डॉ. भीमराव अम्बेडकर का जीवन परिचय
◆ जन्म :- 14 अप्रैल 1891 ई. में मऊ (रत्नागिरी जिले में इन्दौर के निकट, मध्य प्रदेश स्थित )
◆ दादा का नाम :- मोलाजी सकपाल (जो ब्रिटिश सेना में एक सिपाही थे।)
◆ पिता का नाम :- रामजी सकपाल(फौज में सूबेदार,【मृत्यु -1913】
◆ माता का नाम :- भीमा बाई (मेजर धर्मा की बेटी )【मृत्यु -1897,इस समय अम्बेडकर 6 वर्ष के थे】
◆ सौतेली माता का नाम :- जीजाबाई (अम्बेडकर की नही बनती थी)
◆ लालन-पालन :- मीराबाई (अम्बेडकर की बुआ)
◆ दो भाई :- आनंदराव एवं बसंतराव
◆ दो बहनें :- मंजुला एवं तुलसी
◆ पहली पत्नी का नाम :- रमाबाई
★ भीकू धुत्रे की पुत्री
★ विवाह :-1906 ई.
★ अम्बेडकर जी प्यार से “रामू” कहा करते थे।
★ मृत्यु:- मई 1935 ई.
◆ दुसरी पत्नी का नाम :- शारदा कबीर[ सविता अम्बेडकर]
(विवाह-)
◆ पुत्र का नाम :- यशवन्तराव(रमाबाई के पुत्र,जन्म -1912)
◆ पैतृक गाँव :- महाराष्ट्र के रत्नगिरि जिले में दापोली तालुके में स्थित अम्बावडे नामक गाँव
◆ अम्बेडकर का पूरा नाम :- भीमराव रामजी राव अम्बेडकर
★ भीम (उनकी माता के नाम लिया गया।)
★ रामजी (उनके पिता के नाम लिया गया)
★ अम्बेडकर (अपने गाँव अम्बावड़े के नाम से )
◆ गवर्नमेन्ट वर्नाकुलकर हाई स्कूल सतारा में प्रवेश।(नवम्बर 1900 में )
◆ बम्बई यूनिवर्सिटी से मैट्रिक पास किया।
◆ एल्फेन्स्टन कॉलेज बम्बई से स्नातक की परीक्षा (फारसी और अंग्रेजी विषय से)
◆ न्यूयार्क विश्वविद्यालय कोलम्बिया में गायकवाड़ छात्रवृत्ति प्राप्त की।
◆ स्नातकोत्तर परीक्षा पास की :- अर्थशास्त्र, समाज शास्त्र, इतिहास, दर्शनशास्त्र, मानवशास्त्र तथा राजनीति विषय में(1915)
◆ पी.एच.डी. की डिग्री प्राप्त करने के लिए नेशनल डिविडेन्ट आफ इन्डिया (एक ऐतिहासिक और विश्लेषणात्मक स्वाध्याय) के शीर्षक में एक थीसिस लिखा ।
◆ स्कूल ऑफ इकोनोमिक्स एण्ड पोलिटिकल साइन्स लन्डन में पी.एच.डी. डिग्री का काम सम्पूर्ण करके कोलम्बिया युनिवर्सिटी को छोडने के पश्चात् ग्रेजुएट विद्यार्थी के तौर पर दाखिला लिया।
◆ कोलम्बिया यूनिवर्सिटी ने पी.एच.डी.की डिग्री प्रदान की।
◆ महाराजा बड़ौदा (गायकवाड़) द्वारा उन्हें मिलिटरी सैक्रेटरी के पद पर इस इरादे से नियुक्त किया गया था कि कुछ समय के अनुभव ग्रहण करने के पश्चात् उन्हें बड़ौदा राज्य का वित्त मंत्री बनाया जाएगा।
◆ पूना पैक्ट(गांधी जी और अम्बेडकर के मध्य )
सितम्बर 1932
◆ महाराष्ट्र एक भाषाई प्रान्त के रूप में” इसे भाषाई प्रान्तीय कमीशन (धर कमीशन) को प्रस्तुत किया। में ड्राफ्टिंग कमेटी के रूप में संविधान असेम्बली में मसौदा प्रस्तुत किया।
