व्याकरण (Grammar) भाषा के स्वरूप को समझने और उसे शुद्ध रूप में प्रयोग करने के लिए ‘व्याकरण’ का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। व्याकरण किसी भी भाषा का रीढ़ की हड्डी (Backbone) माना जाता है। 1. व्याकरण शब्द का अर्थ (Meaning of Vyakaran) ‘व्याकरण’ शब्द की उत्पत्ति संस्कृत भाषा से हुई है। यह शब्द ‘वि’ + ‘आ’ + ‘कृ’ + ‘ल्यूट्’ ...
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वर्ण-विचार(varn-vichar)
वर्ण विचार (Phonology) व्याकरण के चार मुख्य अंगों में से प्रथम और सबसे बुनियादी अंग ‘वर्ण विचार’ (Phonology) है। 1. वर्ण विचार की परिभाषा (Definition) परिभाषा : “व्याकरण का वह विभाग जिसमें वर्णों (ध्वनियों), उनके उच्चारण, वर्गीकरण, संयोग (मेल) और संधि के नियमों का विस्तार से अध्ययन किया जाता है, उसे वर्ण विचार कहते हैं।” वर्ण (Letter) क्या है? भाषा ...
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वर्ण विचार “वर्ण विचार” का अर्थ होता है वर्णों की विशेषता और उनके महत्व को समझना या अध्ययन करना। हर भाषा में वर्णों का महत्वपूर्ण स्थान होता है, क्योंकि वे भाषा के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। “वर्ण” का अर्थ होता है शब्दों की सबसे छोटी संभावित इकाई, जिसे वर्णमाला में प्रतिनिधित किया जाता है। हिंदी में, वर्णों का ...
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