार्ध (चार दृश्य) ★ उत्तरार्ध (सात दृश्य) ◆ कलकत्ता ...
Read More »अंधायुग नाटक (Andhayug Natak)
?? अंधायुग नाटक ?? ◆ नाटककार :- धर्मवीर भारती ◆ प्रकाशन :- 1955 ई. ◆ गीति नाट्य / काव्य नाटक ◆ अंक :- 5 अंक ◆ नाटक 8 भागों में विभक्त √ स्थापना √ प्रथम अंक :- कौरवी नगरी √ दूसरा अंक :- पशु का उदय √ तृतीय अंक :- अश्वत्थामा का अर्द्धसत्य √ अन्तराल :- पंख, पहिये और ...
Read More »ध्रुवस्वामिनी नाटक(dhruvswamini natak)
?? ध्रुवस्वामिनी (नाटक)?? ◆ प्रकाशन -: 1933 ई. ◆ अंक :- 3 अंक ◆ दृश्य :- 3 दृश्य( प्रत्येक अंक में एक दृश्य) ◆ नाटक में गीत :- चार ◆ नाटक की नायिका :- ध्रुवस्वामिनी ◆ जयशंकर प्रसाद का यह अंतिम नाटक हैं। ◆ ऐतिहासिक नाटक ◆ नाटक का कथानक गुप्तकाल से सम्बद्ध और शोध द्वारा इतिहाससम्मत है। ◆ ...
Read More »स्कन्दगुप्त नाटक (Skandagupt natak)
?? स्कंदगुप्त नाटक ?? ◆ प्रकाशन :- 1928 ई. ◆ जयशंकर प्रसाद की सबसे प्रौढ़ रचना है। ◆ आलोचकों ने प्रसाद के इस नाटक को शास्त्रीय दृष्टि से उत्तम माना है। ◆ 140 पृष्ठ का नाटक ◆ अंक :- पाँच अंक ◆ शेक्सपियर के नाटकों में भी पाँच अंकों की परम्परा मिलती हैं। ◆ कुल दृश्य :- 33 दृश्य(इसके पाँच ...
Read More »चन्द्रगुप्त नाटक (chandragupta natak)
?? चन्द्रगुप्त (नाटक) ?? ◆ प्रकाशन :- 1931ई. ◆ रचियता :- जयशंकर प्रसाद ◆ अकं – चार अंक में ◆ चारों अंकों में कुल दृश्य :- 44 दृश्य(क्रमशः 11,10,9,14) ◆ कुल पात्र :- 35( 24 पुरुष और 11स्त्री पात्र) ◆ इतिहास की तीन घटनाएँ :- अलक्षेद्र का आक्रमण, नंदकुल की पराजय और सिल्यूकस का पराभव। ◆ नाटक का आधार ...
Read More »UGC NET EXAM में आयी हुई हिन्दी के कवियों की पंक्तियां – 3
201. पुस्तक जल्हण हाथ दे चेलि गज्जन नृपकाज – चन्दबरदाई (पृथ्वीराज रासो) 202. हो जाने दे गर्क नशे से,मत पड़ने दो फर्क नशे में। बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ 203. यौवन की इस मधुशाला में प्यासों का ही स्थान प्रिये। – भगवती चरण वर्मा(तुम अपनी हो, जग अपना है रचना से) 204. सावधान, मनुष्य! यदि विज्ञान है तलवार, तो इसे फेंक, तज ...
Read More »UGC NET EXAM में आयी हुई हिन्दी के कवियों की पंक्तियां – 2
101. ढलमल – ढलमल चंचल अंतल झलमल झलमल तार जाल मलमल तारा – मैथलीशरण गुप्त (नदिया की धारा का वर्णन, साकेत से) 102. बहु बीती थोरी रही खोऊ बीती जाय । – ध्रुवदास 103. जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि है मैं नहिं – कबीर दास 104. राम को रूप निहारत जानकी, कंकन के नग की परछाही । ...
Read More »UGC NET EXAM में आयी हुई हिन्दी के कवियों की पंक्तियां – 1
1. डूबत भारत नाथ बेगि जागो अब जागो। – भारतेंदु( प्रबोधिनी कविता से) 2. कहाँ करुणानिधि केशव सोये – भारतेंदु 3. हम भारत भारतवासिन पै अब दीनदयाल दया करिए। – प्रताप नारायण मिश्र 4. अपने या प्यारे भारत के पुनीत दुख दारिदे हरिए। – राधाकृष्ण दास (विनीत कविता से) 5. आजु लौ न मिले तो कहां हम तो तुमहे सब ...
Read More »अंधेरे में कविता का सारांश(kavita mein kavita ka saraansh)
• रचयिता :- मुक्तिबोध • लंबी कविता • मुक्तिबोध की अंतिम कविता • लिखी गयी :- 1952 से 1962 के बीच, अंतिम संशोधन 1962 में • पहला प्रकाशन :- आशंका के द्वीप अंधेरे में, शीर्षक से कल्पना पत्रिका में, नवंबर 1964 में • काव्य नायक (दो नायक) :- (1.) काव्य नायक :- में (2.) स्वप्न का नायक :- अन्य • ...
Read More »महाभोज उपन्यास का सारांश ,पात्र परिचय और कथन(mahabhoj upanyas ka saraansh, patr parichay aur kathan)
• प्रकाशन :- 1979 ई. • 9 परिच्छेदों में • कुल पृष्ठ :- 183 • कुल पात्र:- 35 • राजनीतिक पृष्ठभूमि पर आधारित उपन्यास • 1976 ई.के चुनाव पद्धतियों पर आधारित उपन्यास • महाभोज उपन्यास के बीज मन्नू भंडारी की ‘अलगाव'[त्रिशंकु,1978 ई. कहानी संग्रह में] कहानी में विद्यमान है। • मन्नु भंडारी ने महाभोज उपन्यास का नाटक रूपांतरित(1983ई.) भी किया। ...
Read More »गैंग्रीन / रोज़ कहानी(gaingreen/roz kahani)
• कथाकार :- अज्ञेय • कहानी का संकलन :- विपथगा कहानी संग्रह में • प्रकाशन :- 1990 में, (नेशनल पब्लिशिंग हॉउस, दिल्ली से ) • इस कहानी सर्वप्रथम गैंग्रीन नाम से प्रकाशित हुआ लेकिन बाद में इसका शीर्षक बदलकर रोज़ कर दिया। • कहानी तीन भागों में ★ प्रथम भाग में :- मालती की बाह्य स्थिति ★ दूसरे भाग में :- मालती के मनः स्थिति का चित्रण ★ ...
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