◆ नेहरू मंत्रीमंडल से त्याग पत्र
◆ नागपुर में बौद्ध धर्म की दीक्षा ली :- 14 अक्टूबर 1956
◆ संस्थाओं स्थापना :-
1. बहिष्कृत हितकारिणी सभा की स्थापना की। (1924 ई.में)
2. इन्डीपेन्डेन्ट लेबर पार्टी की स्थापना की।
3. आल इन्डिया शैड्यूल्ड कास्ट्स फेडरेशन की स्थापना की।
4. पीपल्स एजुकेशन सोसाइटी की स्थापना की।
5. औरंगावाद में मिलिन्द महाविद्यालय की स्थापना की।
6. भारतीय बौद्ध जनसंघ की स्थापन की।
7. सिद्धार्थ कालेज में कानून विभाग का उद्घाटन
◆ निर्वाचित / नियुक्त :-
1. बम्बई लेजिस्लेटिव असेम्बली में सदस्य (मैम्बर) निर्वाचित हुए।
2. संविधान असेम्बली तौबा ड्रापटिंग) कमेटी के लिए नियुक्त
3. बम्बई के प्रतिनिधि के रूप में राज्य सभा के सदस्य बने ।
4. काठमान्डू में नवबौद्ध के रूप में प्रतिनिधित्व किया
◆ सत्याग्रह :-
1. महाड सत्याग्रह /मीठा पानी तालाब सत्याग्रह【19 मार्च 1927 ई. ,चावदार तालाब में पानी लेने के लेकर 】
2. बंधुआ मजदूर प्रथा के खिलाफ सत्याग्रह 【28 मार्च 1928 को)
3. नासिक में सत्याग्रह 【2 मार्च 1930ई.अछूतों के कालाराम मंदिर प्रवेश अधिकार की प्राप्ति को लेकर】
◆ पुस्तकें :-
1. ब्रिटिश भारत में प्रान्तीय अर्थव्यवस्था का विकास 【प्रकाशन-1925】(भारत में इम्पीरियल फाइनेन्स के प्रान्तीय विकेन्द्रीकरण से संबंधित)
2. अभिभाषण जातिवाद का उच्छेद -1936 (Annilation of caste )
3. फैडरेशन बनाम फ्रीडम( मार्च 1939 में )
4. थॉट्स ऑफ पाकिस्तान (पाकिस्तान की परिकल्पना 1940,यह पुस्तक रमाबाई को समर्पित)
5. पाकिस्तान या भारत का बंटवारा (1945 में)
6. भारत का पोलिटिकल किस का, क्यों और कैसे( 1946 में)
7. मिस्टर गांधी और अछूतों की मुक्ति ( Mr. Gandhi and Emancipation of the untouschables) 8. रानाडे, गान्धी और जिन्ना के अभिभाषण (अप्रैल 1943 में)
9. Emancipation of the untouschables10. बांधी और कांग्रेस ने अछूतों के लिए क्या किया?
11. शूद्र कौन थे
12. एक संयुक्त भारत का आह्वान13. राज्य तथा अल्पसंख्याएँ (स्मरण पत्र )
14. अछूत कौन और कैसे?
15. बुखविनय
◆ पत्रिका :-
1. मूकनायक 【साप्ताहिक पत्र ,मराठीभाषा में, 1920 ई.】
2. बहिष्कृत भारत 【पाक्षिक पत्र ,1927ई.】
3. समता – 1928 ई.4. जनता 【साप्ताहिक पत्र,1930 ई. 】
5. प्रबुद्ध भारत – 1956 ई.
निधन :- अंबेडकर मधुमेह से पीड़ित थे. 6 दिसम्बर 1956 को उनकी मृत्यु दिल्ली में नींद के दौरान उनके घर में हो गई. सन् 1990 में उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया.
1. बाबासाहेब अम्बेडकर का जन्म (Date of Birth)
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तारीख: 14 अप्रैल, 1891
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स्थान: महू (सैन्य छावनी), मध्य प्रदेश।
दिन: आज उनकी 135वीं जयंती मनाई जा रही है।(2026)
2. डॉ. अम्बेडकर: विद्यार्थियों के लिए संक्षिप्त जीवनी (Short Biography)
डॉ. भीमराव अम्बेडकर एक महान भारतीय विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री और समाज सुधारक थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन जातिवाद को खत्म करने और वंचितों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया।
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पूरा नाम: भीमराव रामजी अम्बेडकर।
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उपाधि: बाबासाहेब, आधुनिक भारत के मनु, संविधान के शिल्पी।
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मुख्य नारा: “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो।”
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प्रमुख कार्य: भारतीय संविधान का निर्माण, आरबीआई (RBI) की स्थापना में योगदान, और महिला सशक्तिकरण।
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निधन: 6 दिसंबर, 1956 (महापरिनिर्वाण दिवस)।
3. प्रारंभिक जीवन और संघर्ष (Early Life & Struggle)
बाबासाहेब का प्रारंभिक जीवन संघर्षों की एक लंबी कहानी है, जो हर विद्यार्थी के लिए प्रेरणादायक है:
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जातिगत भेदभाव: वे ‘महार’ जाति से संबंध रखते थे, जिसे उस समय अछूत माना जाता था। स्कूल में उन्हें कक्षा के अंदर बैठने की अनुमति नहीं थी; वे बाहर बोरी बिछाकर बैठते थे।
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पानी का संघर्ष: स्कूल में उन्हें पानी के मटके को छूने की अनुमति नहीं थी। चपरासी ऊपर से उनके हाथों पर पानी डालता था, और जिस दिन चपरासी नहीं आता, उस दिन उन्हें प्यासा रहना पड़ता था।
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पिता का साथ: उनके पिता रामजी सकपाल ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया, क्योंकि वे जानते थे कि शिक्षा ही एकमात्र रास्ता है जो इस बेड़ियों को तोड़ सकता है।
4. शिक्षा और डिग्रियां (Education & Degrees)
डॉ. अम्बेडकर दुनिया के सबसे शिक्षित व्यक्तियों में से एक थे। उनके पास कुल 32 डिग्रियां थीं और वे 9 भाषाओं के जानकार थे।
विश्वविद्यालय/संस्थान |
डिग्री/विषय |
एल्फिंस्टन हाई स्कूल, मुंबई |
मैट्रिकुलेशन (1907) – पहले अछूत छात्र |
एल्फिंस्टन कॉलेज, मुंबई |
बी.ए. (अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान) |
कोलंबिया विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क |
एम.ए. और पी.एच.डी. (अर्थशास्त्र) |
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स |
एम.एस.सी. और डी.एस.सी. (अर्थशास्त्र) |
ग्रेज़ इन, लंदन |
बैरिस्टर-एट-लॉ (कानून की पढ़ाई) |
डॉ. भीमराव अम्बेडकर: एक अद्वितीय व्यक्तित्व
डॉ. भीमराव अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल, 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था। हालांकि उनका प्रारंभिक जीवन बहुत ही साधारण था, लेकिन उनके विचार और संघर्ष आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करते हैं।
प्रारंभिक जीवन और संघर्ष का सफर
वास्तव में, बाबासाहेब का बचपन चुनौतियों से भरा था क्योंकि वे एक ऐसी जाति से थे जिसे समाज में अछूत माना जाता था। इसके बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी शिक्षा को अपना हथियार बनाया। परिणामस्वरूप, स्कूल में भेदभाव सहने के बाद भी उन्होंने उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाए। इसके बाद, उनके जीवन का संघर्ष केवल व्यक्तिगत न रहकर पूरे समाज की आवाज बन गया।
शिक्षा और असाधारण डिग्रियां
विशेष रूप से, यदि हम उनकी शैक्षणिक योग्यता की बात करें, तो उनके पास कुल 32 डिग्रियां थीं। इतना ही नहीं, वे विदेश से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट करने वाले पहले भारतीय भी बने। उदाहरण के तौर पर, उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से कानून और अर्थशास्त्र की उच्चतम शिक्षा प्राप्त की। अंततः, उनकी विद्वत्ता ने उन्हें भारतीय संविधान का मुख्य वास्तुकार (Father of Indian Constitution) बनाया।
विद्यार्थियों के लिए संक्षिप्त प्रेरणा (Short Biography)
संक्षेप में, अम्बेडकर साहब का जीवन हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा के माध्यम से सफलता प्राप्त की जा सकती है। यही कारण है कि, उन्होंने छात्रों को “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का मूल मंत्र दिया। साथ ही, उन्होंने महिलाओं और वंचित वर्गों को समान अधिकार दिलाने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
